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Noida News: सार्वजनिक परिवहन और पूलिंग पर बढ़ी निर्भरता, कम हुआ ट्रैफिक
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-फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पीएम के आह्वान के बाद अधिकतर लोग अब सार्वजनिक परिवहन और पूलिंग जैसे विकल्प पर अपनी निर्भरता बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि अब वयस्ततम इलाकों में भी ट्रैफिक लगातार घटता जा रहा है। पहले जिन इलाकों की सड़कों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती थी, अब वही मार्ग खुले-खुले नजर आते हैं।
सोमवार को सड़काें पर पीक ऑवर में से गुजरने में भी चालीस-पचास मिनट की जगह तीस मिनट ही लगे। जाम कम होने के कारण लोग समय से दफ्तर भी पहुंच सके। शाम को भी हालात पहले के मुकाबले बेहतर नजर आए।
मॉडल टॉउन से सेक्टर 52 मेट्रो तक जाने के लिए पीक ऑवर में औसतन चालीस मिनट का समय लगता था लेकिन सोमवार को करीब तीस मिनट के भीतर ही लोगों ने यह दूरी तय कर ली। ऐसे ही फिल्म सिटी से महामाया जाने वाले मार्ग पर भी वाहनों का दबाव कम रहा। सड़कें अपेक्षाकृत खाली रहीं। सेक्टर-18 में भी सड़क पर वाहनों का दबाव कम रहा। डीसीपी ट्रैफिक अभय मिश्र ने बताया कि वाहनों का दबाव अन्य दिनों के मुकाबले कम रहा।
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मेट्रो स्टेशन पर रही भीड़, कार पूलिंग भी बढ़ी
निजी वाहनों को छोड़ लोगों ने सार्वजनिक परिवहन को सहारा बनाया है। लोगों ने दफ्तर जाने के लिए मेट्रो और कार पूलिंग पर निर्भरता बढ़ाई है। बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा भीड़ रही। वहीं ब्लू लाइन के मेट्रो स्टेशनों पर भी लोगों की आवाजाही ज्यादा रही।
सेक्टर-63 के रहने वाले नीतिश गंगवार ने बताया कि कार छोड़कर मेट्रो से दफ्तर जाना शुरू कर दिया है। सेक्टर-10 के रहने वाले सुधीर त्यागी ने बताया कि मेट्रो से जाने पर तेल की तो बचत हो ही रही है साथ ही गर्मी से भी बचाव हो रहा है। वहीं सड़कों से वाहनों का दबाव कम होने की वजह कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था शुरू होना भी है।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पीएम के आह्वान के बाद अधिकतर लोग अब सार्वजनिक परिवहन और पूलिंग जैसे विकल्प पर अपनी निर्भरता बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि अब वयस्ततम इलाकों में भी ट्रैफिक लगातार घटता जा रहा है। पहले जिन इलाकों की सड़कों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती थी, अब वही मार्ग खुले-खुले नजर आते हैं।
सोमवार को सड़काें पर पीक ऑवर में से गुजरने में भी चालीस-पचास मिनट की जगह तीस मिनट ही लगे। जाम कम होने के कारण लोग समय से दफ्तर भी पहुंच सके। शाम को भी हालात पहले के मुकाबले बेहतर नजर आए।
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मॉडल टॉउन से सेक्टर 52 मेट्रो तक जाने के लिए पीक ऑवर में औसतन चालीस मिनट का समय लगता था लेकिन सोमवार को करीब तीस मिनट के भीतर ही लोगों ने यह दूरी तय कर ली। ऐसे ही फिल्म सिटी से महामाया जाने वाले मार्ग पर भी वाहनों का दबाव कम रहा। सड़कें अपेक्षाकृत खाली रहीं। सेक्टर-18 में भी सड़क पर वाहनों का दबाव कम रहा। डीसीपी ट्रैफिक अभय मिश्र ने बताया कि वाहनों का दबाव अन्य दिनों के मुकाबले कम रहा।
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मेट्रो स्टेशन पर रही भीड़, कार पूलिंग भी बढ़ी
निजी वाहनों को छोड़ लोगों ने सार्वजनिक परिवहन को सहारा बनाया है। लोगों ने दफ्तर जाने के लिए मेट्रो और कार पूलिंग पर निर्भरता बढ़ाई है। बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा भीड़ रही। वहीं ब्लू लाइन के मेट्रो स्टेशनों पर भी लोगों की आवाजाही ज्यादा रही।
सेक्टर-63 के रहने वाले नीतिश गंगवार ने बताया कि कार छोड़कर मेट्रो से दफ्तर जाना शुरू कर दिया है। सेक्टर-10 के रहने वाले सुधीर त्यागी ने बताया कि मेट्रो से जाने पर तेल की तो बचत हो ही रही है साथ ही गर्मी से भी बचाव हो रहा है। वहीं सड़कों से वाहनों का दबाव कम होने की वजह कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था शुरू होना भी है।