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हस्तशिल्प को मिल रही है वैश्विक पहचान : राकेश सचान
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हस्तशिल्प को मिल रही है वैश्विक पहचान : राकेश सचान
कैबिनेट मंत्री ने 60वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर ऑटम 2025 का दौरा किया, उत्पादों के बारे में ली जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क एक स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में बृहस्पतिवार को एमएसएमई, खादी, ग्रामोद्योग, रेशम उत्पादन और वस्त्र मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने 60वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर ऑटम 2025 का दौरा किया। प्रदर्शनी में उन्होंने दुकानदारों से बातचीत कर उत्पादों के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने कहा, प्रदर्शनी में लगे उत्पाद देश व विदेश के लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे है। इससे हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान मिल रही है। इसमें प्रदेश सरकार लोकल फॉर वोकल के लिए आयोजन करने में काफी आगे निकल गई है। प्रदर्शनी में करीब एक हजार से अधिक प्रदर्शक उत्तर प्रदेश के हैं। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी के माध्यम से देश और दुनिया के पर्यटकों के आने से हस्तशिल्प, हथकरघा और शिल्पकारों के उत्पादों को फायदा मिला है। यही नहीं, उत्तर प्रदेश ऐसा पहला ऐसा राज्य है, जिसने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन किया।
- बांस से बने उत्पाद पर्यावरण संरक्षण का दे रहे संदेश
इंडिया एक्सपो सेंटर में चल रहे दिल्ली फेयर में स्टॉल लगाने वाले प्रियम हजारिका ने बताया कि वह पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए बांस व जलकुंभी से घर के सजावट की सामग्री बना रही हैं। असम में निजी कंपनी के नाम से काम किया जा रहा है। इस कार्य को करीब 3000 महिलाओं के द्वारा किया जा रहा है। उनका मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और विदेशों में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि उनके उत्पादों की मांग फ्रांस, यूके, इजराइल समेत देशों में सबसे अधिक है। उन्होंने बताया कि उनकी निजी कंपनी बनाने का मुख्य उद्देश्य घरेलू महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
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कैबिनेट मंत्री ने 60वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर ऑटम 2025 का दौरा किया, उत्पादों के बारे में ली जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क एक स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में बृहस्पतिवार को एमएसएमई, खादी, ग्रामोद्योग, रेशम उत्पादन और वस्त्र मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने 60वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर ऑटम 2025 का दौरा किया। प्रदर्शनी में उन्होंने दुकानदारों से बातचीत कर उत्पादों के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने कहा, प्रदर्शनी में लगे उत्पाद देश व विदेश के लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे है। इससे हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान मिल रही है। इसमें प्रदेश सरकार लोकल फॉर वोकल के लिए आयोजन करने में काफी आगे निकल गई है। प्रदर्शनी में करीब एक हजार से अधिक प्रदर्शक उत्तर प्रदेश के हैं। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी के माध्यम से देश और दुनिया के पर्यटकों के आने से हस्तशिल्प, हथकरघा और शिल्पकारों के उत्पादों को फायदा मिला है। यही नहीं, उत्तर प्रदेश ऐसा पहला ऐसा राज्य है, जिसने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन किया।
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- बांस से बने उत्पाद पर्यावरण संरक्षण का दे रहे संदेश
इंडिया एक्सपो सेंटर में चल रहे दिल्ली फेयर में स्टॉल लगाने वाले प्रियम हजारिका ने बताया कि वह पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए बांस व जलकुंभी से घर के सजावट की सामग्री बना रही हैं। असम में निजी कंपनी के नाम से काम किया जा रहा है। इस कार्य को करीब 3000 महिलाओं के द्वारा किया जा रहा है। उनका मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और विदेशों में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि उनके उत्पादों की मांग फ्रांस, यूके, इजराइल समेत देशों में सबसे अधिक है। उन्होंने बताया कि उनकी निजी कंपनी बनाने का मुख्य उद्देश्य घरेलू महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
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