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Noida News: शहरी क्षेत्र में हाईटेंशन की सभी लाइन होंगी भूमिगत
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- हर मौसम में उपभोक्ताओं को मिलेगी निर्बाध बिजली
- विद्युत ढांचे के आधुनिकीकरण में जुटा विभाग
- 1313 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी जा चुकी है
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं हो हर मौसम में निर्बाध आपूर्ति देने के लिए सभी हाईटेंशन (एचटी) लाइन भूमिगत की जाएंगी। इसके लिए विद्युत निगम ने टेंडर जारी कर दिया है। विद्युत ढ़ांचे के आधुनिकीकरण योजना के तहत कार्य किया जाएगा। सभी एचटी लाइन कंट्रोल रूम से भी जोड़ी जाएंगी। ताकि एचटी लाइनों पर ऑनलाइन निगरानी रखी जा सके।
जिले में केंद्र और प्रदेश सरकार की संयुक्त योजना के तहत बिजली ढांचे के आधुनिकीकरण और स्काडा कंट्रोल योजना के तहत बिजली ढ़ांचे को सुधारने का कार्य किया जाना है। इसके लिए 1313 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके साथ बिजली लाइनों की क्षमता वृद्धि का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा जरुरत के अनुसार नई बिजली लाइनें भी डाली जाएंगी।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के अधिकारियों के अनुसार इस कार्य को दो फेज में किया जाएगा। अभी स्काडा योजना के तहत लखनऊ मुख्यालय स्तर से 650 करोड़ रुपये का टेंडर नामी कंपनी को दे दिया गया है। नामी कंपनी के प्रतिनिधियों ने जिले के अभियंताओं के साथ काम के सिलसिले में बैठक भी करनी शुरू कर दी है। 650 करोड़ रुपये में सेक्टर-62 में कंट्रोल रूम तो बनाया जाएगा। इसके साथ ही सभी एचटी लाइनों को भूमिगत भी किया जाएगा। इसमें 11 हजार केवीए और 33 हजार केवीए की लाइन शामिल है। विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार शहर में 33 हजार केवी की साढ़े पांच सौ किमी लंबी लाइनें हैं जिनको भूमिगत करने का कार्य किया जाएगा।
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- विद्युत ढांचे के आधुनिकीकरण में जुटा विभाग
- 1313 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी जा चुकी है
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं हो हर मौसम में निर्बाध आपूर्ति देने के लिए सभी हाईटेंशन (एचटी) लाइन भूमिगत की जाएंगी। इसके लिए विद्युत निगम ने टेंडर जारी कर दिया है। विद्युत ढ़ांचे के आधुनिकीकरण योजना के तहत कार्य किया जाएगा। सभी एचटी लाइन कंट्रोल रूम से भी जोड़ी जाएंगी। ताकि एचटी लाइनों पर ऑनलाइन निगरानी रखी जा सके।
जिले में केंद्र और प्रदेश सरकार की संयुक्त योजना के तहत बिजली ढांचे के आधुनिकीकरण और स्काडा कंट्रोल योजना के तहत बिजली ढ़ांचे को सुधारने का कार्य किया जाना है। इसके लिए 1313 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके साथ बिजली लाइनों की क्षमता वृद्धि का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा जरुरत के अनुसार नई बिजली लाइनें भी डाली जाएंगी।
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पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के अधिकारियों के अनुसार इस कार्य को दो फेज में किया जाएगा। अभी स्काडा योजना के तहत लखनऊ मुख्यालय स्तर से 650 करोड़ रुपये का टेंडर नामी कंपनी को दे दिया गया है। नामी कंपनी के प्रतिनिधियों ने जिले के अभियंताओं के साथ काम के सिलसिले में बैठक भी करनी शुरू कर दी है। 650 करोड़ रुपये में सेक्टर-62 में कंट्रोल रूम तो बनाया जाएगा। इसके साथ ही सभी एचटी लाइनों को भूमिगत भी किया जाएगा। इसमें 11 हजार केवीए और 33 हजार केवीए की लाइन शामिल है। विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार शहर में 33 हजार केवी की साढ़े पांच सौ किमी लंबी लाइनें हैं जिनको भूमिगत करने का कार्य किया जाएगा।
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