फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Instructions for immediate removal of execution houses for giving fake contracts

Noida News: फांसी घर को फर्जी करार देते हुए तत्काल हटाने के निर्देश

Thu, 07 Aug 2025 08:01 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 07 Aug 2025 08:01 PM IST
विज्ञापन
Instructions for immediate removal of execution houses for giving fake contracts
विधानसभा अध्यक्ष ने कक्ष को पुराने स्वरूप में लाने के आदेश दिए, विशेषाधिकार समिति के पास भेजा मामला
विज्ञापन

कहा- विपक्ष ने कोई तर्कसंगत आधार या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बृहस्पतिवार को तत्कालीन आप सरकार की ओर से बनाए गए फांसी घर को फर्जी करार देते हुए तत्काल हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कक्ष को पुराने स्वरूप में लाया जाएगा। उन्होंने पूरे मामले की जांच विधानसभा की विशेषाधिकार समिति को सौंपी है।
उन्होंने कहा कि यह निर्माण न केवल ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ है बल्कि देश की जनता की भावनाओं के साथ किया गया गंभीर छल है। अगस्त 2022 में भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर इस कथित फांसीघर का उद्घाटन किया गया जिसमें यह संदेश दिया गया कि यहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी और एक सुरंग लाल किले तक जाती थी लेकिन राष्ट्रीय अभिलेखागार, आईसीएचआर, आईजीएनसीए, दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू के इतिहासकारों और एमसीडी की हेरिटेज सेल से प्राप्त दस्तावेज के आधार पर यह प्रमाणित हो गया कि ऐसा कोई फांसी घर या सुरंग कभी इस परिसर में मौजूद नहीं थी।
विज्ञापन

तीन दिनों की चर्चा के बावजूद विपक्ष की ओर से इस निर्माण को लेकर कोई तर्कसंगत आधार या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। यह एक इरादतन फर्जीवाड़ा है जिसमें करोड़ों रुपये खर्च कर जनता को गुमराह किया गया और विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई। विजेंद्र गुप्ता के संबोधन के दौरान आप विधायकों ने विरोध किया और नारेबाजी की। इसके बाद आतिशी के नेतृत्व में सदन से बहिष्कार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

आप नेताओं को भेजा जाएगा समन
विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि अब भवन को उसके 1912 के मूल स्वरूप में बहाल किया जाएगा। दोनों टिफिन रूम का मूल नक्शा स्थापित किया जाएगा। अगस्त 2022 को लगाए गए शिलापट्ट को हटाकर पूरे मामले की जांच विधानसभा की विशेषाधिकार समिति करेगी, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल और उपाध्यक्ष राखी बिड़लान को समन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक धरोहर के साथ जो छल किया गया, वह केवल राजनीतिक नहीं बल्कि नैतिक अपराध है। इससे मेरी ही तरह हजारों लोगों की भावनाएं आहत हुईं हैं। देश कभी इस तरह के कुकृत्य को माफ नहीं करेगा। जब यह फांसी घर बनाया गया था तब वे और विपक्ष के अन्य नेता भावनात्मक रूप से इससे जुड़ गए थे। हमें लगा कि यह कोई शहादत स्थल है लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो विश्वासघात जैसा महसूस हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article