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Noida News: 50% स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से चरमराई व्यवस्था, आरोग्य मंदिरों में ताला, मरीज बेहाल

Fri, 09 Oct 2026 09:11 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2026 09:11 PM IST
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Healthcare system crippled by strike of 50% of health workers; 'Aarogya Mandirs' locked, patients in distress.
माई सिटी रिपोर्टर
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नोएडा। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले में स्वास्थ्यकर्मियों का कार्य बहिष्कार शुक्रवार को दूसरे दिन भी पूरी मजबूती से जारी रहा। सेक्टर-39 स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर संविदा कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। स्वास्थ्य केंद्रों के करीब 50 फीसदी कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।


स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, गौतमबुद्ध नगर की सभी सीएचसी, पीएचसी, यूपीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिर समेत समेत अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल कार्यबल का करीब 50 फीसदी हिस्सा संविदा कर्मचारियों का है, जबकि शेष 50 फीसदी ही नियमित स्टाफ है। ऐसे में आधे कर्मचारियों द्वारा कामकाज ठप करने से स्वास्थ्य व्यवस्था लड़खड़ा गई है। नियमित स्टाफ पर मरीजों का दबाव दोगुना हो गया है, ऐसे में पर्चा काउंटर, डॉक्टर कक्ष और दवा वितरण केंद्रों पर अफरा-तफरी की स्थिति बनी हुई है।
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एनसीडी क्लीनिक में मरीजों की स्क्रीनिंग बंद -
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, प्रसव सेवाएं, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, लैब टेस्ट और सरकारी पोर्टल पर डेटा एंट्री का काम एनएचएम कर्मियों की देखरेख में चलता है। वहीं, एनसीडी क्लीनिक सिर्फ एनएचएम कर्मचारियों की देखरेख में चलता है यहां पर नियमित स्टाफ नहीं है, लेकिन एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से मरीजों की स्क्रीनिंग नहीं हो पा रही है। इसमें कैंसर, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन आदि की स्क्रीनिंग की जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां जिले में रोजाना करीब 500 मरीजों की स्क्रीनिंग की जाती है।
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सीएचओ की हड़ताल से आरोग्य मंदिरों पर ताला -
जिले की 6 सीएचसी, 16 यूपीएचसी, 21 पीएचसी और 14 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में प्रतिदिन औसतन 2,500 मरीज उपचार के लिए आते हैं। अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर 50 फीसदी स्टाफ हड़ताल पर है लेकिन आरोग्य मंदिरों में कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) की हड़ताल से आरोग्य मंदिरों में ताला लगा है। पैरामेडिकल स्टाफ की गैरमौजूदगी से प्राथमिक जांच व दवा वितरण का काम भी बुरी तरह प्रभावित है। वहीं, सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 3,000 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों की कमी के कारण मरीजों को घंटों कतार में खड़े रहना पड़ रहा है।

एएनएम की हड़ताल पर, टीकाकरण भी अटका -

जिले के करीब 450 संविदा कर्मचारी वर्तमान में कार्य बहिष्कार पर हैं, जिनमें 45 डॉक्टर, 200 पैरामेडिकल कर्मी और 150 एएनएम शामिल हैं। एएनएम की हड़ताल में शामिल होने से नियमित टीकाकरण अभियान पर ब्रेक लग गया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के अनुसार, जिले में रोजाना करीब 1,000 बच्चों का टीकाकरण किया जाता है, जो संविदा कर्मियों के धरने के चलते पूरी तरह प्रभावित हो चुका है।




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