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लॉकर केस : पूर्व आईपीएस ने आयकर विभाग की कार्रवाई पर उठाए सवाल

Mon, 14 Feb 2022 01:36 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 14 Feb 2022 01:36 AM IST
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Locker case: Former IPS raised questions on the action of Income Tax Department
सेक्टर-50 में पूर्व आईपीएस आरएन सिंह लॉकर दिखाते हुए।
नोएडा। सेक्टर-50 में एक घर के बेसमेंट में लॉकरों से बेनामी नकदी की बरामदगी के बाद रविवार को सेवानिवृत्त आईपीएस रामनारायण सिंह ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग के छापे से उन्हें या परिवार को कोई परेशानी नहीं है, लेकिन अधिकारियों का तरीका बिल्कुल गलत था। आयकर विभाग के अधिकारी सर्वे के नाम पर आए थे, लेकिन बगैर सर्च वारंट के सभी 665 लॉकर खोल दिए। पुलिस ने भी आयकर विभाग के अधिकारियों से मिलकर लॉकर मालिकों की पिटाई की।
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यूपी पुलिस में डीजी के पद से सेवानिवृत्त रामनारायण सिंह ने रविवार को सेक्टर-50 स्थित घर पर आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि आयकर विभाग के छापे के बाद कई तरह की बातें चल रही थीं। मानसम सिक्योरिटी वॉल्ट पत्नी के नाम पर है। इसका संचालन बेटा करता है। यह पूरी तरीके से कानून व नियम के मुताबिक चलाया जा रहा है। यहां लॉकर किराये पर दिए जाते हैं, लेकिन इनमें क्या है, उन्हें कोई जानकारी नहीं होती है। जैसे बैंक में लॉकर के नियम हैं। ठीक उसी तरह के नियम यहां भी लागू हैं। हम सामान की सुरक्षा की गारंटी लेते हैं। लॉकर से आयकर विभाग को जो भी मिला है उससे हमारा कोई वास्ता नहीं है। आयकर विभाग की टीम 29 जनवरी को सर्वे के लिए आई थी जिसे बाद में छापे में बदल दिया गया।
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उन्होंने दावा किया कि सभी लॉकर मालिकों से नियम के मुताबिक केवाईसी प्रक्रिया पूरी की गई थी। उन्होंने आयकर विभाग पर आरोप लगाया कि बेटे से पहले सात लॉकर खुलवाकर देखे गए और बाद में उनका सर्च वारंट जारी किया गया। इसके बाद सभी 665 लॉकर खोल दिए गए, जबकि नियम के मुताबिक आयकर विभाग को उन्हीं लॉकर को खोलना चाहिए था, जिनका सर्च वारंट हो।
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उन्होंने आयकर टीम के सदस्यों पर सीसीटीवी बंद करवाने व गैरकानूनी तरीका अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने शासन से मांग की यह सिक्योरिटी एजेंसी जैसा ही व्यवसाय है। इसे लेकर पारदर्शी कानून बनाए जाएं और जैसा कि सिक्योरिटी एजेंसी के लिए नियम कानून हैं, उसी तरह से निजी वॉल्ट के लिए भी बनाएं जाएं। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग की टीम ने लॉकरों को गलत तरीके से तोड़ दिया, जबकि ये लॉकर गोदरेज कंपनी के हैं। आयकर विभाग की टीम गोदरेज कंपनी से संपर्क कर भी चाबी मंगवा सकती थी।

‘आयकर अधिकारी कर रहे ब्लैकमेल’
रामनारायण सिंह ने आरोप लगाया कि तीन-चार लॉकर मालिकोेें की पिटाई भी की गई है। इन लोगों के लॉकर से कुछ पेन ड्राइव मिले हैं और मोबाइल से कुछ ऐसे क्लिप लिए गए हैं जिनमें लॉकर मालिकों के आपत्तिजनक वीडियो व तस्वीरें हैं। इस बात के लिए उन्हें आयकर विभाग के अधिकारी ब्लैकमेल कर रहे हैं। ऐसे में लॉकर मालिक वीडियो-तस्वीरों के डर से सामने आकर शिकायत नहीं कर रहे हैं।
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