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सुदीक्षा भाटी की याद में बनेंगे प्रेरणा स्थल और पुस्तकालय
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलते सुदीक्षा भाटी के परिजन साथ में राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिं?
- फोटो : Grnoida
सुदीक्षा भाटी की याद में बनेंगे प्रेरणा स्थल और पुस्तकालय
ग्रेटर नोएडा। ‘अमर उजाला’ और लोगों की सुदीक्षा व उसके परिवार को न्याय दिलाने की मुहिम रंग लाई है। अपनी योग्यता के दम पर अमेरिका तक देश का नाम रोशन करने वाली सुदीक्षा भाटी की याद में उसके गांव में प्रेरणा स्थल बनाया जाएगा। इसमें पुस्तकालय भी होगा। यहां आने वाले बच्चे सुदीक्षा के संघर्ष और उपलब्धि से प्रेरणा ले सकेंगे। क्षेत्र में प्रेरणा स्थल बनाने और 20 लाख आर्थिक मदद की घोषणा रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुदीक्षा के परिजनों से मुलाकात के दौरान की। परिवार को भूमि व एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर और दादरी विधायक तेजपाल नागर भी मौजूद रहे। परिजनों को मिलने वाली आर्थिक मदद में 15 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष और पांच लाख रुपये सुरेंद्र सिंह नागर की ओर से दिए जाएंगे।
बादलपुर थाना क्षेत्र के गांव डेरी स्कनर निवासी सुदीक्षा के परिजन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को लखनऊ पहुंचे। सुबह दस बजे सुदीक्षा के पिता जितेंद्र भाटी, मां गीता देवी, ताऊ वीरपाल, मामा ईश्वर, चाचा आजाद फौजी और सामाजिक कार्यकर्ता संजय भाटी ने मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। परिजनों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनसे सहज भाव से मिले। सुदीक्षा के बारे में मुख्यमंत्री को पहले से काफी जानकारी दी। इसके बावजूद परिजनों ने बताया कि सुदीक्षा क्षेत्र व देश की बेटियों को शिक्षित करने का सपना पूरा करने के लिए उभरती प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी। वह सभी बेटियों को अपनी तरह उच्च शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना चाहती थी। सुदीक्षा की मृत्यु से न केवल परिवार को क्षति पहुंची है बल्कि उन बेटियों को भी आघात पहुंचा है, जिन्हें वह आगे बढ़ाने का सपना देख रही थी। सुदीक्षा ने अमेरिका में दो साल पढ़ाई के दौरान ऐसे संगठनों से संपर्क कर लिया था, जो उसके उभरती प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में योगदान देने को तैयार थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि वह एक कमरे में रहते हैं और उसकी भी हालत जर्जर है। सुदीक्षा भी उसी कमरे में पढ़ाई करती थी।
सुदीक्षा का निधन अपूर्णनीय क्षति : सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदीक्षा देश और समाज की बेटी थी। सुदीक्षा का निधन देश और समाज के लिए अपूर्णनीय क्षति है। उन्होंने मुख्य सचिव और जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर सुहास एलवाई को निर्देश दिए कि सुदीक्षा की याद में प्रेरणा स्थल और पुस्तकालय बनाए जाएं, जिससे बच्चों को आगे बढ़ने और पढ़ने की प्रेरणा मिल सके।
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‘आर्थिक मदद से बेटी की मुहिम को आगे बढ़ाएंगे’
सुदीक्षा भाटी के पिता जितेंद्र भाटी का कहना है कि सुदीक्षा और उसके प्रोजेक्ट उभरती के नाम से शिक्षण संस्थान बनाने की हमारी सबसे बड़ी मांग थी। मुख्यमंत्री ने हमारी सभी मुराद पूरी कर दी हैं। अब बस एक ही सपना है कि मेरी तीनों छोटी बेटियां, बड़ी बेटी सुदीक्षा के दिखाए रास्ते पर चलें और उसकी मुहिम को आगे बढ़ाएं। सरकार व अन्य माध्यमों से अब तक मिली आर्थिक मदद भी सुदीक्षा की मुहिम पर खर्च की जाएगी।
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ग्रेटर नोएडा। ‘अमर उजाला’ और लोगों की सुदीक्षा व उसके परिवार को न्याय दिलाने की मुहिम रंग लाई है। अपनी योग्यता के दम पर अमेरिका तक देश का नाम रोशन करने वाली सुदीक्षा भाटी की याद में उसके गांव में प्रेरणा स्थल बनाया जाएगा। इसमें पुस्तकालय भी होगा। यहां आने वाले बच्चे सुदीक्षा के संघर्ष और उपलब्धि से प्रेरणा ले सकेंगे। क्षेत्र में प्रेरणा स्थल बनाने और 20 लाख आर्थिक मदद की घोषणा रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुदीक्षा के परिजनों से मुलाकात के दौरान की। परिवार को भूमि व एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर और दादरी विधायक तेजपाल नागर भी मौजूद रहे। परिजनों को मिलने वाली आर्थिक मदद में 15 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष और पांच लाख रुपये सुरेंद्र सिंह नागर की ओर से दिए जाएंगे।
बादलपुर थाना क्षेत्र के गांव डेरी स्कनर निवासी सुदीक्षा के परिजन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को लखनऊ पहुंचे। सुबह दस बजे सुदीक्षा के पिता जितेंद्र भाटी, मां गीता देवी, ताऊ वीरपाल, मामा ईश्वर, चाचा आजाद फौजी और सामाजिक कार्यकर्ता संजय भाटी ने मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। परिजनों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनसे सहज भाव से मिले। सुदीक्षा के बारे में मुख्यमंत्री को पहले से काफी जानकारी दी। इसके बावजूद परिजनों ने बताया कि सुदीक्षा क्षेत्र व देश की बेटियों को शिक्षित करने का सपना पूरा करने के लिए उभरती प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी। वह सभी बेटियों को अपनी तरह उच्च शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना चाहती थी। सुदीक्षा की मृत्यु से न केवल परिवार को क्षति पहुंची है बल्कि उन बेटियों को भी आघात पहुंचा है, जिन्हें वह आगे बढ़ाने का सपना देख रही थी। सुदीक्षा ने अमेरिका में दो साल पढ़ाई के दौरान ऐसे संगठनों से संपर्क कर लिया था, जो उसके उभरती प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में योगदान देने को तैयार थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि वह एक कमरे में रहते हैं और उसकी भी हालत जर्जर है। सुदीक्षा भी उसी कमरे में पढ़ाई करती थी।
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सुदीक्षा का निधन अपूर्णनीय क्षति : सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदीक्षा देश और समाज की बेटी थी। सुदीक्षा का निधन देश और समाज के लिए अपूर्णनीय क्षति है। उन्होंने मुख्य सचिव और जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर सुहास एलवाई को निर्देश दिए कि सुदीक्षा की याद में प्रेरणा स्थल और पुस्तकालय बनाए जाएं, जिससे बच्चों को आगे बढ़ने और पढ़ने की प्रेरणा मिल सके।
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‘आर्थिक मदद से बेटी की मुहिम को आगे बढ़ाएंगे’
सुदीक्षा भाटी के पिता जितेंद्र भाटी का कहना है कि सुदीक्षा और उसके प्रोजेक्ट उभरती के नाम से शिक्षण संस्थान बनाने की हमारी सबसे बड़ी मांग थी। मुख्यमंत्री ने हमारी सभी मुराद पूरी कर दी हैं। अब बस एक ही सपना है कि मेरी तीनों छोटी बेटियां, बड़ी बेटी सुदीक्षा के दिखाए रास्ते पर चलें और उसकी मुहिम को आगे बढ़ाएं। सरकार व अन्य माध्यमों से अब तक मिली आर्थिक मदद भी सुदीक्षा की मुहिम पर खर्च की जाएगी।