{"_id":"6aa2cf7e26d995d49b0a6ea5","slug":"life-imprisonment-for-accused-in-kidnapping-and-murder-case-innocent-child-strangled-to-death-in-greater-noida-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहरण-हत्या के आरोपी को उम्रकैद: गला दबाकर मासूम को मारा, दो साल की बच्ची को बैग में भरकर हो गया था फरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपहरण-हत्या के आरोपी को उम्रकैद: गला दबाकर मासूम को मारा, दो साल की बच्ची को बैग में भरकर हो गया था फरार
Thu, 10 Sep 2026 09:54 PM IST
Digvijay Singh
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
Published by: Digvijay Singh
Updated Thu, 10 Sep 2026 09:54 PM IST
सार
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव की अदालत ने थाना सूरजपुर क्षेत्र में करीब तीन साल पहले हुए एक बच्ची की अपहरण व हत्या के बहुचर्चित मामले में आरोपी राघवेन्द्र सिंह उर्फ राघव को दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव की अदालत ने थाना सूरजपुर क्षेत्र में करीब तीन साल पहले हुए एक बच्ची की अपहरण व हत्या के बहुचर्चित मामले में आरोपी राघवेन्द्र सिंह उर्फ राघव को दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषी को छह माग की अतिरिक्त सजा भुगतना होगी।
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार 7 अप्रैल 2023 को शिवकुमार की पत्नी मंजू अपनी करीब दो वर्षीय पुत्री मानसी और सात माह के पुत्र को घर पर छोड़कर बाजार सामान लेने गई थीं। घर लौटने पर मानसी कमरे में नहीं मिली। परिवार और पड़ोसियों ने काफी तलाश की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला। 8 अप्रैल 2023 को शिवकुमार ने थाना सूरजपुर में तहरीर देकर अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। परिवार गांव देवला में चरन सिंह के मकान में किराए पर रहता था। जहां आरोपी राघवेन्द्र भी कमरा नंबर-11 में अकेला रहता था। 9 अप्रैल 2023 को आरोपी के कमरे से दुर्गंध आने और दरवाजे के नीचे से खून रिसने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और ताला तोड़कर तलाशी ली थी। दरवाजे के पीछे हैंगर पर टंगे एक पिट्ठू बैग में मासूम मानसी का शव बरामद हुआ था। इस दौरान आरोपी मौके से गायब था और फरार हो गया था।
विज्ञापन
पुलिस ने 11 अप्रैल 2023 को आरोपी को गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से उस समय गिरफ्तार किया था जब आरोपी अपने मूल निवास स्थान बलिया जाने की फिराक में था। पूछताछ में आरोपी ने अपनी रसोई की स्लैब के नीचे डिब्बों के पीछे छिपाकर रखी गई एक खून से सनी शॉल बरामद कराई थी। जिससे कथित तौर पर बच्ची का मुंह बांधकर व गला घोंटकर हत्या की गई थी। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच में शॉल पर मानव रक्त की पुष्टि हुई थी।
विज्ञापन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मासूम की मौत मुंह व नाक बंद करने और हाथ से गला दबाने से उत्पन्न श्वासावरोध (एस्फिक्सिया) से हुई थी। शव पर चोट के निशान भी मिले थे। डीसीजी अपराध ब्रह्मजीत भाटी ने बताया कि मामले में अभियोजन पक्ष ने वादी समेत कुल 12 लोगों की गवाही कराई। किसी भी प्रत्यक्षदर्शी ने आरोपी को हत्या करते नहीं देखा था। इसलिए मामला पूरी तरह परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित रहा। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के 'शरद बिरधीचंद सारदा बनाम महाराष्ट्र राज्य' मामले का हवाला देते हुए कहा कि परिस्थितियों की अखंड श्रृंखला आरोपी की दोषिता के अतिरिक्त किसी अन्य संभावना को खारिज करती है। बचाव पक्ष ने आरोपी की पत्नी रेखा सिंह को गवाह के रूप में पेश कर तर्क दिया कि कमरे में कभी ताला नहीं लगता था और घटना के समय वह गांव में थी, इसलिए उसकी जानकारी प्रत्यक्ष नहीं बल्कि सुनी-सुनाई बातों पर आधारित थी। अदालत ने इस गवाही को अविश्वसनीय मानते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने मामले को दुर्लभतम श्रेणी में न मानते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
फिरौती के लिए बच्ची का किया था अपहरण
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि घटना से पूर्व उसकी नौकरी छूट गई थी। उसे पैसों की जरूरत थी। इसी दौरान पता चला कि उसके पड़ोसी शिवकुमार के खाते में 10-12 लाख रुपये हैं। उसने शिवकुमार की बच्ची के अपहरण की साजिश रची। 10 लाख रुपये की फिरौती मांगनी थी। उसने बच्ची का अपहरण कर घर में बंधक बनाकर रखा था। जब मामले ने तूल पकड़ा तो वह घबरा गया और पकड़े जाने के डर से उसने बच्ची की हत्या कर दी थी।