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Noida News: अदालती मामलों में हुई देरी तो अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
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समाज कल्याण विभाग के सभी अधिकारियों को किया अलर्ट
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7 दिन पहले फाइल जमा कराने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार ने अदालती मामलों में देरी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सामाजिक कल्याण विभाग ने बुधवार को आदेश जारी कर सभी अधिकारियों को चेतावनी दी है कि कोर्ट में जवाब या हलफनामा समय पर दाखिल न करने पर कार्रवाई होगी।
आदेश में कहा गया है कि अक्सर फाइलें आखिरी समय पर भेजी जाती हैं जिससे कोर्ट में समय पर जवाब दाखिल नहीं हो पाता। इससे विभाग की छवि खराब होती है और जुर्माना या अन्य दंड लग सकता है। आदेश में स्पष्ट निर्देश है कि सभी मामलों की फाइलें अगली सुनवाई की तारीख से कम से कम 7 दिन पहले मुख्यालय भेजी जाएं। अगर कोई आपात स्थिति हो तो फाइल के साथ देरी का कारण लिखित रूप से बताना होगा। संबंधित उप निदेशक को खुद कारण स्पष्ट करना पड़ेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि सभी मामलों में सरकार की तरफ से ठीक से बचाव पक्ष तैयार किया जाए। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश को सचिव (समाज कल्याण) के पीएस, उप निदेशकों, डीएसडब्ल्यूओ, शाखा प्रभारियों और आईटी सहायक निदेशक को भेजा गया है।
जनता के कल्याण के लिए उठाया सख्ती
विभाग का कहना है कि यह कदम जनता के कल्याण से जुड़े मामलों में तेजी लाने के लिए उठाया गया है। पहले कई बार देरी से कोर्ट ने नाराजगी जताई है। अब सभी अधिकारी सतर्क रहेंगे, ताकि सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं से जुड़े केस में कोई अड़चन न आए।
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7 दिन पहले फाइल जमा कराने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार ने अदालती मामलों में देरी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सामाजिक कल्याण विभाग ने बुधवार को आदेश जारी कर सभी अधिकारियों को चेतावनी दी है कि कोर्ट में जवाब या हलफनामा समय पर दाखिल न करने पर कार्रवाई होगी।
आदेश में कहा गया है कि अक्सर फाइलें आखिरी समय पर भेजी जाती हैं जिससे कोर्ट में समय पर जवाब दाखिल नहीं हो पाता। इससे विभाग की छवि खराब होती है और जुर्माना या अन्य दंड लग सकता है। आदेश में स्पष्ट निर्देश है कि सभी मामलों की फाइलें अगली सुनवाई की तारीख से कम से कम 7 दिन पहले मुख्यालय भेजी जाएं। अगर कोई आपात स्थिति हो तो फाइल के साथ देरी का कारण लिखित रूप से बताना होगा। संबंधित उप निदेशक को खुद कारण स्पष्ट करना पड़ेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि सभी मामलों में सरकार की तरफ से ठीक से बचाव पक्ष तैयार किया जाए। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश को सचिव (समाज कल्याण) के पीएस, उप निदेशकों, डीएसडब्ल्यूओ, शाखा प्रभारियों और आईटी सहायक निदेशक को भेजा गया है।
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जनता के कल्याण के लिए उठाया सख्ती
विभाग का कहना है कि यह कदम जनता के कल्याण से जुड़े मामलों में तेजी लाने के लिए उठाया गया है। पहले कई बार देरी से कोर्ट ने नाराजगी जताई है। अब सभी अधिकारी सतर्क रहेंगे, ताकि सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं से जुड़े केस में कोई अड़चन न आए।
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