{"_id":"61b0d51c1d4e4a087035879f","slug":"high-speed-took-the-lives-of-123-people-on-yamuna-expressway-this-year-grnoida-news-noi620213720","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुना एक्सप्रेसवे पर इस साल तेज रफ्तार ने छीनी 123 लोगों की जिंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुना एक्सप्रेसवे पर इस साल तेज रफ्तार ने छीनी 123 लोगों की जिंदगी
विज्ञापन
यमुना एक्सप्रेसवे पर बने सेंट्रल वर्ज के दोनों तरफ लगे क्रेश बीन बैरियर।
- फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर जनवरी से लेकर अब तक ग्रेटर नोएडा से आगरा के बीच 389 हादसे हुए हैं। तेज रफ्तार के कारण इन हादसों में करीब 123 लोगों ने जान गंवाई है। हादसों को रोकने के लिए यमुना प्राधिकरण ने सेंट्रल वर्ज पर 80 किमी तक दोनों ओर थ्राई क्रैश बीम बैरियर लगा दिए हैं। आगामी 31 जनवरी तक पूरे यमुना एक्सप्रेसवे पर यह बैरियर लगाने का लक्ष्य है। जिससे लोग सुरक्षित सफर कर सकें। यमुना प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में कम हादसे हुए हैं। वर्ष 2019 में 560 और वर्ष 2020 में 509 हादसे हुए। जबकि, इस साल 389 हादसे हुए हैं। वर्ष 2019 में एक्सप्रेसवे पर 195 लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 2020 में यह आंकड़ा घटकर 128 हो गया।
हादसों को रोकने के लिए एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर के दोनों ओर क्रैश बीम बैरियर लगाने का काम 50 फीसदी पूरा हो गया है। इसके अलावा सुरक्षा के लिए कई और काम पूरे कर लिए गए हैं। यमुना प्राधिकरण ने आईआईटी दिल्ली से सुरक्षा ऑडिट कराया था। यह ऑडिट सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित सड़क सुरक्षा समिति के आदेश पर कराया गया था। दिल्ली आईआईटी ने अपनी रिपोर्ट यमुना प्राधिकरण को सौंप दी थी। इसमें कई सुझाव दिए थे। इसमें मुख्य सुझाव क्रैश बीम बैरियर का था। आईआईटी का कहना था कि तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होने के बाद दूसरी तरफ पहुंच जाते हैं। इससे हादसा और बड़ा हो जाता है। क्रैश बीम बैरियर लगाने से ऐसा नहीं होगा। इस पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। यमुना प्राधिकरण की सख्ती के बाद अगस्त से इस पर काम शुरू हुआ।
क्रैश बीम बैरियर के बाहर लगेंगे साइनेज
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर साइनेज को बैरियर से बाहर करने, कंक्रीट के किमी वाले पिलर को हटाने, प्रवेश-निकासी व टोल प्लाजा पर रंबल स्ट्रिप लगाने का काम हो चुका है। इसके अलावा थर्मो प्लास्टिक मार्किंग का काम भी पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी तक क्रैश बीम बैरियर लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
हादसों को रोकने के लिए एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर के दोनों ओर क्रैश बीम बैरियर लगाने का काम 50 फीसदी पूरा हो गया है। इसके अलावा सुरक्षा के लिए कई और काम पूरे कर लिए गए हैं। यमुना प्राधिकरण ने आईआईटी दिल्ली से सुरक्षा ऑडिट कराया था। यह ऑडिट सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित सड़क सुरक्षा समिति के आदेश पर कराया गया था। दिल्ली आईआईटी ने अपनी रिपोर्ट यमुना प्राधिकरण को सौंप दी थी। इसमें कई सुझाव दिए थे। इसमें मुख्य सुझाव क्रैश बीम बैरियर का था। आईआईटी का कहना था कि तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होने के बाद दूसरी तरफ पहुंच जाते हैं। इससे हादसा और बड़ा हो जाता है। क्रैश बीम बैरियर लगाने से ऐसा नहीं होगा। इस पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। यमुना प्राधिकरण की सख्ती के बाद अगस्त से इस पर काम शुरू हुआ।
विज्ञापन
क्रैश बीम बैरियर के बाहर लगेंगे साइनेज
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर साइनेज को बैरियर से बाहर करने, कंक्रीट के किमी वाले पिलर को हटाने, प्रवेश-निकासी व टोल प्लाजा पर रंबल स्ट्रिप लगाने का काम हो चुका है। इसके अलावा थर्मो प्लास्टिक मार्किंग का काम भी पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी तक क्रैश बीम बैरियर लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन