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वातावरण से कार्बन कणों को एकत्र कर प्राकृतिक रंग बनाएंगी मशीनें

Thu, 02 Dec 2021 09:18 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 02 Dec 2021 09:18 PM IST
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Machines will make natural colors by collecting carbon particles from the atmosphere
प्राकृतिक रंगों से स्टार्टअप तैयार कर रही कंपनी की संचालिका के साथ निफ्ट के सीईओ। - फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा। होम एक्सपो में स्टार्टअप कंपनी ट्रू टुमारो (नई दिल्ली) ऐसी तकनीक विकसित करने में जुटी है। जिससे वातावरण में मौजूद पीएम-2.5 और पीएम-10 जैसे कार्बन कणों को एकत्र कर पर्यावरण को लाभ पहुंचाया जाएगा। मशीनों के माध्यम से एकत्र कार्बन कणों से प्राकृतिक रंग बनाए जाएंगे। इनका इस्तेमाल उत्पादों की छपाई में किया जाएगा। कंपनी को कपड़ा मंत्रालय और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी की ओर प्रोत्साहित करने के लिए पवेलियन दिया गया है। सीईओ राहिली सरकार ने बताया कि वह बोस्टन की कंपनी के साथ मिलकर रिसर्च कर रही हैं। इसमें कार्बन कैप्चर टेक्नोलॉजी से उन मशीनों का उपयोग करेंगी, जिससे पीएम-2.5 और पीएम-10 कणों जैसे कणों को वातावरण से एकत्र किया जाएगा। इससे प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी।
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वहीं, कार्बन कणों से तैयार द्रव को इकट्ठा कर प्राकृतिक रंग तैयार किए जाएंगे। प्राकृतिक रंगों के उपयोग से कुशन कवर, सोफा कवर, परदे, तकिये और बैग जैसे उत्पाद तैयार कर बेचे जाएंगे। उन्होंने बताया कि मार्च 2022 तक उत्पाद उतारने की योजना है। कपड़ा मंत्रालय और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी के संयुक्त उपक्रम निफ्ट फाउंडेशन फॉर डिजाइनिंग के सीईओ डॉ. अजीत निगम ने बताया कि कपड़ा मंत्रालय की ओर से उद्योगों का प्रदूषण घटाने की दिशा में यह एक बेहतर उपाय है। इसके लिए मंत्रालय स्टार्टअप कंपनियों का सहयोग कर रहा है।
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हाईराइज इमारतों में फायर सेफ्टी की हो रेटिंग
ग्रेनो नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित फायर इंडिया 2021 एक्सपो में हाईराइज इमारतों में फायर सेफ्टी को बढ़ावा देने के लिए रेटिंग सिस्टम लागू करने की वकालत की। इंस्टीट्यूशन ऑफ फायर इंजीनियर्स की तरफ से आयोजित तीन दिवसीय एक्सपो में बतौर अतिथि पहुंचे सीईओ ने कहा कि जिस तरह ग्रीन बिल्डिंगों की रेटिंग की जाती है, उसी तरह हाईराइज इमारतों में फायर सेफ्टी की भी रेटिंग होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी की रेटिंग देने वाली एजेंसियों के जरिये इस पर अमल किया जा सकता है। वे इमारतों में जितने अग्निशमन उपकरण लगे हों, उसके हिसाब से एक, दो, तीन, चार व पांच रेटिंग दे सकती हैं।
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इस जानकारी को सार्वजनिक भी किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को पता रहे कि कौन सी बिल्डिंग को कितनी रेटिंग मिली है। प्राधिकरण इसमें सहयोग करने को तैयार है। अग्निशमन विभाग इस काम में प्रमुख भूमिका निभा सकता है। सीईओ ने बताया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण की तरफ से हाईराइज इमारतों को ध्यान में रखते हुए करीब 18 करोड़ रुपये की कीमत का 72 मीटर हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म अग्निशमन विभाग को उपलब्ध कराया गया है। ग्रेनो की भवन नियमावली में प्रावधान है कि ऊंचे भवनों का निर्माण कार्य एनबीसी के चैप्टर फोर फायर प्रोटेक्शन के अनुसार होना चाहिए। अग्निशमन विभाग द्वारा जारी फायर सेफ्टी की एनओसी का आकलन करने के बाद ही प्राधिकरण से कंपलीशन या ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी किए जाते हैं। यह कार्यक्रम शनिवार तक चलेगा।
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