Gupt Navratri 2023: आज से शुरू होंगे गुप्त नवरात्र, देवी के नौ रूपों का होगा पूजन, ये हैं शुभ योग मुहूर्त
गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों में भी मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। ज्योतिष महर्षि पंडित प्रकाश जोशी के अनुसार गुप्त नवरात्रि में नौ दिन के लिए कलश स्थापना की जा सकती है।
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माघ मास के गुप्त नवरात्र रविवार से शुरू हो रहे हैं और 30 जनवरी तक चलेंगे। नवरात्रि साल में चार बार आती है। ज्योतिषविदों के अनुसार साल में चार बार नवरात्र आते हैं। जिनमें से दो दृश्य दो अदृश्य यानी गुप्त नवरात्रि होते हैं।
माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से पहले गुप्त नवरात्री की शुरुआत होती है। गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों में भी मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। ज्योतिष महर्षि पंडित प्रकाश जोशी के अनुसार गुप्त नवरात्रि में नौ दिन के लिए कलश स्थापना की जा सकती है। यदि कलश की स्थापना की है तो सुबह-शाम मंत्र जाप, चालीसा या सप्तशती का पाठ करें। दोनों ही समय आरती करना भी अच्छा होगा। मां को दोनों समय भोग भी लगाएं।
सबसे सरल और उत्तम भोग है लौंग और बताशा। मां के लिए लाल फूल सर्वोत्तम होता है, हालांकि इस दौरान मां को आक, मदार, दूब और तुलसी बिल्कुल न चढ़ाएं। पूरे नौ दिन अपना खान-पान और आहार सात्विक रखें।
माघ गुप्त नवरात्रि रविवार, 22 जनवरी 2023
| प्रतिपदा तिथि प्रारंभ | जनवरी 22, 2023 को सुबह 02 बजकर 22 मिनट से |
| प्रतिपदा तिथि समाप्त | जनवरी 22, 2023 को रात 10 बजकर 27 मिनट तक |
| घटस्थापना मुहूर्त | सुबह 09 बजकर 59 मिनट से लेकर 10 बजकर 46 मिनट तक |
| घटस्थापना अभिजित मुहूर्त | दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से लेकर 12 बजकर 54 मिनट तक |
| प्रतिपदा (मां शैलपुत्री) | 22 जनवरी 2023 |
| द्वितीया (मां ब्रह्मचारिणी) | 23 जनवरी 2023 |
| तृतीया (मां चंद्रघंटा) | 24 जनवरी 2023 |
| चतुर्थी (मां कुष्मांडा) | 25 जनवरी 2023 |
| पंचमी (मां स्कंदमाता) | 26 जनवरी 2023 |
| षष्ठी (मां कात्यायनी) | 27 जनवरी 2023 |
| सप्तमी (मां कालरात्रि) | 28 जनवरी 2023 |
| अष्टमी (मां महागौरी) | 29 जनवरी 2023 |
| नवमी (मां सिद्धिदात्री) | 30 जनवरी 2023 |