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Noida News: पंजाब में हरियाणा से अधिक जल रही पराली
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15 सितंबर से लेकर 26 नवंबर तक 10,780 पराली जलाने की घटनाएं आईं सामने
सीएक्यूएम की उप-समिति ने बैठक में राज्यों को सख्त निगरानी करने के निर्देश दिए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर ग्रैप लागू है, लेकिन सख्ती के बावजूद इस वर्ष भी पराली जलाने की घटनाएं जारी हैं। पंजाब में 15 सितंबर से 26 नवंबर तक पराली जलाने की 10,780 घटनाएं हुईं। यह हरियाणा से अधिक मामले हैं। इस दौरान हरियाणा में केवल 1,358 पराली जलाने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की उप-समिति ने बृहस्पतिवार को बैठक में पराली जलाने की घटनाओं पर राज्य सरकारों को सख्त निगरानी रखने का निर्देश दिया है। साथ ही, किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने और पराली जलाने की सभी घटनाओं के मामले में सभी निर्धारित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
सीएक्यूएम ने बैठक में पराली जलाने की रोकथाम और नियंत्रण के लिए की गई कार्रवाई की रिपोर्ट की समीक्षा की। इसमें निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निगरानी और जांच करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। वहीं, एनसीआर के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को धूल व वायु प्रदूषण की रोकथाम के निर्देशों के उल्लंघन के मामले में एजेंसियों पर मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। बैठक में तैनात फ्लाइंग स्क्वॉड की ओर से किए गए निरीक्षणों की स्थिति और इसके बाद की कार्रवाई पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें निर्णय लिया गया है कि इस संबंध में दर्ज शिकायतों को मासिक आधार पर आयोग को अवगत कराया जाएगा।
पंजाब में पराली जलाने की दर्ज घटनाएं
2024-- -- -- -- 10,780
2023-- -- -- -- 36,614
2022-- -- -- -- 49,876
-- -- --
हरियाणा में पराली जलाने की दर्ज घटनाएं
2024-- -- -- -- 1,358
2023-- -- -- -- 2,284
2022-- -- -- -- 3,621
(नोट : आंकड़े 15 सितंबर से 26 नवंबर तक के सीएक्यूएम के हैं)
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सीएक्यूएम की उप-समिति ने बैठक में राज्यों को सख्त निगरानी करने के निर्देश दिए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर ग्रैप लागू है, लेकिन सख्ती के बावजूद इस वर्ष भी पराली जलाने की घटनाएं जारी हैं। पंजाब में 15 सितंबर से 26 नवंबर तक पराली जलाने की 10,780 घटनाएं हुईं। यह हरियाणा से अधिक मामले हैं। इस दौरान हरियाणा में केवल 1,358 पराली जलाने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की उप-समिति ने बृहस्पतिवार को बैठक में पराली जलाने की घटनाओं पर राज्य सरकारों को सख्त निगरानी रखने का निर्देश दिया है। साथ ही, किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने और पराली जलाने की सभी घटनाओं के मामले में सभी निर्धारित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
सीएक्यूएम ने बैठक में पराली जलाने की रोकथाम और नियंत्रण के लिए की गई कार्रवाई की रिपोर्ट की समीक्षा की। इसमें निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निगरानी और जांच करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। वहीं, एनसीआर के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को धूल व वायु प्रदूषण की रोकथाम के निर्देशों के उल्लंघन के मामले में एजेंसियों पर मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। बैठक में तैनात फ्लाइंग स्क्वॉड की ओर से किए गए निरीक्षणों की स्थिति और इसके बाद की कार्रवाई पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें निर्णय लिया गया है कि इस संबंध में दर्ज शिकायतों को मासिक आधार पर आयोग को अवगत कराया जाएगा।
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पंजाब में पराली जलाने की दर्ज घटनाएं
2024
2023
2022
हरियाणा में पराली जलाने की दर्ज घटनाएं
2024
2023
2022
(नोट : आंकड़े 15 सितंबर से 26 नवंबर तक के सीएक्यूएम के हैं)