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एच3एन2 इंफ्लूएंजा : जिले में अब तक एक भी जांच नहीं

Tue, 21 Mar 2023 12:34 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 21 Mar 2023 12:34 AM IST
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H3N2 influenza: not a single investigation in the district so far
एच3एन2 इंफ्लूएंजा : जिले में अब तक एक भी जांच नहीं
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सरकारी और निजी अस्पतालों को गाइडलाइन जारी करना भूला स्वास्थ्य विभाग

जिला अस्पताल से बिना जांच के ही मरीजों को दवा देकर लौटाया जा रहा


योगेश शर्मा

नोएडा। देश में एच3एन2 इंफ्यूएंजा वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीच जिला स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अब तक इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) लक्षण वाले एक भी मरीज की जांच नहीं की गई है। विभाग सरकारी और निजी अस्पतालों को शासन की ओर से जारी गाइडलाइन भेजना ही भूल गया है। निजी अस्पताल संदिग्ध मरीजों की स्वाइन फ्लू की जांच कर रहे हैं, जबकि सरकारी अस्पतालों से मरीजों को बिना जांच के ही दवा देकर लौटाया जा रहा है।
इंफ्लूएंजा वायरस का एच3एन2 स्वरूप तेजी से पांव पसारते देख शासन ने 12 मार्च को गाइडलाइन जारी की थी। लक्षण वाले मरीजों की आरटी-पीसीआर जांच कर नमूने मेरठ मेडिकल कॉलेज की लैब में भेजने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही, सभी अस्पतालों को सतर्कता बरतने की हिदायत देने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा गया था, लेकिन आठ दिन बाद भी किसी अस्पताल को विभाग ने गाइडलाइन नहीं भेजी गई है। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ. एचएम लवानिया ने बताया कि फिलहाल केवल कोरोना मरीजों की आरटी-पीसीआर और एंटीजन जांच कर नमूने स्थानीय लैब में भेजे जा रहे हैं। विभाग ने गाइडलाइन मिलने पर ही आईएलआई लक्षण वाले मरीजों की जांच की जाएगी।
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एंटीजन जांच के भरोसे कोरोना से निपटने की तैयारी

कोरोना के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन इससे निपटने के नाम पर जिले में खानापूर्ति हो रही है। जिले में महज 500 जांच रोजाना हो रही हैं। इसमें भी 90 फीसदी संदिग्ध मरीजों की रैपिड एंटीजन जांच की जा रही है। जिला अस्पताल में रोजाना 100 जांच हो रही हैं। जिसमें 10 मरीजों की ही आरटी-पीसीआर जांच की जा रही है। खतरे का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि कम जांच में ही जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 28 तक पहुंच गई है। सोमवार को तीन नए मरीजों की पुष्टि हुई है।
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संदिग्ध मरीजों की दोनों जांच जरूरी



कोरोना वायरस की तरह ही एच3एन2 का वायरस भी फैलता है। ऐसे में शासन की ओर से संदिग्ध मरीजों की कोविड और एच3एन2 जांच अनिवार्य की गई है, लेकिन जिले का स्वास्थ्य महकमा लापरवाही बरत रहा है।




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इनका रखें ध्यान



- मास्क लगाएं और भीड़भाड़ वाली जगह जाने से बचें। हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें।



- 60 वर्ष से ऊपर के लोगों और विशेषकर पहले से अन्य बीमारियों से ग्रस्त लोग सावधानी बरतें।
- माइल्ड कोविड और माइल्ड इंफ्लूएंजा व्यावहारिक रूप से लक्षणों के मामले में एक-दूसरे से मिलते जुलते हैं। इंफ्लूएंजा में ठंड ज्यादा लगती है। शरीर या सिर में ज्यादा दर्द रहता है।




-इस मौसम में बुखार की समस्या सामान्य है लेकिन अगर दवाइयों से आराम नहीं हो या लक्षण गंभीर हो रहे हैं तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।




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अस्पतालों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा जा चुका है। जल्द ही दिशा-निर्देश सभी अस्पतालों को भेजे जाएंगे। - डॉ. अमित कुमार, जिला जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ
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