फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Location of two AQI monitoring centers will be changed

Noida News: एल्विश यादव से संबंधित - पांच कोबरा सांपों की निकाल ली गई थी विष ग्रंथि

Wed, 08 Nov 2023 01:36 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 08 Nov 2023 01:36 AM IST
विज्ञापन
Location of two AQI monitoring centers will be changed
पांच कोबरा सांपों की निकाल ली गई थी विष ग्रंथि
विज्ञापन


- मेडिकल रिपोर्ट से हुआ खुलासा, विषैले नहीं थे बरामद शेष चार सांप
- कोबरा शेड्यूल-एक श्रेणी का वन्य जीव, क्रूरता में सात साल तक सजा

जेपी शर्मा
ग्रेटर नोएडा। एल्विश यादव के खिलाफ दर्ज केस में गिरफ्तार पांच आरोपियों से बरामद नौ में से पांच कोबरा की विष ग्रंथि निकाल ली गई थी। डिप्टी सीवीओ के पैनल के किए गए मेडिकल परीक्षण में यह खुलासा हुआ है। कोबरा शेड्यूल-एक श्रेणी का जीव है और विष ग्रंथि निकालना क्रूरता की श्रेणी में आता है। इस अपराध में दोष सिद्ध होने पर दोषी को सात साल तक की सजा हो सकती है। शेष बरामद चार सांप विषैले नहीं है। सभी सांपों को न्यायालय से अनुमति लेकर जंगल छोड़ दिया गया है।
पीएफए सदस्य गौरव गुप्ता और सौरभ गुप्ता के स्टिंग के बाद पुलिस और वन विभाग की टीम ने सेक्टर-49 थाना क्षेत्र से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले में वायरल ऑडियो और वीडियो के आधार पर पुलिस एल्विश यादव को भी नामजद कर जांच कर रही है।
विज्ञापन


सोमवार को बरामद किए गए सभी नौ सांपों का वन विभाग के अधिकारियों ने डिप्टी सीवीओ के पैनल से मेडिकल परीक्षण कराया। इसमें पता चला कि बरामद किए पांच सांपों की विष ग्रंथि निकाली गई थी। आरोपियों ने कोबरा की विष भी निकाल लिया था। यह पुलिस और वन अधिकारियों के जांच का विषय है कि निकाले गए विष का आरोपी क्या करते थे। आरोपियों से पुलिस ने विष भी बरामद किया था। आरोपियों पर रेव पार्टी आदि में विष बेचने के भी आरोप लगे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


---
पाचन एंजाइम छीनना है विष ग्रंथियों को निकालना
शिकायत दर्ज कराने वाली टीम के शामिल सौरभ गुप्ता का कहना है कि सांपों का जहर निकालकर नशे आदि के लिए बिक्री का अवैध धंधा किया जा रहा था। इसके बाद सांपों का आर्थिक लाभ के लिए पार्टियों में इस्तेमाल किया जा रहा था। सांप के लिए उनकी विष ग्रंथियों को निकालना उनका पाचन एंजाइम छीनना है। यह एक तरह से सभी लार ग्रंथियों को निकालने के समान है। इससे सांपों का पाचन तंत्र खराब हो जाता है।

---
दवा और इत्र बनाने के काम आता है विष
सांप का विष एंटी वेनम और कैंसर पेंशेंट के लिए दवा बनाने के काम आता है। इसके अलावा लोग सांप के विष का उपयोग नशे के लिए करते हैं। काॅस्टमेटिक के सामान और कीमती इत्र में भी इसका प्रयोग किया जाता है। कोबरा शेड्यूल-एक श्रेणी का जीव है। विष ग्रंथि निकालना क्रूरता है। इस अपराध में दोषी को सात साल तक की सजा हो सकती है। - विशाल गौतम, एडवोकेट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed