फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Loan increased three times in five years to Rs 1.27 lakh crore

Noida News: पांच वर्षों में तीन गुना बढ़कर 1.27 लाख करोड़ पहुंचा कर्ज

Thu, 14 Mar 2024 08:11 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 14 Mar 2024 08:11 PM IST
विज्ञापन
Loan increased three times in five years to Rs 1.27 lakh crore
2019 वित्तीय वर्ष में जिले के लोगों पर 42 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था
विज्ञापन

रिपोर्ट में इन पांच वर्षों में सबसे अधिक बिजनेस व होम लोन लेने वाले बढ़े
माई सिटी ब्यूरो
नोएडा। कर्ज का बोझ बीते पांच वर्षों में चिंताजनक दर से बढ़ा है। 2019 वित्तीय वर्ष में जिले के लोगों पर 42 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था जोकि 2024 फरवरी अंत तक बढ़कर 1.27 लाख करोड़ पहुंच गया है। लीड बैंक द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि इन पांच वर्षों में सबसे अधिक बिजनेस व होम लोन लेने वाले बढ़े हैं। वहीं हाल ही के वर्षों में एग्रीकल्चर व पर्सनल लोन लेने वाले लोगों की संख्या में भी खासा बढ़ोतरी हुई है। हालांकि कोरोना के दौरान पर्सनल लोन वाले लोगों की संख्या में खासा इजाफा देखने को मिला था लेकिन फिलहाल सामान्य है।

लोगों में कर्ज लेने की प्रवृत्ति इतनी तेजी से बढ़ रही है कि इस वर्ष के शुरुआती दो माह में ही तीन हजार करोड़ रुपये का लोन जिले के लोग ले चुके हैं। लीड बैंक द्वारा जारी रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि 2020-2021 और 2021-2022 के वित्तीय वर्ष में पर्सनल लोन कुल लोन का 25 प्रतिशत तक पहुंच गया था। आर्थिक तंगी से उभरने के लिए लोगों ने पर्सनल लोन लिया। बदलते हालातों के बाद धीरे-धीरे पर्सनल लोन का आंकड़ा कम होता गया। लीड बैंक मैनेजर विदुर भल्ला बताते हैं कि वर्तमान की स्थिति की बात करें तो स्थिति ठीक है। बैंकों के पास लोगों को लोन देने के लिए पर्याप्त मात्रा में रकम है। जिले में फिल्हाल 1.90 लाख करोड़ रुपये की राशि बैंकों में जमा है, जोकि किसी जिले के लिए काफी अच्छी स्थिति है। वहीं जानकारों के अनुसार, कर्ज की बढ़ती स्थिति को चिंताजनक माना जा रहा है। जेएनयू विश्वविद्यालय से रिटायर्ड प्रोफेसर और अर्थशास्त्री अरुण कुमार बताते हैं कि पांच वर्ष में किसी जिले में यदि तीन गुना तक कर्ज बढ़ा हो तो यह काफी चिंताजनक बात है। बिजनेस लोन की श्रेणी को हटा भी दिया जाए तो करीब 60 प्रतिशत अन्य लोन लिया गया है। 2019 में रेपोरेट 5.75 प्रतिशत तक था जो कि इन वर्षों में बढ़कर 6.50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। रेपोरेट 1.75 प्रतिशत अधिक होने के बाद भी लोग लोन लेने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
विज्ञापन


इस श्रेणी में विभाजित है लोन

बिजनेस लोन -40 प्रतिशत
होम लोन- 25 प्रतिशत
पर्सनल लोन- 15 प्रतिशत
एग्रीकल्चर- 10 प्रतिशत
अन्य - 10 प्रतिशत


------
ऐसे बढ़ता गया कर्ज

2019-2020-- 42 हजार करोड़
2020-2021- 58 हजार करोड़
2021-2022- 72 हजार करोड़
2022-2023- 96 हजार करोड़
2023- 2024 अब तक - 1.27 लाख करोड़
--------------

पांच वर्षों में बढ़कर तीन प्रतिशत पहुंचा एजुकेशन लोन
जिले में कुल लोन का तीन प्रतिशत हिस्सा एजुकेशन लोन का है। 2019 में यह डेढ़ प्रतिशत था जोकि 2024 की फरवरी तक बढ़कर तीन प्रतिशत पहुंच गया है। लीड बैंक के अनुसार, हर वर्ष एजुकेशन लोन में मामूली बढ़ोतरी हो रही है। वहीं एग्रीकल्चर के लिए भी कर्ज का आंकड़ा 10 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed