फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   lampi virus spread in animals

लंपी वायरस की चपेट में मवेशी

Thu, 18 Aug 2022 10:33 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 18 Aug 2022 10:33 PM IST
विज्ञापन
lampi virus spread in animals
नूंह। कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ कि इन दिनों जानवरों में फैला लंपी स्किन वायरस चिंता का सबब बन गया है। लंपी स्किन वायरस पुन्हाना खंड के गांव बिछौर सहित कई गांवों में पैर पसार चुका है। जिसकी वजह से स्वास्थ्य विभाग और पशु पालकों की चिंता बढ़ गई है। ये रोग पशुओं के लिए लाइलाज बीमारी बनकर सामने आया हैं। ग्रामीण पशुओं में इस तरह की बीमारी को देखकर घबरा रहें है। पशुओं में धब्बेनुमा चकत्ते को देखकर वह लगातार पशुपालक डॉक्टरों से अपने पशु का इलाज कराने में लगे हुए हैं। इसके एवज में डॉक्टरों द्वारा ग्रामीणों से मोटी रकम वसूली जा रही ही।
विज्ञापन

बिछौर निवासी प्रेमचंद, रोहतश, दीपक, रमजान, दिनेश, सरफू, अप्पू सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि इस रहस्यमयी बीमारी के कारण उनके गोवंश करीब एक महीने से पीड़ित है। गोवंशों ने चारा खाना बंद कर दिया है। जिससे उन्हें काफी कमजोरी भी हो रही है। दुधारू गोवंश का इस बीमारी के चलते दूध भी कम हो गया है। क्षेत्रीय डॉक्टरों द्वारा इलाज के तौर पर उपचार किया जा रहा है। पशुओं की स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टरों को निजी खर्चे पर बुलाकर पशुओं का इलाज कराया जा रहा है जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। विभाग की तरफ से उन्हें कोई सहायता नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक अभी तक किसी भी पशु की मौत का मामला सामने नहीं आया है। हर उम्र और हर वर्ग के पशु को ये बीमारी हो रही है। जानकारी के मुताबिक इससे पहले इस वायरस के चलते राजस्थान में कई लाख पशु इस बीमारी की चपेट में है। अब ये वायरस हरियाणा के मेवात जिले तक आ पहुंचा है।
विज्ञापन

पशुपालन विभाग के चिकित्सक की राय
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. नरेन्द्र सिंह यादव का कहना है कि यह एक वायरस है। इसके लिए जिले में 25 टीमों का गठन किया गया है। जो हर गांव में जाकर प्रत्येक पशु पर नजर रख रही है। अभी तक इसके बारे में कोई खास जानकारी सामने नहीं आई है। बस पशु के शरीर पर चकत्ते पड़ते हैं और वो बीमार हो जाता है और तेजी से बुखार आता है। इस दौरान नजदीकी डॉक्टरों से बुखार का समय समय पर टीका लगवाएं। पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए नीम व लाल दवाई डालकर नहलाएं। उन्होंने कहा कि जिले में अभी तक पांच केस लंपी वायरस के पशुओं में दर्ज किए गए है। जो पुलिस द्वारा पकड़े गए गोवंश में मिले है। जिन्हें अलग किया हुआ है ताकि यह वायरस जिले में न फैल सके। कुल मिलाकर अगर विभाग ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए तो यह बीमारी एक भयंकर महामारी का रूप ले सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कैसे फैलता है लंपी स्किन वायरस?
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये वायरस मच्छर और मक्खी के काटने से एक पशु के शरीर से दूसरे पशु के शरीर में फैल सकता है। इसके अलावा पशुओं की लार के संपर्क में आने से दूसरे पशु में ये वायरस फैल सकता है। हरियाणा का मेवात जिला राजस्थान सीमा से सटा जिला है, ऐसे में यहां बीमारी की ज्यादा संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed