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हस्तशिल्प कारीगरों में बहुत दम, प्रोत्साहित करना जरूरी : रामदास अठावले
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ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में लगे हस्तशिल्प मेले में उत्पादों को देखती महिलाएं व य?
- फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा। केंद्रीय राज्यमंत्री सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता रामदास अठावले ने हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) द्वारा इंडिया एक्सपो सेंटर में आयोजित एशिया के सबसे बड़े चार दिवसीय मेले का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत के हस्तशिल्प कारीगरों में बहुत दम है। उनकी कारीगरी का ही कमाल है कि विदेशी खरीदार भी खिंचे चले आते हैं। ज्यादा से ज्यादा हस्तशिल्प उत्पादों का इस्तेमाल कर प्रोत्साहित करने की जरूरत है। इस सेक्टर से 70 लाख लोग जुड़े हैं। इन्हें और इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने की जरूरत है। प्रदर्शनी में देश के विभिन्न राज्यों के 1500 से अधिक प्रदर्शक और 90 देशों के खरीदार भाग ले रहे हैं।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ हस्तशिल्प कारीगरों को प्रशिक्षण देने की जरूरत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्किल ट्रेनिंग में मंत्रालय की ओर से कारीगरों की मदद की जाएगी। केंद्र सरकार सबका साथ सबका विकास चाहती है। उन्होंने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने में हस्तशिल्प क्षेत्र का अहम योगदान हो सकता है। वहीं, केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय के सचिव उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि पिछला साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कठिनाइयों और चुनौतियों के बावजूद 2021-22 के पहले छह माह के दौरान 60 फीसदी की निर्यात वृद्धि में हस्तशिल्प सेक्टर का अहम योगदान रहा है।
उन्होंने आशा व्यक्त की है कि अब चीजें और बेहतर हो सकती हैं। हस्तशिल्प व उपहारों के व्यवसाय में स्पर्श और अनुभव बड़ा कारक होता है। उम्मीद है कि भौतिक मेलों के शुरू होने से ऑर्डर की संख्या और व्यवसाय में वृद्धि होगी। इससे निर्यातकों, उद्यमियों और कारीगारों के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मौके पर हस्तशिल्प के विकास आयुक्त शांतमनु, ईपीसीएच के अध्यक्ष आरके मल्होत्रा, ईपीसीएच के महानिदेशक राकेश कुमार, विशाल ढींगरा, फिल्म स्टार गगन मलिक, आरके वर्मा आदि मौजूद रहे।
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शायरी से खूब तालियां बटोरीं
भाषण के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री ने एक बार फिर से खूब शायरी की। इस दौरान उन्होंने मौके पर ही शायरी बनाई और सम्मेलन में बैठे लोगों को गुदगुदाया। उन्होंने कहा कि कश्मीर में आतंकवादी चला रहे बम, लेकिन अपने कारीगरों में है बहुत दम। एक शायरी में उन्होंने भारतीय कला और कारीगरों की तारीफ की। इससे पहले भी वह संसद में अपनी शायरी और जुमलों से सभी को गुदगुदाते रहे हैं।
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केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ हस्तशिल्प कारीगरों को प्रशिक्षण देने की जरूरत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्किल ट्रेनिंग में मंत्रालय की ओर से कारीगरों की मदद की जाएगी। केंद्र सरकार सबका साथ सबका विकास चाहती है। उन्होंने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने में हस्तशिल्प क्षेत्र का अहम योगदान हो सकता है। वहीं, केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय के सचिव उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि पिछला साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कठिनाइयों और चुनौतियों के बावजूद 2021-22 के पहले छह माह के दौरान 60 फीसदी की निर्यात वृद्धि में हस्तशिल्प सेक्टर का अहम योगदान रहा है।
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उन्होंने आशा व्यक्त की है कि अब चीजें और बेहतर हो सकती हैं। हस्तशिल्प व उपहारों के व्यवसाय में स्पर्श और अनुभव बड़ा कारक होता है। उम्मीद है कि भौतिक मेलों के शुरू होने से ऑर्डर की संख्या और व्यवसाय में वृद्धि होगी। इससे निर्यातकों, उद्यमियों और कारीगारों के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मौके पर हस्तशिल्प के विकास आयुक्त शांतमनु, ईपीसीएच के अध्यक्ष आरके मल्होत्रा, ईपीसीएच के महानिदेशक राकेश कुमार, विशाल ढींगरा, फिल्म स्टार गगन मलिक, आरके वर्मा आदि मौजूद रहे।
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शायरी से खूब तालियां बटोरीं
भाषण के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री ने एक बार फिर से खूब शायरी की। इस दौरान उन्होंने मौके पर ही शायरी बनाई और सम्मेलन में बैठे लोगों को गुदगुदाया। उन्होंने कहा कि कश्मीर में आतंकवादी चला रहे बम, लेकिन अपने कारीगरों में है बहुत दम। एक शायरी में उन्होंने भारतीय कला और कारीगरों की तारीफ की। इससे पहले भी वह संसद में अपनी शायरी और जुमलों से सभी को गुदगुदाते रहे हैं।