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जेसिका लाल मर्डर केस: हाईकोर्ट ने मनु शर्मा की समय पूर्व रिहाई पर दिल्ली सरकार से मांगा जवाब

Fri, 21 Feb 2020 01:33 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 21 Feb 2020 01:33 AM IST
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high court seeks reply from government
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने मॉडल जेसिका लाल मर्डर केस में दोषी मुन शर्मा की समय पूर्व रिहाई के आग्रह पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। शर्मा ने याचिका दायर कर कहा है कि समय पूर्व रिहाई के उसके आग्रह को गलत तरीके से खारिज किया गया था। इसलिए संबंधित आदेश को रद्द कर उसे जेल से रिहा किया जाए।
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न्यायमूर्ति बृजेश सेठी की याचिका पर दिल्ली सरकार को स्टेटस रिपोर्ट व सजा समीक्षा बोर्ड (एसआरबी) का संबंधित रिकार्ड पेश करने का निर्देश दिया है। याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 30 मार्च की तारीख तय की गई है। मनु शर्मा ने अधिवक्ता अमित साहनी के जरिए याचिका दायर कर समय पूर्व रिहाई के मुद्दे पर सक्षम अधिकारी के 19 सितंबर 2019 के रद्द करने की मांग की है जिसमें एसआरबी की 19 जुलाई 2019 की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए मनु शर्मा के आग्रह को खारिज कर दिया गया था।
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याचिका में कहा गया है कि मनु शर्मा को सरकार द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है क्योंकि जेल में 23 साल बिताने के बाद भी समय पूर्व रिहाई का उसका आग्रह चार बार खारिज किया जा चुका है। यह तब है जब उसे उसके एनजीओ सिद्धार्थ वशिष्ट चेरीटेबल ट्रस्ट के अच्छे कामों के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है। सजा की अवधि में मनु शर्मा का रिकार्ड साफ रहा है और उसके खिलाफ कोई भी तथ्य नहीं है। जेल बंदियों के बच्चों की सहायता के लिए उसके प्रयासों की उपराज्यपाल व हाईकोर्ट भी प्रशंसा कर चुके हैं।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा के बेटे मनु शर्मा को हाईकोर्ट ने 2006 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। महरौली इलाके में स्थित रेस्टोरेंट में शराब न परोसने से नाराज होकर मनु शर्मा ने 30 अप्रैल 1999 को हत्या कर दी। हालांकि निचली अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में मनु शर्मा को बरी कर दिया था लेकिन हाईकोर्ट ने उसे दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर 2010 में मोहर लगा दी थी। -एजेंसी
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