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सपा नेता के बेटे की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
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ग्रेटर नोएडा। जिला न्यायालय ने सपा नेता महेश भाटी के बेटे और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सुपरवाइजर मोहित भाटी की हत्या के दोषी पुनीत को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। केस में आरोपी एक नाबालिग के संबंध में मामला अभी किशोर न्यायालय में विचाराधीन है। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट एडीजे द्वितीय ज्योत्सना सिंह ने दोषी पर दस हजार का जुर्माना भी लगाया है। केस की सुनवाई के दौरान एक चश्मदीद समेत 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे।
मोहित पक्ष के अधिवक्ता पूर्व डीजीसी चमन प्रकाश शर्मा ने बताया कि लुहारली गांव निवासी महेश भाटी का पुत्र मोहित ग्रेनो प्राधिकरण में सुपरवाइजर था। 27 नवंबर 2018 को वह प्राधिकरण आफिस से घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने तलाश शुरू की। मोहित का शव गांव से कुछ दूरी पर कार में मिला। जांच में पता चला कि मोहित को तीन गोलियां मारी गई थीं। इसमें एक सीने और दो पीठ में लगी थीं। मामले में दादरी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने जांच की और आरोपी पुनीत भाटी, एक अन्य नाबालिग को गिरफ्तार किया। पुनीत भाजपा नेता का रिश्तेदार बताया गया था। घटना के मुख्य गवाह चंद्रहास ने पुलिस को बताया कि उसने मोहित व पुनीत को कार में देखा था। कार की पिछली सीट पर एक और व्यक्ति बैठा था। वह व्यक्ति पुलिस जांच में नाबालिग निकला। पुलिस ने पुनीत और नाबालिग को गिरफ्तार कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
हत्याकांड के बाद एक भाई की हत्या और दूसरे की संदिग्ध हालात में मौत
मोहित हत्याकांड के गवाह महेश भाटी के भाई उमेश भाटी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। परिजन ने हत्या का आरोप लगाया था और पुलिस ने हादसे में मौत का दावा किया था। इसके बाद महेश भाटी के दूसरे भाई दिनेश की 9 मई 2021 को ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इसके चलते महेश भाटी ने तीनों केस की सीबीआई जांच की मांग केंद्र सरकार से की थी। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखा था लेकिन सीबीआई जांच नहीं की गई।
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मोहित पक्ष के अधिवक्ता पूर्व डीजीसी चमन प्रकाश शर्मा ने बताया कि लुहारली गांव निवासी महेश भाटी का पुत्र मोहित ग्रेनो प्राधिकरण में सुपरवाइजर था। 27 नवंबर 2018 को वह प्राधिकरण आफिस से घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने तलाश शुरू की। मोहित का शव गांव से कुछ दूरी पर कार में मिला। जांच में पता चला कि मोहित को तीन गोलियां मारी गई थीं। इसमें एक सीने और दो पीठ में लगी थीं। मामले में दादरी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने जांच की और आरोपी पुनीत भाटी, एक अन्य नाबालिग को गिरफ्तार किया। पुनीत भाजपा नेता का रिश्तेदार बताया गया था। घटना के मुख्य गवाह चंद्रहास ने पुलिस को बताया कि उसने मोहित व पुनीत को कार में देखा था। कार की पिछली सीट पर एक और व्यक्ति बैठा था। वह व्यक्ति पुलिस जांच में नाबालिग निकला। पुलिस ने पुनीत और नाबालिग को गिरफ्तार कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
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हत्याकांड के बाद एक भाई की हत्या और दूसरे की संदिग्ध हालात में मौत
मोहित हत्याकांड के गवाह महेश भाटी के भाई उमेश भाटी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। परिजन ने हत्या का आरोप लगाया था और पुलिस ने हादसे में मौत का दावा किया था। इसके बाद महेश भाटी के दूसरे भाई दिनेश की 9 मई 2021 को ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इसके चलते महेश भाटी ने तीनों केस की सीबीआई जांच की मांग केंद्र सरकार से की थी। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखा था लेकिन सीबीआई जांच नहीं की गई।
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