{"_id":"5d14f3f78ebc3e3cf6223aba","slug":"jp-deposite-100-cr-in-yeda-grnoida-news-noi4459152169","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं रद्द होगा जेपी स्पोर्ट्स सिटी का आवंटन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं रद्द होगा जेपी स्पोर्ट्स सिटी का आवंटन
विज्ञापन
नहीं रद्द होगा जेपी स्पोर्ट्स सिटी का आवंटन
ग्रेटर नोएडा। जेपी स्पोर्ट्स इंटरनेशनल कंपनी ने सौ करोड़ रुपये जमा कर फिलहाल स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट बचा लिया है। यमुना प्राधिकरण ने पैसा नहीं जमा करने पर आवंटन निरस्त करने की चेतावनी दी थी। इसी प्रोजेक्ट में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम भी प्रस्तावित है। प्राधिकरण ने कंपनी को एसडीजेड परियोजना के तहत एक हजार हेक्टेयर जमीन आवंटित की थी, जिसमें जेपी 31 अन्य कंपनियों को करीब 500 हेक्टेयर जमीन बेच चुकी है। कंपनी पर करीब 700 करोड़ रुपये बकाया है। कई बार नोटिस जारी करने के बाद भी कंपनी पैसा जमा नहीं कर रही थी। 30 जून को यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में एक महीने की मोहलत दी गई। साथ ही यह चेताया कि अगर डिफॉल्ट किश्त एक माह में जमा नहीं की तो आवंटन रद्द कर दिया जाएगा। चेतावनी के बाद जेपी ग्रुप ने यमुना प्राधिकरण में 100 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं। अब इन प्रोजेक्ट का आवंटन निरस्त नहीं होगा। वहीं, जेपी ग्रुप ने कहा है कि बाकी किश्तें भी समय पर जमा कर देंगे। हालांकि, अगर समय पर किश्तें जमा नहीं होंगी तो प्राधिकरण निरस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
वर्जन
एसडीजेड का बकाया जमा कराने के लिए जेपी स्पोर्ट्स इंटरनेशनल कंपनी को एक महीने का समय दिया गया था। कंपनी ने 100 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। बाकी किस्तों का भी समय से भुगतान करने की बात कही है।
डॉ अरुणवीर सिंह, सीईओ यीडा
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। जेपी स्पोर्ट्स इंटरनेशनल कंपनी ने सौ करोड़ रुपये जमा कर फिलहाल स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट बचा लिया है। यमुना प्राधिकरण ने पैसा नहीं जमा करने पर आवंटन निरस्त करने की चेतावनी दी थी। इसी प्रोजेक्ट में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम भी प्रस्तावित है। प्राधिकरण ने कंपनी को एसडीजेड परियोजना के तहत एक हजार हेक्टेयर जमीन आवंटित की थी, जिसमें जेपी 31 अन्य कंपनियों को करीब 500 हेक्टेयर जमीन बेच चुकी है। कंपनी पर करीब 700 करोड़ रुपये बकाया है। कई बार नोटिस जारी करने के बाद भी कंपनी पैसा जमा नहीं कर रही थी। 30 जून को यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में एक महीने की मोहलत दी गई। साथ ही यह चेताया कि अगर डिफॉल्ट किश्त एक माह में जमा नहीं की तो आवंटन रद्द कर दिया जाएगा। चेतावनी के बाद जेपी ग्रुप ने यमुना प्राधिकरण में 100 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं। अब इन प्रोजेक्ट का आवंटन निरस्त नहीं होगा। वहीं, जेपी ग्रुप ने कहा है कि बाकी किश्तें भी समय पर जमा कर देंगे। हालांकि, अगर समय पर किश्तें जमा नहीं होंगी तो प्राधिकरण निरस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
वर्जन
एसडीजेड का बकाया जमा कराने के लिए जेपी स्पोर्ट्स इंटरनेशनल कंपनी को एक महीने का समय दिया गया था। कंपनी ने 100 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। बाकी किस्तों का भी समय से भुगतान करने की बात कही है।
विज्ञापन
डॉ अरुणवीर सिंह, सीईओ यीडा