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जिम्स : टीबी की एडवांस जांच लैब में मिलीं खामियां
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जिम्स : टीबी की एडवांस जांच लैब में मिलीं खामियां
राष्ट्रीय जालमा कुष्ठ एवं अन्य माइकोबैक्टीरियल रोग संस्थान की टीम ने निरीक्षण किया
20 दिन बाद फिर से आएगी टीम, सत्यापन के बाद ही लैब चलाने की मिलेगी अनुमति
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में टीबी की एडवांस जांच के लिए तैयार लैब में कुछ खामियां पाई गई हैं। आगरा स्थित राष्ट्रीय जालमा कुष्ठ एवं अन्य माइकोबैक्टीरियल रोग संस्थान की टीम ने निरीक्षण के दौरान केबिन, जांच और नमूना कक्ष में संशोधन करने को कहा है। टीम 20 दिन बाद फिर से निरीक्षण करेगी। सत्यापन के बाद ही लैब चलाने की अनुमति मिलेगी।
जिम्स में करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार लैब में मॉलीक्यूलर टेस्टिंग से टीबी के बैक्टीरिया होने के साथ ड्रग रेजिस्टेंस का भी पता लगाया जाएगा। दो दिन पहले आई टीम ने लैब में एक जगह से पांच बॉक्स हटाने के अलावा एक दीवार को भी हटाने के लिए कहा है। इसके अलावा अन्य कुछ सामान्य संशोधन बताए हैं। जिम्स के क्षय रोग विभाग के प्रभारी डॉ. अजय साहनी ने बताया, आगरा से आई टीम ने लैब का निरीक्षण कर कुछ संरचनात्मक खामियां बताई हैं। उनमें सुधार किया जाएगा। लैब शुरू होने से गौतमबुद्ध नगर के साथ-साथ आसपास के शहरों के मरीजों को भी फायदा होगा।
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राष्ट्रीय जालमा कुष्ठ एवं अन्य माइकोबैक्टीरियल रोग संस्थान की टीम ने निरीक्षण किया
20 दिन बाद फिर से आएगी टीम, सत्यापन के बाद ही लैब चलाने की मिलेगी अनुमति
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में टीबी की एडवांस जांच के लिए तैयार लैब में कुछ खामियां पाई गई हैं। आगरा स्थित राष्ट्रीय जालमा कुष्ठ एवं अन्य माइकोबैक्टीरियल रोग संस्थान की टीम ने निरीक्षण के दौरान केबिन, जांच और नमूना कक्ष में संशोधन करने को कहा है। टीम 20 दिन बाद फिर से निरीक्षण करेगी। सत्यापन के बाद ही लैब चलाने की अनुमति मिलेगी।
जिम्स में करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार लैब में मॉलीक्यूलर टेस्टिंग से टीबी के बैक्टीरिया होने के साथ ड्रग रेजिस्टेंस का भी पता लगाया जाएगा। दो दिन पहले आई टीम ने लैब में एक जगह से पांच बॉक्स हटाने के अलावा एक दीवार को भी हटाने के लिए कहा है। इसके अलावा अन्य कुछ सामान्य संशोधन बताए हैं। जिम्स के क्षय रोग विभाग के प्रभारी डॉ. अजय साहनी ने बताया, आगरा से आई टीम ने लैब का निरीक्षण कर कुछ संरचनात्मक खामियां बताई हैं। उनमें सुधार किया जाएगा। लैब शुरू होने से गौतमबुद्ध नगर के साथ-साथ आसपास के शहरों के मरीजों को भी फायदा होगा।
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