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Noida News: सूरजकुंड मेला वीआईपी गेट के पास हरियाणा के अपना घर का होगा विस्तार

Sun, 15 Jan 2023 07:10 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 15 Jan 2023 07:10 PM IST
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Haryana's own house will have an extension near the authorized gate
फोटो संख्याः 16
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अर्जुन के पेड़ों के पास बनेगी चौपाल, हुक्के का होगा इंतजाम

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सूरजकुंड की मनमोहक वादियों में 3 से 19 फरवरी तक लगने वाले 36वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। मेले में जहां विभिन्न देशों की संस्कृति के रंग देखने को मिलेंगे वहीं हरियाणा का अपना घर मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा। इस बार हरियाणा के अपना घर का विस्तार किया जाएगा। अर्जुन के पेड़ों के पास चौपाल बढ़ाई जाएगी, जहां दर्शक हुक्के का आनंद ले सकेंगे।
सूरजकुंड मेले को नए रंग रूप में सजाने का कार्य तेजी से जारी है। दीवारों पर पुताई के साथ लाइटों की व्यवस्था की जा रही है। वहीं हरियाणा पर्यटन निगम की ओर से अपना घर बनाया जा रहा है। पिछले वर्षों में हरियाणा का अपना घर मुख्य चौपाल के पिछले हिस्से में था। मुख्य चौपाल के विस्तार के साथ ही पुराने अपना घर की जगह पर अब कलाकारों के लिए ग्रीन रूम बना दिया गया है।
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थीम स्टेट में शामिल आठ राज्यों के एक जोन को भी संवारा
मेले में अपना घर हरियाणा की शान है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को वीआईपी गेट से ही प्रवेश दिया जाता है। अपना घर के पास ही थीम स्टेट में शामिल आठ राज्यों के एक जोन को भी संवारा जा रहा है। यहां की सड़क को चमकाया जा रहा है।
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दर्शकों को लुभाएंगे लोकगीत
मेले में इस बार नाॅर्थ ईस्ट के आठ राज्य थीम स्टेट के रूप में शामिल होंगे। असम, अरुणाचल, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड और सिक्किम सहभागी होंगे। चौपालों पर इन राज्यों के लोकगीत दर्शकों को लुभाते नजर आएंगे। मेले में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) से जुड़े कई देश पार्टनर कंट्री के रूप में सहभागी बनेंगे। विरासत हैरिटेज विलेज, कुरुक्षेत्र की ओर से हरियाणा में हलों की विविधता, उसके प्रकार व इतिहास, खेती-बाड़ी के औजारों की विविधता, उनकी प्रदर्शनी, पगड़ी परंपरा का इतिहास और महत्व के बारे में पर्यटकों को जानकारी दी जाएगी।


रोडवेज ने सामान्य बसों के साथ लो फ्लोर वोल्वो बसें चलाने की योजना तैयार की है।
विश्व प्रसिद्ध मेले तक पहुंचाने के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन साधन न होने से लोगों को दिक्कत होती है। मेला देखने के लिए या तो स्वयं का वाहन या फिर हरियाणा रोडवेज की बसों पर निर्भर रहना पड़ता है। हरियाणा रोडवेज की बसों के अलावा दूसरा सार्वजनिक परिवहन साधन सूरजकुंड तक पहुंचने के लिए उपलब्ध नहीं हो पाता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले को लेकर रोडवेज ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। रोडवेज ने सामान्य बसों के साथ-साथ लो फ्लोर वोल्वो बसें चलाने की योजना तैयार की है। विभिन्न रूटों से मेला स्थल तक वोल्वो बसें चलाने के लिए अधिकारी पहले रूटों की समीक्षा करेंगे। वोल्वो बसें चलने से मेले में जाने वाले दर्शकों को रोडवेज की खटारा बसों से निजात मिलेगी।



प्रदेश के सांस्कृतिक परिवेश को दर्शाने के लिए अपना घर पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को यहां की ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
- यूएस भारद्वाज, मेला नोडल अधिकारी
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