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दर्दनाक: अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने हेल्पलाइन पर कॉल कर मांगा बेड, जवाब मिला- सर, पूरा शहर बीमार है...
Sat, 24 Apr 2021 10:20 AM IST
शाहरुख खान
रणजीत मिश्रा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
रणजीत मिश्रा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 24 Apr 2021 10:20 AM IST
सार
कंट्रोल रूम से कहा गया कि सर पूरा शहर बीमार हो गया है, किसी भी अस्पताल में बेड नहीं है। यह शर्मसार करने वाला जवाब सुनकर अरस के साथी कोच उन्हें भर्ती कराने के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर विभिन्न अस्पतालों के चक्कर काटते रहे, लेकिन किसी भी अस्पताल ने भर्ती नहीं किया गया।
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अरस रज्जाक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
‘हेलो... सर मेरी तबीयत खराब है, कहीं एडमिट करा दो। मैं अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी अरस रज्जाक हूं। मैं इंडोनेशिया का रहने वाला हूं।’ यह सुनकर कंट्रोल रूम से जवाब आया जो काफी हैरान करने वाला था। कंट्रोल रूम से कहा गया कि सर पूरा शहर बीमार हो गया है, किसी भी अस्पताल में बेड नहीं है।
यह शर्मसार करने वाला जवाब सुनकर अरस के साथी कोच उन्हें भर्ती कराने के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर विभिन्न अस्पतालों के चक्कर काटते रहे, लेकिन किसी भी अस्पताल ने भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी सुहास एलवाई को व्यक्तिगत रुप से फोन कर स्थिति से अवगत कराया तो उन्हें शारदा अस्पताल में भर्ती कराया जा सका।
इन दिनों अरस यहां स्थानीय खिलाड़ियों को कोचिंग देने आए हुए हैं। वहीं, शारदा अस्पताल में उपचार कराने पहुंची एक महिला मरीज को वहां के स्टाफ एंबुलेंस से उतारने के लिए भी तैयार नहीं थे। वह करीब एक घंटे तक अस्पताल के बाहर एंबुलेंस में पड़ी रही।
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ऑक्सीजन की किल्लत से मुश्किल
ऑक्सीजन की किल्लत ने अब अस्पताल के साथ मरीजों को भी मुश्किल में डाल दिया है। अमर उजाला की टीम ने शुक्रवार को स्थिति का जायजा लिया, जिसमें सामने आया कि अस्पतालों ने नए संक्रमित मरीजों को भर्ती करने से इनकार कर दिया है। जबकि पुराने मरीजों की हालत में सुधार होने पर तुरंत डिस्चार्ज कर दिया जा रहा है। अस्पताल में बेड खाली होने के बाद भी मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है।
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यह शर्मसार करने वाला जवाब सुनकर अरस के साथी कोच उन्हें भर्ती कराने के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर विभिन्न अस्पतालों के चक्कर काटते रहे, लेकिन किसी भी अस्पताल ने भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी सुहास एलवाई को व्यक्तिगत रुप से फोन कर स्थिति से अवगत कराया तो उन्हें शारदा अस्पताल में भर्ती कराया जा सका।
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इन दिनों अरस यहां स्थानीय खिलाड़ियों को कोचिंग देने आए हुए हैं। वहीं, शारदा अस्पताल में उपचार कराने पहुंची एक महिला मरीज को वहां के स्टाफ एंबुलेंस से उतारने के लिए भी तैयार नहीं थे। वह करीब एक घंटे तक अस्पताल के बाहर एंबुलेंस में पड़ी रही।
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ऑक्सीजन की किल्लत से मुश्किल
ऑक्सीजन की किल्लत ने अब अस्पताल के साथ मरीजों को भी मुश्किल में डाल दिया है। अमर उजाला की टीम ने शुक्रवार को स्थिति का जायजा लिया, जिसमें सामने आया कि अस्पतालों ने नए संक्रमित मरीजों को भर्ती करने से इनकार कर दिया है। जबकि पुराने मरीजों की हालत में सुधार होने पर तुरंत डिस्चार्ज कर दिया जा रहा है। अस्पताल में बेड खाली होने के बाद भी मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है।
प्राधिकरण ने किया सैनिटाइजेशन का इंतजाम
प्राधिकरण ने अंतिम निवास में सैनिटाइजेशन का इंतजाम कर दिया है। दिन में तीन से चार बार वाटर प्रेशर टैंकर व हैंड स्प्रे मशीन से सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। 30 कूड़ेदान रखे गए हैं, ताकि पीपीई किट को उसमें रखा जा सके। तय एजेंसी हर दो घंटे पर इसे उठाकर सेक्टर-25 में ले जाती है।
प्राधिकरण ने अंतिम निवास में सैनिटाइजेशन का इंतजाम कर दिया है। दिन में तीन से चार बार वाटर प्रेशर टैंकर व हैंड स्प्रे मशीन से सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। 30 कूड़ेदान रखे गए हैं, ताकि पीपीई किट को उसमें रखा जा सके। तय एजेंसी हर दो घंटे पर इसे उठाकर सेक्टर-25 में ले जाती है।