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Noida News: स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए निजी एजेंसियों को आमंत्रण
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-नोएडा प्राधिकरण ने जारी किया आरएफपी, 5 जून तक मांगे आवेदन
माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। शहर की बहुमंजिला इमारतों के स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए नोएडा प्राधिकरण अपने पैनल में निजी एजेंसियों को भी शामिल करेगा। यह एजेंसियां प्राधिकरण के लिए निरीक्षण के साथ ही स्ट्रक्चरल ऑडिट भी करेंगी। एजेंसियों को शामिल करने के लिए प्राधिकरण ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी की है। 5 जून तक आवेदन मांगे गए हैं और 20 मई को प्री-बिड मीटिंग प्रस्तावित हुई है।
बताते चलें कि अभी तक प्राधिकरण के स्ट्रक्चरल ऑडिट पैनल में देश के बड़े और नामी 8 सरकारी संस्थान ही शामिल थे। लेकिन समस्या स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग पर निरीक्षण में आ रही थी। प्राधिकरण की टीम को स्ट्रक्चरल ऑडिट का कोई अनुभव नहीं है। सोसाइटियों से लगातार मांग आ रही थी। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि निजी एजेंसियां जो शामिल होंगी उनको किसी सोसाइटी से मांग आने पर एजेंसी वहां जाकर निरीक्षण करेंगी। यह बताएंगी कि स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की जरूरत है या छुटपुट मरम्मत से काम चल जाएगा। इसके बाद प्राधिकरण जिम्मेदारी तय करेगा। स्ट्रक्चर ऑडिट कराने की जो जिम्मेदारी पॉलिसी में तय की गई है उसी हिसाब से एओए या बिल्डर को खर्च उठाना होगा। निजी एजेंसियों को शामिल करने की मंजूरी प्राधिकरण ने पिछली बोर्ड बैठक में जरूरत बताकर ली थी। एजेंसी चयन के बाद प्राधिकरण का दावा जल्द ही निरीक्षण शुरू करवाने का है।
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माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। शहर की बहुमंजिला इमारतों के स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए नोएडा प्राधिकरण अपने पैनल में निजी एजेंसियों को भी शामिल करेगा। यह एजेंसियां प्राधिकरण के लिए निरीक्षण के साथ ही स्ट्रक्चरल ऑडिट भी करेंगी। एजेंसियों को शामिल करने के लिए प्राधिकरण ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी की है। 5 जून तक आवेदन मांगे गए हैं और 20 मई को प्री-बिड मीटिंग प्रस्तावित हुई है।
बताते चलें कि अभी तक प्राधिकरण के स्ट्रक्चरल ऑडिट पैनल में देश के बड़े और नामी 8 सरकारी संस्थान ही शामिल थे। लेकिन समस्या स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग पर निरीक्षण में आ रही थी। प्राधिकरण की टीम को स्ट्रक्चरल ऑडिट का कोई अनुभव नहीं है। सोसाइटियों से लगातार मांग आ रही थी। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि निजी एजेंसियां जो शामिल होंगी उनको किसी सोसाइटी से मांग आने पर एजेंसी वहां जाकर निरीक्षण करेंगी। यह बताएंगी कि स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की जरूरत है या छुटपुट मरम्मत से काम चल जाएगा। इसके बाद प्राधिकरण जिम्मेदारी तय करेगा। स्ट्रक्चर ऑडिट कराने की जो जिम्मेदारी पॉलिसी में तय की गई है उसी हिसाब से एओए या बिल्डर को खर्च उठाना होगा। निजी एजेंसियों को शामिल करने की मंजूरी प्राधिकरण ने पिछली बोर्ड बैठक में जरूरत बताकर ली थी। एजेंसी चयन के बाद प्राधिकरण का दावा जल्द ही निरीक्षण शुरू करवाने का है।
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