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दिवाली की तरह छठ पर्व दिव्यता से भरपूर होगा : सीएम
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रेखा गुप्ता ने कहा - पांच साल बाद यमुना किनारे मनेगी छठ, 17 मॉडल छठ घाट बनाए जा रहे
छठ पूजा कर रहे श्रद्धालुओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे
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1000 से अधिक छठ घाट बनाए जा रहे
200 घाटों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि इस बार दिवाली की तरह श्रद्धा व आस्था का छठ पर्व दिव्यता से भरपूर होगा। सरकार ने पांच साल बाद यमुना किनारे छठ पर्व मनवाने के लिए व्यापक व विस्तृत तैयारी पूरी कर ली है।
इस बार पूरी दिल्ली में 1000 से अधिक छठ घाट बनाए जा रहे हैं जिसमें यमुना किनारे 17 विशेष व भव्य मॉडल घाट तैयार हो रहे हैं। सरकार की ओर से प्रत्येक जिले में भी कम से कम एक मॉडल घाट बनाया जा रहा है। करीब 200 घाटों पर छठ पूजा से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। कुछ साल पूर्व यमुना पर छठ पूजा कर रहे श्रद्धालुओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। सरकार ने इन मुकदमों को वापस लेने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित प्रेसवार्ता में छठ पूजा के आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार इस बार छठ पर्व को भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारी कर रही है। वर्षों से यमुना पर छठ पूजा पर लगा सरकारी प्रतिबंध इस बार हटा दिया गया है। अब सरकार स्वयं श्रद्धालुओं के लिए यमुना किनारे सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ पूजा स्थलों का निर्माण कर रही है। यमुना तट पर पल्ला से लेकर कालिंदी कुंज तक कुल 17 प्रमुख स्थलों पर मॉडल छठ घाट बनाए जा रहे हैं। आबादी कि हिसाब से इन घाटों की लंबाई आधे किलोमीटर से लेकर डेढ़ किलोमीटर तक होगी। इसके अलावा प्रत्येक जिले और उपजिले में कम से कम एक मॉडल छठ घाट अवश्य बनाया जाएगा। कॉन्फ्रेंस में उनके साथ दिल्ली सरकार के विकास व पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा व मुख्य सचेतक अभय वर्मा भी मौजूद रहे।
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धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछली बार जहां केवल 929 घाटों पर छठ पूजा हुई थी। वहीं, इस वर्ष अब तक एक हजार से अधिक समितियों ने सरकार से आयोजन की अनुमति मांगी है। इन सभी घाटों पर सरकार की ओर से टेंट, बिजली, स्वच्छता, पेयजल और शौचालय जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। छठ व्रतियों व श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए इस बार भव्य स्वागत द्वार बनाए जाएंगे जहां पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया जाएगा। करीब 200 से अधिक घाटों पर धार्मिक वातावरण के अनुरूप भोजपुरी तथा मैथिली भाषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार यह पहली बार होगा जब दिल्ली सरकार स्वयं इतने बड़े पैमाने पर धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनेगी। अधिकतर स्थलों पर मोबाइल शौचालय, सफाईकर्मी और चिकित्सा वैन की तैनाती रहेगी।
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छठ पूजा कर रहे श्रद्धालुओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे
1000 से अधिक छठ घाट बनाए जा रहे
200 घाटों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि इस बार दिवाली की तरह श्रद्धा व आस्था का छठ पर्व दिव्यता से भरपूर होगा। सरकार ने पांच साल बाद यमुना किनारे छठ पर्व मनवाने के लिए व्यापक व विस्तृत तैयारी पूरी कर ली है।
इस बार पूरी दिल्ली में 1000 से अधिक छठ घाट बनाए जा रहे हैं जिसमें यमुना किनारे 17 विशेष व भव्य मॉडल घाट तैयार हो रहे हैं। सरकार की ओर से प्रत्येक जिले में भी कम से कम एक मॉडल घाट बनाया जा रहा है। करीब 200 घाटों पर छठ पूजा से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। कुछ साल पूर्व यमुना पर छठ पूजा कर रहे श्रद्धालुओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। सरकार ने इन मुकदमों को वापस लेने का निर्णय लिया है।
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित प्रेसवार्ता में छठ पूजा के आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार इस बार छठ पर्व को भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारी कर रही है। वर्षों से यमुना पर छठ पूजा पर लगा सरकारी प्रतिबंध इस बार हटा दिया गया है। अब सरकार स्वयं श्रद्धालुओं के लिए यमुना किनारे सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ पूजा स्थलों का निर्माण कर रही है। यमुना तट पर पल्ला से लेकर कालिंदी कुंज तक कुल 17 प्रमुख स्थलों पर मॉडल छठ घाट बनाए जा रहे हैं। आबादी कि हिसाब से इन घाटों की लंबाई आधे किलोमीटर से लेकर डेढ़ किलोमीटर तक होगी। इसके अलावा प्रत्येक जिले और उपजिले में कम से कम एक मॉडल छठ घाट अवश्य बनाया जाएगा। कॉन्फ्रेंस में उनके साथ दिल्ली सरकार के विकास व पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा व मुख्य सचेतक अभय वर्मा भी मौजूद रहे।
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धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछली बार जहां केवल 929 घाटों पर छठ पूजा हुई थी। वहीं, इस वर्ष अब तक एक हजार से अधिक समितियों ने सरकार से आयोजन की अनुमति मांगी है। इन सभी घाटों पर सरकार की ओर से टेंट, बिजली, स्वच्छता, पेयजल और शौचालय जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। छठ व्रतियों व श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए इस बार भव्य स्वागत द्वार बनाए जाएंगे जहां पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया जाएगा। करीब 200 से अधिक घाटों पर धार्मिक वातावरण के अनुरूप भोजपुरी तथा मैथिली भाषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार यह पहली बार होगा जब दिल्ली सरकार स्वयं इतने बड़े पैमाने पर धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनेगी। अधिकतर स्थलों पर मोबाइल शौचालय, सफाईकर्मी और चिकित्सा वैन की तैनाती रहेगी।