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Noida News: 40 गांवों में जमीन पर अतिक्रमण की जांच शुरू, बादौली बांगर पहुंचे अधिकारी
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फोटो
40 गांवों में जमीन पर अतिक्रमण की जांच शुरू, बादौली बांगर पहुंचे अधिकारी
-किसानों का आरोप, प्राधिकरण से जमीन के अर्जन में हुई गलती
-अतिक्रमण दिखाकर किया जा रहा 5 फीसदी आबादी के भूखंड से बेदखल
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा के करीब 40 गांवों में जमीन पर अतिक्रमण मामले की जांच मंगलवार से शुरू हो गई है। नोएडा प्राधिकरण के आलाधिकारी मंगलवार को बादौली बांगर पहुंचे और जांच की। इस तरह से जांच कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसान का हक न मारा जाए। नियमों के तहत पांच प्रतिशत आबादी के भूखंड उन्हें मिल सके।
दरअसल, किसानों का नोएडा प्राधिकरण पर यह आरोप है कि जमीनों के अर्जन के दौरान प्राधिकरण से गलती हुई है। उन्होंने अपने आंकड़ों में भी गलत सूचना दर्ज की है। अब जब आबादी का मूल किसान अपने सही जमीन पर रह रहा है तो प्राधिकरण इसे अतिक्रमण मानता है। इस आधार पर किसानों को 5 प्रतिशत आबादी के भूखंड के हक से बेदखल किया जा रहा है। यह आरोप नोएडा के करीब 40 से 45 गांवों के किसान लगा रहे हैं।
इसी को सुनिश्चित करने के लिए नवनियुक्त सीईओ लोकेश एम के निर्देश पर प्राधिकरण की टीम ने अभियान शुरू किया है। इसके तहत मंगलवार को एसीईओ प्रभाष कुमार, एसीईओ सतीश पाल, ओएसडी अविनाश त्रिपाठी, वर्क सर्किल-10 के वरिष्ठ प्रबंधक केवी सिंह के अलावा भूलेख और वर्क सर्किल के अन्य अधिकारी बादौली बांगर गांव पहुंचे। यहां नक्शे से मिलान कराया गया। नक्शे के आधार पर यह पाया गया कि करीब 8-9 किसानों की जमीन यहां निकल रही है। अब नियम के तहत प्राधिकरण इनके मामले में कार्रवाई करेगा।
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एसीईओ प्रभाष कुमार ने बताया कि किसानों की ओर से हमेशा यह मांग की जाती रही है कि आबादी विनियमितिकरण के तहत उनकी जमीनों को अतिक्रमण का हिस्सा नहीं माना जाए। उनको 5 प्रतिशत आबादी का भूखंड दिया जाए। अगर ऐसा नहीं है तो उनको उनकी जमीन आबादी विनियमितिकरण के तहत वापस की जाए। लिहाजा अब प्राधिकरण की टीम इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए मौके पर जाकर समस्या का समाधान कर रही है।
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40 गांवों में जमीन पर अतिक्रमण की जांच शुरू, बादौली बांगर पहुंचे अधिकारी
-किसानों का आरोप, प्राधिकरण से जमीन के अर्जन में हुई गलती
-अतिक्रमण दिखाकर किया जा रहा 5 फीसदी आबादी के भूखंड से बेदखल
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा के करीब 40 गांवों में जमीन पर अतिक्रमण मामले की जांच मंगलवार से शुरू हो गई है। नोएडा प्राधिकरण के आलाधिकारी मंगलवार को बादौली बांगर पहुंचे और जांच की। इस तरह से जांच कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसान का हक न मारा जाए। नियमों के तहत पांच प्रतिशत आबादी के भूखंड उन्हें मिल सके।
दरअसल, किसानों का नोएडा प्राधिकरण पर यह आरोप है कि जमीनों के अर्जन के दौरान प्राधिकरण से गलती हुई है। उन्होंने अपने आंकड़ों में भी गलत सूचना दर्ज की है। अब जब आबादी का मूल किसान अपने सही जमीन पर रह रहा है तो प्राधिकरण इसे अतिक्रमण मानता है। इस आधार पर किसानों को 5 प्रतिशत आबादी के भूखंड के हक से बेदखल किया जा रहा है। यह आरोप नोएडा के करीब 40 से 45 गांवों के किसान लगा रहे हैं।
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इसी को सुनिश्चित करने के लिए नवनियुक्त सीईओ लोकेश एम के निर्देश पर प्राधिकरण की टीम ने अभियान शुरू किया है। इसके तहत मंगलवार को एसीईओ प्रभाष कुमार, एसीईओ सतीश पाल, ओएसडी अविनाश त्रिपाठी, वर्क सर्किल-10 के वरिष्ठ प्रबंधक केवी सिंह के अलावा भूलेख और वर्क सर्किल के अन्य अधिकारी बादौली बांगर गांव पहुंचे। यहां नक्शे से मिलान कराया गया। नक्शे के आधार पर यह पाया गया कि करीब 8-9 किसानों की जमीन यहां निकल रही है। अब नियम के तहत प्राधिकरण इनके मामले में कार्रवाई करेगा।
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एसीईओ प्रभाष कुमार ने बताया कि किसानों की ओर से हमेशा यह मांग की जाती रही है कि आबादी विनियमितिकरण के तहत उनकी जमीनों को अतिक्रमण का हिस्सा नहीं माना जाए। उनको 5 प्रतिशत आबादी का भूखंड दिया जाए। अगर ऐसा नहीं है तो उनको उनकी जमीन आबादी विनियमितिकरण के तहत वापस की जाए। लिहाजा अब प्राधिकरण की टीम इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए मौके पर जाकर समस्या का समाधान कर रही है।