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निजी न्यूज चैनल और संपादक के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर 2 माह में निर्णय लें
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चंडीगढ़/ पुन्हाना। पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय ने एसपी नूंह को निजी चैनल और उसके संपादक के खिलाफ दी गई शिकायत संबंधी मांग पत्र पर दो माह में निर्णय लेकर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। याचिका में आरोप लगाया गया था कि चैनल ने मेवात को लेकर कई खबरें चलाई थीं, जिन पर लोगों को धार्मिक आपत्ति थी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील तालीम हुसैन ने उच्च न्यायालय के समक्ष दलील रखी कि धर्म निरपेक्षता और विविधता में एकता इस देश की धरोहर है, लेकिन आज हर तरफ से इस पर हमला हो रहा है। निजी चैनल पर नूंह को लेकर कुछ ऐसी खबरें चलाई गईं, जिनसे आपसी सद्भाव बिगड़ने की आशंका थी। याचिकाकर्ता ने धार्मिक सद्भाव को बढ़ाने के लिए चैनल और उसके संपादक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एक मांगपत्र भी सौंपी थी। लेकिन मांगपत्र सौंपने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते याचिकाकर्ता को उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद इस मामले में नूूंह के एसपी को 2 माह के भीतर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि कार्रवाई उसी स्थिति में होगी जब एसपी को यह लगे कि याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं और कार्रवाई करना आवश्यक है।
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सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील तालीम हुसैन ने उच्च न्यायालय के समक्ष दलील रखी कि धर्म निरपेक्षता और विविधता में एकता इस देश की धरोहर है, लेकिन आज हर तरफ से इस पर हमला हो रहा है। निजी चैनल पर नूंह को लेकर कुछ ऐसी खबरें चलाई गईं, जिनसे आपसी सद्भाव बिगड़ने की आशंका थी। याचिकाकर्ता ने धार्मिक सद्भाव को बढ़ाने के लिए चैनल और उसके संपादक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एक मांगपत्र भी सौंपी थी। लेकिन मांगपत्र सौंपने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते याचिकाकर्ता को उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
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उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद इस मामले में नूूंह के एसपी को 2 माह के भीतर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि कार्रवाई उसी स्थिति में होगी जब एसपी को यह लगे कि याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं और कार्रवाई करना आवश्यक है।
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