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Noida News: नर्स की हत्या के दोषियों को आजीवन कारावास
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नर्स की हत्या के दोषियों को आजीवन कारावास
- जनवरी 2016 में साबौता गांव में गला दबाकर हत्या के बाद खेत में फेंक दिया था नर्स का शव
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला न्यायालय में एससी-एसटी एक्ट विशेष न्यायाधीश ज्योत्सना सिंह की अदालत ने अगवा कर नर्स की हत्या के मामले में जेवर निवासी महेन्द्र और विनोद दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर पांच हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड नहीं अदा करने पर दोनों को दो माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। जेवर के साबौता गांव में वर्ष 2016 में वारदात हुई थी।
विशेष लोक अभियोजक श्याम सिंह चौधरी ने बताया कि 4 जनवरी 2016 में जेवर के रतन सिंह ने बेटी ललतेश (20) के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। ललतेश जेवर के अस्पताल में नर्स की ड्यूटी जाने के दौरान लापता हो गई थी। बाद में उसका शव साबौता गांव के खेत में मिला। मामले में पुलिस ने महेन्द्र और विनोद को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला कि दोनों ललतेश पर बुरी नजर रखते थे। ललतेश उनसे दूर रहती थी। दोनों ने नर्स का अपहरण कर गला दबाकर हत्या कर उसका शव खेत में फेंक दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। सुनवाई के दौरान कुल 14 गवाह पेश हुए। गवाह एवं साक्ष्यों के आधार पर ललतेश की हत्या में दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा सुनने के बाद दोनों दोषी महेन्द्र व विनोद जमीन पर बैठ कर रोने लगे। दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है।
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- जनवरी 2016 में साबौता गांव में गला दबाकर हत्या के बाद खेत में फेंक दिया था नर्स का शव
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला न्यायालय में एससी-एसटी एक्ट विशेष न्यायाधीश ज्योत्सना सिंह की अदालत ने अगवा कर नर्स की हत्या के मामले में जेवर निवासी महेन्द्र और विनोद दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर पांच हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड नहीं अदा करने पर दोनों को दो माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। जेवर के साबौता गांव में वर्ष 2016 में वारदात हुई थी।
विशेष लोक अभियोजक श्याम सिंह चौधरी ने बताया कि 4 जनवरी 2016 में जेवर के रतन सिंह ने बेटी ललतेश (20) के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। ललतेश जेवर के अस्पताल में नर्स की ड्यूटी जाने के दौरान लापता हो गई थी। बाद में उसका शव साबौता गांव के खेत में मिला। मामले में पुलिस ने महेन्द्र और विनोद को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला कि दोनों ललतेश पर बुरी नजर रखते थे। ललतेश उनसे दूर रहती थी। दोनों ने नर्स का अपहरण कर गला दबाकर हत्या कर उसका शव खेत में फेंक दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। सुनवाई के दौरान कुल 14 गवाह पेश हुए। गवाह एवं साक्ष्यों के आधार पर ललतेश की हत्या में दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा सुनने के बाद दोनों दोषी महेन्द्र व विनोद जमीन पर बैठ कर रोने लगे। दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है।
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