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Noida News: ईरान-इस्राइल युद्ध से मार्बल टाइल्स का 2400 करोड़ का व्यापार प्रभावित
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फोटो-- -
- कारोबारियों को सताने लगी चिंता, युद्ध लंबा खिंचा तो हालात हो जाएंगे बेहद खराब
रणजीत मिश्रा
नोएडा। ईरान और इस्राइल के बीच युद्ध ने नोएडा के मार्बल टाइल्स कारोबार को गहरे संकट में डाल दिया है। इससे जिले में करीब 2400 करोड़ का मार्बल कारोबार ठप हुआ है। दरअसल फ्लोरिंग और निर्माण कार्यों में ईरानी मार्बल की सर्वाधिक मांग है। युद्ध के कारण ईरान का हवाई क्षेत्र बंद होने और समुद्री मार्गों पर शिपमेंट रुकने से आपूर्ति शृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस स्थिति ने स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि यदि युद्ध लंबा खिचा तो हालात और भी खराब हो जाएंगे।
नोएडा के सेक्टर-49 में मार्बल टाइल्स कारोबार से जुड़े व्यापारी रामरतन शर्मा ने बताया कि तुर्किए और ईरान से करीब 30 से 40 प्रतिशत मार्बल टाइल्स की आपूर्ति की जाती थी। भारत-पाक युद्ध के बाद से तुर्की के सामानों का बायकाट कर व्यापारियों ने अब ईरान के मार्बल को मंगाना शुरू किया था, लेकिन अब ईरान से भी मार्बल की खेप प्रभावित होने के कारण करीब एक सप्ताह में रेट में 20 प्रतिशत तक का इजाफा हो गया है। स्टॉक कम और खपत अधिक होने से बाजार में मांग के मुकाबले आपूर्ति का संतुलन बिगड़ने लगा है। मार्बल व्यापारी कपिल लखौटिया ने बताया कि तुर्किए और ईरान के मार्बल टाइल्स की गुणवत्ता अच्छी और दाम भी कम होते हैं। इस वजह से इसकी मांग बाजार में काफी है। खासकर फ्लोरिंग के काम के लिए इन दोनों देशों के मार्बल टाइल्स का उपयोग काफी संख्या में होता है। लेकिन युद्ध के कारण पिछले कुछ दिनों से शिपमेंट रुके हुए हैं। हवाई और समुद्री मार्ग बंद होने से नए ऑर्डर मिलना मुश्किल हो गया है। अगर यह स्थिति लंबी चली तो व्यापार को भारी नुकसान होगा।
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- ईरान-इस्राइल संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ला दिया है, जिससे परिवहन लागत भी बढ़ी है। नोएडा के मार्बल टाइल्स मार्केट में ईरानी मार्बल टाइल्स की आपूर्ति मुख्य रूप से दुबई और मुंबई के रास्ते होती है। लेकिन क्षेत्रीय तनाव के कारण इन मार्गों पर भी असर पड़ा है। युद्ध लंबा खिंचा तो नए ऑर्डर रद्द होने और पुराने ऑर्डर रुकने का खतरा है।
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- विकास जैन, यूपी युवा व्यापार मंडल प्रदेश अध्यक्ष।
- मौजूदा समय में हर कोई अपने आशियाने को सजाना संवारना चाहता है। ऐसे में टाइल्स और मार्बल बेहतरीन ऑप्शन हैं। लोग घर की सीढि़यां, फ्लोरिंग, दीवार तक को टाइल्स से सजाकर एक नया लुक देने की कोशिश करते हैं। इसके कारण यह बाजार लगातार बढ़ रहा है। लेकिन युद्ध जैसे हालात ने इस कारोबार पर विपरीत असर डाला है।
- नवनीत गुप्ता, कारोबारी व चेयरमैन यूपी युवा व्यापार मंडल।
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- कारोबारियों को सताने लगी चिंता, युद्ध लंबा खिंचा तो हालात हो जाएंगे बेहद खराब
रणजीत मिश्रा
नोएडा। ईरान और इस्राइल के बीच युद्ध ने नोएडा के मार्बल टाइल्स कारोबार को गहरे संकट में डाल दिया है। इससे जिले में करीब 2400 करोड़ का मार्बल कारोबार ठप हुआ है। दरअसल फ्लोरिंग और निर्माण कार्यों में ईरानी मार्बल की सर्वाधिक मांग है। युद्ध के कारण ईरान का हवाई क्षेत्र बंद होने और समुद्री मार्गों पर शिपमेंट रुकने से आपूर्ति शृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस स्थिति ने स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि यदि युद्ध लंबा खिचा तो हालात और भी खराब हो जाएंगे।
नोएडा के सेक्टर-49 में मार्बल टाइल्स कारोबार से जुड़े व्यापारी रामरतन शर्मा ने बताया कि तुर्किए और ईरान से करीब 30 से 40 प्रतिशत मार्बल टाइल्स की आपूर्ति की जाती थी। भारत-पाक युद्ध के बाद से तुर्की के सामानों का बायकाट कर व्यापारियों ने अब ईरान के मार्बल को मंगाना शुरू किया था, लेकिन अब ईरान से भी मार्बल की खेप प्रभावित होने के कारण करीब एक सप्ताह में रेट में 20 प्रतिशत तक का इजाफा हो गया है। स्टॉक कम और खपत अधिक होने से बाजार में मांग के मुकाबले आपूर्ति का संतुलन बिगड़ने लगा है। मार्बल व्यापारी कपिल लखौटिया ने बताया कि तुर्किए और ईरान के मार्बल टाइल्स की गुणवत्ता अच्छी और दाम भी कम होते हैं। इस वजह से इसकी मांग बाजार में काफी है। खासकर फ्लोरिंग के काम के लिए इन दोनों देशों के मार्बल टाइल्स का उपयोग काफी संख्या में होता है। लेकिन युद्ध के कारण पिछले कुछ दिनों से शिपमेंट रुके हुए हैं। हवाई और समुद्री मार्ग बंद होने से नए ऑर्डर मिलना मुश्किल हो गया है। अगर यह स्थिति लंबी चली तो व्यापार को भारी नुकसान होगा।
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- ईरान-इस्राइल संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ला दिया है, जिससे परिवहन लागत भी बढ़ी है। नोएडा के मार्बल टाइल्स मार्केट में ईरानी मार्बल टाइल्स की आपूर्ति मुख्य रूप से दुबई और मुंबई के रास्ते होती है। लेकिन क्षेत्रीय तनाव के कारण इन मार्गों पर भी असर पड़ा है। युद्ध लंबा खिंचा तो नए ऑर्डर रद्द होने और पुराने ऑर्डर रुकने का खतरा है।
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- विकास जैन, यूपी युवा व्यापार मंडल प्रदेश अध्यक्ष।
- मौजूदा समय में हर कोई अपने आशियाने को सजाना संवारना चाहता है। ऐसे में टाइल्स और मार्बल बेहतरीन ऑप्शन हैं। लोग घर की सीढि़यां, फ्लोरिंग, दीवार तक को टाइल्स से सजाकर एक नया लुक देने की कोशिश करते हैं। इसके कारण यह बाजार लगातार बढ़ रहा है। लेकिन युद्ध जैसे हालात ने इस कारोबार पर विपरीत असर डाला है।
- नवनीत गुप्ता, कारोबारी व चेयरमैन यूपी युवा व्यापार मंडल।