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किसलय ने पुलिस को किया व्हाट्सएप, कोई और नोटिस हो तो भेजो
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नोएडा। जिले की सबसे बड़ी चोरी के मामले में घिरे किसलय पांडेय व उसके परिवार के लोगों ने कमिश्नरेट पुलिस को नोटिस जवाब नहीं दिया, लेकिन किसलय ने पुलिस को व्हाट्सएप पर रिप्लाई करते हुए लिखा है कि कोई और भी नोटिस हो तो व्हाट्स एप कर दो। अब पांडेय परिवार के खिलाफ पुलिस दोबारा से नोटिस भेजने व चस्पा करने की तैयारी में है। बृहस्पतिवार दोपहर तक नोटिस भेज दिया जाएगा।
इधर, एक वकील ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर पांडेय परिवार को नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन की मोहलत देने की मांग की। पुलिस ने इससे साफ मना कर दिया। साथ ही, पांडेय परिवार को पुलिस के समक्ष आने के लिए कहा। वहीं, किसलय पांडेय व उसके परिवार ने कोर्ट में रिट दायर कर पुलिस पर परेशान करने का आरोप लगाया था। इसका जवाब पुलिस ने दे दिया है जिसमें किसलय के सभी आरोपों से इनकार किया गया है। पुलिस की जांच में यह पता चली है कि पांडेय परिवार ने कैश को गोल्ड में बदला था। यह काम किसी रिफाइनरी संचालक के माध्यम से किया गया था। पुलिस उस रिफाइनरी के बारे में पता लगा रही है। वहीं, अभी तक इस मामले में चोरी का मास्टरमाइंड गोपाल व उसके अन्य साथी तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है।
चोरी के अगले दिन फ्लैट पर गया था राममणि
पुलिस की जांच में पता चला है कि अगस्त में जिस दिन पूर्वांचल सिल्वर सिटी सोसाइटी के टावर पांच के फ्लैट नंबर 301 में चोरी हुई थी। उसके अगले ही दिन राममणि पांडेय वहां पहुंचा था। उसने फ्लैट में जांच की, लेकिन पूरे मामले पर चुप्पी साधे रहा। किसी को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई। यह फ्लैट फरवरी 2020 में राममणि ने योग गुरु कृष्ण मुरारी के नाम पर लिया था। इसके बाद यहां राममणि की पत्नी संजू पांडेय अपने विला में रखे कैश व जेवर को धीरे-धीरे सिल्वर सिटी वाले फ्लैट में शिफ्ट करने लगी। इसके बाद अगस्त में जब भारी मात्रा में गोल्ड व कैश एक साथ लेकर संजू आई तो मदद करने के दौरान उसके चालकों व कर्मचारियों को थोड़ा शक हुआ था।
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इधर, एक वकील ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर पांडेय परिवार को नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन की मोहलत देने की मांग की। पुलिस ने इससे साफ मना कर दिया। साथ ही, पांडेय परिवार को पुलिस के समक्ष आने के लिए कहा। वहीं, किसलय पांडेय व उसके परिवार ने कोर्ट में रिट दायर कर पुलिस पर परेशान करने का आरोप लगाया था। इसका जवाब पुलिस ने दे दिया है जिसमें किसलय के सभी आरोपों से इनकार किया गया है। पुलिस की जांच में यह पता चली है कि पांडेय परिवार ने कैश को गोल्ड में बदला था। यह काम किसी रिफाइनरी संचालक के माध्यम से किया गया था। पुलिस उस रिफाइनरी के बारे में पता लगा रही है। वहीं, अभी तक इस मामले में चोरी का मास्टरमाइंड गोपाल व उसके अन्य साथी तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है।
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चोरी के अगले दिन फ्लैट पर गया था राममणि
पुलिस की जांच में पता चला है कि अगस्त में जिस दिन पूर्वांचल सिल्वर सिटी सोसाइटी के टावर पांच के फ्लैट नंबर 301 में चोरी हुई थी। उसके अगले ही दिन राममणि पांडेय वहां पहुंचा था। उसने फ्लैट में जांच की, लेकिन पूरे मामले पर चुप्पी साधे रहा। किसी को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई। यह फ्लैट फरवरी 2020 में राममणि ने योग गुरु कृष्ण मुरारी के नाम पर लिया था। इसके बाद यहां राममणि की पत्नी संजू पांडेय अपने विला में रखे कैश व जेवर को धीरे-धीरे सिल्वर सिटी वाले फ्लैट में शिफ्ट करने लगी। इसके बाद अगस्त में जब भारी मात्रा में गोल्ड व कैश एक साथ लेकर संजू आई तो मदद करने के दौरान उसके चालकों व कर्मचारियों को थोड़ा शक हुआ था।
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