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Noida News: अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ ग्रेनो की ड्रग्स फैक्टरी से विदेश भेजी गई तीन हजार करोड़ की एमडीएमए
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ग्रेनो की ड्रग्स फैक्टरी से विदेश भेजी गई तीन हजार करोड़ की एमडीएमए
- दो शेल कंपनियों के माध्यम से की जाती थी सप्लाई, नाईजीरिया के बैंक खातों में कराते थे पैसे ट्रांसफर
- अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला है नेटवर्क, राष्ट्रीय जांच एजेंसियां भी सक्रिय
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो में चल रही दो ड्रग्स फैक्टरी से करीब तीन हजार करोड़ की मैथाफीटामाइन (एमडीएमए) विदेश भेजने का खुलासा हुआ है। आरोपियों ने चार वर्षों में दो शेल कंपनियों के माध्यम से मादक पदार्थों की सप्लाई की थी। बुधवार को पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि गिरोह का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है। मंगलवार को ओमेगा सेक्टर स्थित मित्रा सोसाइटी में पकड़ी गई ड्रग्स फैक्टरी से लगभग 150 करोड़ रुपये की एमडीएमए बरामद हुई है। मामले में नाइजीरियाई साइमन, केसिएना रिमी और इग्वे साइमन को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले 17 मई को इसी ड्रग्स रैकेट के 10 बदमाशों को गिरफ्तार कर करीब 300 करोड़ की एमडीएमए बरामद की गई थी।
बीटा-2 कोतवाली में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी ड्रग्स की खेप दिल्ली में दो स्थानों पर पहुंचाते थे। जहां दो शेल कंपनियों के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर के अलावा देश के कई इलाकों में मादक पदार्थों की सप्लाई की जाती थी। साथ ही मुंबई बंदरगाह से कार्गो कंपनी के माध्यम से ड्रग्स विदेश भेजी जा रही थी। पुलिस को दिल्ली के दोनों ठिकानों की जांच कर रही है। एमडीएमए की खेप कपड़ों में लपेट कर भेजी जाती था। मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं।
पुलिस की जांच में मित्रा सोसाइटी से पकड़े गए तीनों आरोपियों के पास से अलग-अलग कारोबार करने के लिए वीजा मिले हैं। तीनों दवा का व्यापार करने, कपड़ों का व्यापार करने का वीजा लेकर भारत आए थे। सभी आरोपी कई वर्षों से लगातार आते-जाते रहे हैं।
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पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मित्रा सोसायटी के मकान के दो फ्लोर पर ड्रग्स फैक्ट्री चल रही थी। स्वाट टीम, बीटा-2 व कासना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम मौके से भारी मात्रा में ड्रग्स, केमिकल और कच्चा माल बरामद किया है। जिसकी कीमत 150 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि 17 मई को ड्रग्स की फैक्टरी संचालित करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 10 अफ्रीकी मूल के नागरिकों में शामिल चिडी इजीअग्वा को रिमांड पर लेकर पूछताछ के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचीं थी।
नाईजीरिया के बैंक खातों में कराते थे पैसे ट्रांसफर
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी नाईजीरिया स्थित बैंकों में अपने और परिचितों के खातों में रकम मंगवाते थे। पुलिस को दो आरोपियों के खातों की बहुत बड़ी रकम स्थानांतरित करने की जानकारी मिली है। नोएडा पुलिस ने नाइजीरियाई एंबेसी के जरिये से वहां की पुलिस से इन आरोपियों के खातों की जांच कराने के लिए संपर्क किया है।
किराये पर मकान देने वालों की संलिप्तता की होगी जांच
मकानों में चल रही दोनों फैक्टरियों के गृहस्वामियों ने विदेशी नागरिकों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था। दोनों मकान मालिकों की भी जांच कराई जाएगी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि धारा-160 के तहत उनसे पूछताछ की जाएगी।
विदेशी नागरिकों की होगी जांच
जिले में ड्रग्स फैक्टरी के संचालन में विदेशी नागरिकों की शामिल होने का खुलासा हुआ है। पुलिस बड़ा अभियान चलाकर सभी विदेशी नागरिकों के कार्यों की जांच करेगी। 10 जून तक चलाए जाने वाले अभियान के तहत वीजा की वैधता और कार्यों की जांच की जाएगी। - लक्ष्मी सिंह, पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर
थाना प्रभारियों, चौकी इंचार्ज और बीट प्रभारी की होगी जांच
दो स्थानों पर चार वर्षों से चल रही अवैध ड्रग्स फैक्टरी की भनक पुलिस को नहीं लगी। पुलिस कमिश्नर ने मामले में एक अगस्त 2021 से अब तक तैनात रहे बीटा-दो और सूरजपुर कोतवाली प्रभारियों, चौकी और बीट प्रभारियों की संलिप्तता की जांच के आदेश दिए हैं। मामले में विजिलेंस जांच के साथ विभागीय जांच भी होगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) पर भी होगी कार्रवाई
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि विदेशियों पर नजर रखने के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) से अधिकारी-कर्मचारियों को तैनात किया जाता है। मगर उनकी अक्षमता के कारण विदेशी वीजा खत्म होने के बाद भी जिलों में बने रहते हैं। गौतमबुद्ध नगर में एफआरआरओ के जिन अधिकारी-कर्मचारियों की डयूटी थी, उन्होंने अपना कार्य सही तरीके से नहीं किया। उनके खिलाफ भी कार्रवाई कराई जाएगी। इसके लिए पत्र भेज दिया गया है।
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- दो शेल कंपनियों के माध्यम से की जाती थी सप्लाई, नाईजीरिया के बैंक खातों में कराते थे पैसे ट्रांसफर
- अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला है नेटवर्क, राष्ट्रीय जांच एजेंसियां भी सक्रिय
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो में चल रही दो ड्रग्स फैक्टरी से करीब तीन हजार करोड़ की मैथाफीटामाइन (एमडीएमए) विदेश भेजने का खुलासा हुआ है। आरोपियों ने चार वर्षों में दो शेल कंपनियों के माध्यम से मादक पदार्थों की सप्लाई की थी। बुधवार को पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि गिरोह का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है। मंगलवार को ओमेगा सेक्टर स्थित मित्रा सोसाइटी में पकड़ी गई ड्रग्स फैक्टरी से लगभग 150 करोड़ रुपये की एमडीएमए बरामद हुई है। मामले में नाइजीरियाई साइमन, केसिएना रिमी और इग्वे साइमन को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले 17 मई को इसी ड्रग्स रैकेट के 10 बदमाशों को गिरफ्तार कर करीब 300 करोड़ की एमडीएमए बरामद की गई थी।
बीटा-2 कोतवाली में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी ड्रग्स की खेप दिल्ली में दो स्थानों पर पहुंचाते थे। जहां दो शेल कंपनियों के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर के अलावा देश के कई इलाकों में मादक पदार्थों की सप्लाई की जाती थी। साथ ही मुंबई बंदरगाह से कार्गो कंपनी के माध्यम से ड्रग्स विदेश भेजी जा रही थी। पुलिस को दिल्ली के दोनों ठिकानों की जांच कर रही है। एमडीएमए की खेप कपड़ों में लपेट कर भेजी जाती था। मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं।
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पुलिस की जांच में मित्रा सोसाइटी से पकड़े गए तीनों आरोपियों के पास से अलग-अलग कारोबार करने के लिए वीजा मिले हैं। तीनों दवा का व्यापार करने, कपड़ों का व्यापार करने का वीजा लेकर भारत आए थे। सभी आरोपी कई वर्षों से लगातार आते-जाते रहे हैं।
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पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मित्रा सोसायटी के मकान के दो फ्लोर पर ड्रग्स फैक्ट्री चल रही थी। स्वाट टीम, बीटा-2 व कासना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम मौके से भारी मात्रा में ड्रग्स, केमिकल और कच्चा माल बरामद किया है। जिसकी कीमत 150 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि 17 मई को ड्रग्स की फैक्टरी संचालित करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 10 अफ्रीकी मूल के नागरिकों में शामिल चिडी इजीअग्वा को रिमांड पर लेकर पूछताछ के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचीं थी।
नाईजीरिया के बैंक खातों में कराते थे पैसे ट्रांसफर
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी नाईजीरिया स्थित बैंकों में अपने और परिचितों के खातों में रकम मंगवाते थे। पुलिस को दो आरोपियों के खातों की बहुत बड़ी रकम स्थानांतरित करने की जानकारी मिली है। नोएडा पुलिस ने नाइजीरियाई एंबेसी के जरिये से वहां की पुलिस से इन आरोपियों के खातों की जांच कराने के लिए संपर्क किया है।
किराये पर मकान देने वालों की संलिप्तता की होगी जांच
मकानों में चल रही दोनों फैक्टरियों के गृहस्वामियों ने विदेशी नागरिकों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था। दोनों मकान मालिकों की भी जांच कराई जाएगी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि धारा-160 के तहत उनसे पूछताछ की जाएगी।
विदेशी नागरिकों की होगी जांच
जिले में ड्रग्स फैक्टरी के संचालन में विदेशी नागरिकों की शामिल होने का खुलासा हुआ है। पुलिस बड़ा अभियान चलाकर सभी विदेशी नागरिकों के कार्यों की जांच करेगी। 10 जून तक चलाए जाने वाले अभियान के तहत वीजा की वैधता और कार्यों की जांच की जाएगी। - लक्ष्मी सिंह, पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर
थाना प्रभारियों, चौकी इंचार्ज और बीट प्रभारी की होगी जांच
दो स्थानों पर चार वर्षों से चल रही अवैध ड्रग्स फैक्टरी की भनक पुलिस को नहीं लगी। पुलिस कमिश्नर ने मामले में एक अगस्त 2021 से अब तक तैनात रहे बीटा-दो और सूरजपुर कोतवाली प्रभारियों, चौकी और बीट प्रभारियों की संलिप्तता की जांच के आदेश दिए हैं। मामले में विजिलेंस जांच के साथ विभागीय जांच भी होगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) पर भी होगी कार्रवाई
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि विदेशियों पर नजर रखने के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) से अधिकारी-कर्मचारियों को तैनात किया जाता है। मगर उनकी अक्षमता के कारण विदेशी वीजा खत्म होने के बाद भी जिलों में बने रहते हैं। गौतमबुद्ध नगर में एफआरआरओ के जिन अधिकारी-कर्मचारियों की डयूटी थी, उन्होंने अपना कार्य सही तरीके से नहीं किया। उनके खिलाफ भी कार्रवाई कराई जाएगी। इसके लिए पत्र भेज दिया गया है।