{"_id":"69e79e296eea1580210991b1","slug":"hormuz-tensions-again-hamper-industry-growth-noida-news-c-1-noi1095-4192805-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: होर्मुज में तनाव से फिर लड़खड़ाने लगी उद्योगों की रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: होर्मुज में तनाव से फिर लड़खड़ाने लगी उद्योगों की रफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
-- --
– युद्ध और श्रमिक प्रदर्शन से पहले ही उद्योग झेल चुके हैं दोहरी मार
– अब फिर होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से शिपमेंट पर संकट
– पिछले साल गौतमबुद्ध नगर जिले से हुआ था करीब 85 हजार करोड़ रुपये का निर्यात
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। श्रमिकों का प्रदर्शन थमने के बाद उद्योगों की रफ्तार पटरी पर आ रही थी, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव ने उद्यमियों की चिंता फिर बढ़ा दी है। यहां तनाव बढ़ने से जो सामान चार-पांच दिन में दूसरे देश पहुंचता था, वह अब 12-15 दिनों में पहुंचेगा। उद्यमियों को डर है कि इस वजह से शिपमेंट की दर भी बढ़ा दी जाएगी।
सरकारी आकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश से पिछले वित्तीय वर्ष में एक लाख 80 हजार करोड़ रुपये का निर्यात किया गया था। इसमें से करीब 40 फीसदी यानी 85 हजार करोड़ रुपये का निर्यात गौतमबुद्ध नगर से हुआ था। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, गारमेंट, इंजीनियरिंग गुड और अन्य उत्पाद शामिल हैं।
प्रदर्शन के दौरान ऑर्डर हुए खराब
उद्यमियों का कहना है कि होर्मुज में तनाव बढ़ने से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इससे सप्लाई चेन प्रभावित है। अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत और युद्ध विराम की सूचना के बाद निर्यातकों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन तब तक गैस किल्लत के कारण कामगारों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस वजह से दो सप्ताह उद्योगों का काम ठप रहा। तैयार ऑर्डर प्रदर्शन में खराब हो गए। इसके अलावा उत्पादन नहीं हो सका। प्रदर्शन खत्म होने के बाद उद्योगों में काम शुरू होने पर अर्थव्यवस्था पटरी पर आ ही रही थी कि एक बार फिर अमेरिका-ईरान के बीच बढ़े तनाव से गैस किल्लत समेत शिपमेंट न पहुंचने की समस्या बढ़ गई।
विज्ञापन
कोट
श्रमिकों के प्रदर्शन से उबरे ही थे कि हॉर्मुज में फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। ऐसे में फिर से गैस की किल्लत बढ़ेगी और शिपमेंट देर से पहुंचेगी। -सुचेत बंसल, निर्यातक
स्थिति चिंताजनक है। उद्योग संचालन कठिन होता जा रहा है। यदि जल्द हल नहीं निकलता तो कच्चा माल और गैस किल्लत फिर बढ़ेगी। -कुलदीप गोयल, निर्यातक
विज्ञापन
– युद्ध और श्रमिक प्रदर्शन से पहले ही उद्योग झेल चुके हैं दोहरी मार
– अब फिर होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से शिपमेंट पर संकट
– पिछले साल गौतमबुद्ध नगर जिले से हुआ था करीब 85 हजार करोड़ रुपये का निर्यात
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। श्रमिकों का प्रदर्शन थमने के बाद उद्योगों की रफ्तार पटरी पर आ रही थी, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव ने उद्यमियों की चिंता फिर बढ़ा दी है। यहां तनाव बढ़ने से जो सामान चार-पांच दिन में दूसरे देश पहुंचता था, वह अब 12-15 दिनों में पहुंचेगा। उद्यमियों को डर है कि इस वजह से शिपमेंट की दर भी बढ़ा दी जाएगी।
सरकारी आकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश से पिछले वित्तीय वर्ष में एक लाख 80 हजार करोड़ रुपये का निर्यात किया गया था। इसमें से करीब 40 फीसदी यानी 85 हजार करोड़ रुपये का निर्यात गौतमबुद्ध नगर से हुआ था। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, गारमेंट, इंजीनियरिंग गुड और अन्य उत्पाद शामिल हैं।
विज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान ऑर्डर हुए खराब
उद्यमियों का कहना है कि होर्मुज में तनाव बढ़ने से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इससे सप्लाई चेन प्रभावित है। अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत और युद्ध विराम की सूचना के बाद निर्यातकों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन तब तक गैस किल्लत के कारण कामगारों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस वजह से दो सप्ताह उद्योगों का काम ठप रहा। तैयार ऑर्डर प्रदर्शन में खराब हो गए। इसके अलावा उत्पादन नहीं हो सका। प्रदर्शन खत्म होने के बाद उद्योगों में काम शुरू होने पर अर्थव्यवस्था पटरी पर आ ही रही थी कि एक बार फिर अमेरिका-ईरान के बीच बढ़े तनाव से गैस किल्लत समेत शिपमेंट न पहुंचने की समस्या बढ़ गई।
विज्ञापन
कोट
श्रमिकों के प्रदर्शन से उबरे ही थे कि हॉर्मुज में फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। ऐसे में फिर से गैस की किल्लत बढ़ेगी और शिपमेंट देर से पहुंचेगी। -सुचेत बंसल, निर्यातक
स्थिति चिंताजनक है। उद्योग संचालन कठिन होता जा रहा है। यदि जल्द हल नहीं निकलता तो कच्चा माल और गैस किल्लत फिर बढ़ेगी। -कुलदीप गोयल, निर्यातक