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Noida News: पैसे लेकर कम आय का प्रमाण पत्र बना रहे लेखपाल
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पैसे लेकर कम आय का प्रमाणपत्र बना रहे लेखपाल
-जिलाधिकारी ने शिकायत मिलने पर सभी एसडीएम को दिए जांच के निर्देश
-सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रमाण-पत्र में दिखा रहे कम आय
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिले की तहसीलों में लेखपालों पर पैसे लेकर कम आय का प्रमाणपत्र जारी करने का आरोप लगा है। ट्विटर पर भी लोगों ने जिलाधिकारी से तहसील स्तर पर गलत आय प्रमाणपत्र बनने की शिकायत की है। आरोप है कि इन गलत प्रमाण पत्रों का सरकारी योजनाओं में प्रयोग हो रहा है। वहीं, शिकायत आने के बाद बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी ने तीनों एसडीएम को जांच करने का निर्देश दिया है।
जिले में इस समय शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में दाखिले चल रहे है। साथ ही अन्य सरकारी योजनाएं भी संचालित है। जहां गरीब लोगों को लाभ दिया जाना है। आरोप है कि इसके लिए गलत आय प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को एक व्यक्ति ने ट्विटर पर जिलाधिकारी से शिकायत की। आरोप लगाया कि तहसील में लेखपाल 4 से 5 हजार रुपये लेकर 10 हजार रुपये वार्षिक आय वाले प्रमाणपत्र बना रहे है। इस तरह की कई और शिकायत आने और ट्विटर पर भी शिकायत आने के बाद बृहस्पतिवार को डीएम मनीष कुमार वर्मा ने दादरी, सदर और जेवर तहसील के एसडीएम को जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिए है।
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वर्जन............
जिलाधिकारी के आदेश पर शिकायतों की जांच की जा रही है। एक शिकायत की जांच की गई है। जिसमें आरोप सही नहीं मिले है। आय प्रमाण पत्र गलत बनाने की अन्य शिकायतों की भी जांच की जा रही है। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
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अंकित कुमार, उप जिलाधिकारी सदर
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-जिलाधिकारी ने शिकायत मिलने पर सभी एसडीएम को दिए जांच के निर्देश
-सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रमाण-पत्र में दिखा रहे कम आय
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिले की तहसीलों में लेखपालों पर पैसे लेकर कम आय का प्रमाणपत्र जारी करने का आरोप लगा है। ट्विटर पर भी लोगों ने जिलाधिकारी से तहसील स्तर पर गलत आय प्रमाणपत्र बनने की शिकायत की है। आरोप है कि इन गलत प्रमाण पत्रों का सरकारी योजनाओं में प्रयोग हो रहा है। वहीं, शिकायत आने के बाद बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी ने तीनों एसडीएम को जांच करने का निर्देश दिया है।
जिले में इस समय शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में दाखिले चल रहे है। साथ ही अन्य सरकारी योजनाएं भी संचालित है। जहां गरीब लोगों को लाभ दिया जाना है। आरोप है कि इसके लिए गलत आय प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को एक व्यक्ति ने ट्विटर पर जिलाधिकारी से शिकायत की। आरोप लगाया कि तहसील में लेखपाल 4 से 5 हजार रुपये लेकर 10 हजार रुपये वार्षिक आय वाले प्रमाणपत्र बना रहे है। इस तरह की कई और शिकायत आने और ट्विटर पर भी शिकायत आने के बाद बृहस्पतिवार को डीएम मनीष कुमार वर्मा ने दादरी, सदर और जेवर तहसील के एसडीएम को जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिए है।
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वर्जन............
जिलाधिकारी के आदेश पर शिकायतों की जांच की जा रही है। एक शिकायत की जांच की गई है। जिसमें आरोप सही नहीं मिले है। आय प्रमाण पत्र गलत बनाने की अन्य शिकायतों की भी जांच की जा रही है। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
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अंकित कुमार, उप जिलाधिकारी सदर