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Noida News: पति की माैत, सदमे में पत्नी ने भी तोड़ा दम
Wed, 26 Nov 2025 12:37 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Wed, 26 Nov 2025 12:37 AM IST
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बनारसी व बसंती। फाइल फोटो
खड्डा (कुशीनगर)। एकडंगी गांव में 50 वर्ष पहले एक व्यक्ति ने प्रेम विवाह किया। मंगलवार को दंपती की मौत हो गई। पहले पति का निधन हुआ। कुछ देर बाद सदमे में पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। दोनों का अंतिम संस्कार नारायणी नदी के किनारे एक ही चिता पर हुआ। इसकी चर्चा इलाके में होती रही। लोगों का कहना था कि मौत भी दोनों को जुदा नहीं कर सकी।
खड्डा क्षेत्र के ग्रामसभा एकडंगी निवासी बनारसी चौधरी (75) 50 वर्ष पहले गांव में आए थे। वह यहां दूसरी जगह से आकर बसे थे। ग्रामीणों के अनुसार इस दौरान उनकी मुलाकात गांव की बसंती से हुई। दोनों में प्यार हो गया। कुछ समय बाद दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया।
बनारसी ने यहीं आशियाना बना लिया था। दोनों से चार बच्चे हुए। उनकी शादी हो गई है। इनके भी बच्चे हैं। काफी समय तक कोल इंडिया में काम करने के बाद बनारसी अब घर पर रह रहे थे। दोनों में अब भी प्रेम था। मंगलवार की सुबह बनारसी की अचानक मौत हो गई।
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इसके बाद परिजनों में चीख पुकार मच गई। पति की मौत के सदमे ने बसंती को अंदर से तोड़ दिया। घरवाले बनारसी के शव को लेकर नारायणी नदी के पनियहवा घाट पर पहुंचे। अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। इस दौरान सूचना मिली कि बसंती ने भी दम तोड़ दिया। यह खबर इलाके में फैल गई। इसके बाद बनारसी के शव का अंतिम संस्कार रोक कर परिवार के सदस्य घर आए और बसंती के शव को कुछ देर बाद घाट पर लेकर गए। दोनों का शव एक ही चिता पर जलाया गया।
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खड्डा क्षेत्र के ग्रामसभा एकडंगी निवासी बनारसी चौधरी (75) 50 वर्ष पहले गांव में आए थे। वह यहां दूसरी जगह से आकर बसे थे। ग्रामीणों के अनुसार इस दौरान उनकी मुलाकात गांव की बसंती से हुई। दोनों में प्यार हो गया। कुछ समय बाद दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया।
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बनारसी ने यहीं आशियाना बना लिया था। दोनों से चार बच्चे हुए। उनकी शादी हो गई है। इनके भी बच्चे हैं। काफी समय तक कोल इंडिया में काम करने के बाद बनारसी अब घर पर रह रहे थे। दोनों में अब भी प्रेम था। मंगलवार की सुबह बनारसी की अचानक मौत हो गई।
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इसके बाद परिजनों में चीख पुकार मच गई। पति की मौत के सदमे ने बसंती को अंदर से तोड़ दिया। घरवाले बनारसी के शव को लेकर नारायणी नदी के पनियहवा घाट पर पहुंचे। अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। इस दौरान सूचना मिली कि बसंती ने भी दम तोड़ दिया। यह खबर इलाके में फैल गई। इसके बाद बनारसी के शव का अंतिम संस्कार रोक कर परिवार के सदस्य घर आए और बसंती के शव को कुछ देर बाद घाट पर लेकर गए। दोनों का शव एक ही चिता पर जलाया गया।