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हाईकोर्ट ने इलेक्ट्रोनिक साक्ष्यों के अभाव में बुजुर्ग आरोपी को दी जमानत

Sat, 06 Feb 2021 12:35 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 06 Feb 2021 12:35 AM IST
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high court grants bail to senior citizen accused in Delhi riots case
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगों के सिलसिले में गिरफ्तार 63 वर्षीय बुजुर्ग को जमानत प्रदान की है। अदालत ने बुजुर्ग को राहत प्रदान करते हुए कहा कि दंगों में उनकी मौजूदगी दिखाने वाली कोई फोटो या वीडियो नहीं है। थाना दयालपुर पुलिस ने आरोपी को उत्तर पूर्वी दिल्ली में पिछले साल फरवरी में हुए दंगों के सिलसिले में सात अप्रैल 2020 को गिरफ्तार किया था। हाईकोर्ट ने कहा जांच पूरी हो चुकी है और आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। ऐसे में आरोपी को हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं है।
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न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी लियाकत अली बुजुर्ग है। उसके खिलाफ सीसीटीवी फुटेज, वीडियो या फोटो जैसा कोई इलेक्ट्रोनिक साक्ष्य नहीं है जिससे घटनास्थल पर उसकी मौजूदगी दिखाई जा सके। इन तथ्यों के मद्देनजर आरोपी को 25 हजार के निजी मुचलके तथा इतनी जमानत राशि पर जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया जाता है। आरोपी को किसी भी तरह साक्ष्यों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित न करने का आदेश दिया जाता है।
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पुलिस के अनुसार मोबाइल लोकेशन के अनुसार लियाकत अली घटनास्थल पर था और उसने पत्थरबाजी भी की थी। वहीं उसने अपने समुदाय के लोगों को दूसरे समुदाय पर हमला करने के लिए भड़काया था। उसका बेटा भी उसके साथ था। एक घायल की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार उसे गंभीर व खतरनाक चोटें लगी थीं।
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वहीं आरोपी ने इस मामले तथा दो अन्य मामलों में झूठा फंसाने का दावा करते हुए जमानत मांगी थी। उसने याचिका में कहा कि ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे उसे घटना के साथ जोड़ा जा सके। याचिका में ये भी कहा गया कि जांच के बाद आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है और उससे आगे पूछताछ की जरूरत नहीं है।

आरोपी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए एएसजी एसवी राजू ने कहा कि 25 फरवरी 2020 को जमा भीड़ द्वारा किए कृत्य के लिए आरोपी जिम्मेदार है और जमानत पाने का अधिकारी नहीं है। उसे सात मार्च, 23 मार्च तथा सात अप्रैल को तीन मामलों में गिरफ्तार किया गया था। हाईकोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि लियाकत अली को अभियोजन के गवाह प्रदीप वर्मा के बयान पर गिरफ्तार किया गया था। उसने पहली 28 मार्च तथा दूसरी बार 23 अप्रैल 2020 को पूरक बयान दिया था। -एजेंसी
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