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Noida News: जमीन देने वाले 3065 विस्थापित किसानों को मिलेगा प्लॉटों का मालिकाना हक
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नोएडा एयरपोर्ट ...
जमीन देने वाले 3065 विस्थापित किसानों को मिलेगा भूखंडों का मालिकाना हक
- दो साल बाद एयरपोर्ट टाउनशिप में आवंटित प्लांटों की होगी रजिस्ट्री
नंबर
18:71 करोड़ रुपये खर्च करेगा नागरिक उड्डयन विभाग
42 हेक्टेयर में बसाई गई है जेवर बांगर में टाउनशिप
मनोज कुमार शर्मा
जेवर। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के निर्माण के लिए अपने घरों की जमीन देने वाले विस्थापित किसानों को जल्द टाउनशिप में आवंटित प्लॉटों का मालिकाना हक मिलेगा। प्रशासन ने सात गांवों के 3065 किसानों को जेवर बांगर में बसाई गई टाउनशिप में आवंटित 194700 वर्गमीटर पर लगने रजिस्ट्री फीस और स्टाम्प शुल्क के लिए मांग पत्र जारी किया है। उपनिबंधक कार्यालय जेवर ने किसानों को मालिकाना हक दिलाने के लिए 18.71 करोड़ रुपये का खर्च बताया है। जिला प्रशासन ने नागरिक उड्डयन विभाग को मांग पत्र भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल में पैसा आने के साथ ही किसानों को मालिकाना हक दिलाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
एयरपोर्ट के प्रथम फेज के निर्माण के लिए जेवर में 1239 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की गई थी। जेवर के नगला गणेशी, नगला छीतर, नगला फूलखां, नगला शरीफ, किशोरपुर, रोही और दयानतपुर खेड़ा गांव के 3065 किसानों को विस्थापित किया गया था। विस्थापित किसानों को जेवर बांगर की 48 हेक्टेयर जमीन में टाउनशिप विकसित करते हुए विस्थापित किया गया। विस्थापित किसानों को आवंटित प्लॉट का मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा था। अपर जिलाधिकारी भूमि आधिपत्य बलराम सिंह ने उपजिलाधिकारी से प्रभावित किसानों को मालिकाना हक में होने वाले खर्चे का मांग पत्र मांगा था। जिसके बाद एयरपोर्ट प्रशासक व उपजिलाधिकारी ने उप निबंधक जेवर मांग पत्र के लिए पत्र जारी किया। उपनिबंधक जेवर 194700 वर्गमीटर जमीन के 3065 प्लॉटों की रजिस्ट्री में आने वाले 18 करोड़ 71 लाख रुपये का मांग पत्र भेज दिया है। जिसे जिला प्रशासन के माध्यम से नागरिक उडडयन विभाग को भेज दिया गया है। मार्च में किसानों की रजिस्ट्री के लिए पैसा जारी होने की उम्मीद है। जिसके बाद किसानों को मालिकाना हक देना शुरू कर दिया जाएगा।
किस गांव के कितने किसानों को आवंटित हुए कितने प्लॉट
गांव- किसानों की संख्या-प्लाॅट का क्षेत्रफल
नगला गणेशी- 236-14590 वर्गमीटर
नगला छीतर -771 - 46410 वर्गमीटर
नगला फूलखां- 176 - 14970 वर्गमीटर
नगला शरीफ खां -552 - 34900 वर्गमीटर
किशोरपुर- 12 - 860 वर्गमीटर
रोही -1074- 64580 वर्गमीटर
दयानतपुर खेड़ा -244- 18390 वर्गमीटर
एयरपोर्ट में प्रभावित सात गांवों के किसानों को 3065 प्लॉटों का आवंटन किया गया था। प्लॉटों पर कब्जा देते हुए मकानों के निर्माण की अनुमति दी गई। किसानों को नागरिक उड्डयन विभाग निशुल्क मालिकाना हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।, इसके लिए पत्र भेज दिया गया है। किसानों को मालिकाना हक की मांग जल्द पूरी हो जाएगी। - अभय कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी जेवर व नोएडा एयरपोर्ट प्रशासक
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जमीन देने वाले 3065 विस्थापित किसानों को मिलेगा भूखंडों का मालिकाना हक
- दो साल बाद एयरपोर्ट टाउनशिप में आवंटित प्लांटों की होगी रजिस्ट्री
नंबर
18:71 करोड़ रुपये खर्च करेगा नागरिक उड्डयन विभाग
42 हेक्टेयर में बसाई गई है जेवर बांगर में टाउनशिप
मनोज कुमार शर्मा
जेवर। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के निर्माण के लिए अपने घरों की जमीन देने वाले विस्थापित किसानों को जल्द टाउनशिप में आवंटित प्लॉटों का मालिकाना हक मिलेगा। प्रशासन ने सात गांवों के 3065 किसानों को जेवर बांगर में बसाई गई टाउनशिप में आवंटित 194700 वर्गमीटर पर लगने रजिस्ट्री फीस और स्टाम्प शुल्क के लिए मांग पत्र जारी किया है। उपनिबंधक कार्यालय जेवर ने किसानों को मालिकाना हक दिलाने के लिए 18.71 करोड़ रुपये का खर्च बताया है। जिला प्रशासन ने नागरिक उड्डयन विभाग को मांग पत्र भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल में पैसा आने के साथ ही किसानों को मालिकाना हक दिलाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
एयरपोर्ट के प्रथम फेज के निर्माण के लिए जेवर में 1239 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की गई थी। जेवर के नगला गणेशी, नगला छीतर, नगला फूलखां, नगला शरीफ, किशोरपुर, रोही और दयानतपुर खेड़ा गांव के 3065 किसानों को विस्थापित किया गया था। विस्थापित किसानों को जेवर बांगर की 48 हेक्टेयर जमीन में टाउनशिप विकसित करते हुए विस्थापित किया गया। विस्थापित किसानों को आवंटित प्लॉट का मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा था। अपर जिलाधिकारी भूमि आधिपत्य बलराम सिंह ने उपजिलाधिकारी से प्रभावित किसानों को मालिकाना हक में होने वाले खर्चे का मांग पत्र मांगा था। जिसके बाद एयरपोर्ट प्रशासक व उपजिलाधिकारी ने उप निबंधक जेवर मांग पत्र के लिए पत्र जारी किया। उपनिबंधक जेवर 194700 वर्गमीटर जमीन के 3065 प्लॉटों की रजिस्ट्री में आने वाले 18 करोड़ 71 लाख रुपये का मांग पत्र भेज दिया है। जिसे जिला प्रशासन के माध्यम से नागरिक उडडयन विभाग को भेज दिया गया है। मार्च में किसानों की रजिस्ट्री के लिए पैसा जारी होने की उम्मीद है। जिसके बाद किसानों को मालिकाना हक देना शुरू कर दिया जाएगा।
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किस गांव के कितने किसानों को आवंटित हुए कितने प्लॉट
गांव- किसानों की संख्या-प्लाॅट का क्षेत्रफल
नगला गणेशी- 236-14590 वर्गमीटर
नगला छीतर -771 - 46410 वर्गमीटर
नगला फूलखां- 176 - 14970 वर्गमीटर
नगला शरीफ खां -552 - 34900 वर्गमीटर
किशोरपुर- 12 - 860 वर्गमीटर
रोही -1074- 64580 वर्गमीटर
दयानतपुर खेड़ा -244- 18390 वर्गमीटर
एयरपोर्ट में प्रभावित सात गांवों के किसानों को 3065 प्लॉटों का आवंटन किया गया था। प्लॉटों पर कब्जा देते हुए मकानों के निर्माण की अनुमति दी गई। किसानों को नागरिक उड्डयन विभाग निशुल्क मालिकाना हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।, इसके लिए पत्र भेज दिया गया है। किसानों को मालिकाना हक की मांग जल्द पूरी हो जाएगी। - अभय कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी जेवर व नोएडा एयरपोर्ट प्रशासक
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