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शर्मनाक: कोरोना का हवाला देकर नोएडा से लेकर गाजियाबाद तक के 10 अस्पतालों ने घायल दंपती को टरकाया
Tue, 04 May 2021 12:44 AM IST
पूजा त्रिपाठी
जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 04 May 2021 12:44 AM IST
सार
उपचार कराने के लिए दंपती, बेटों के साथ रातभर ग्रेटर नोएडा, दादरी और गाजियाबाद के करीब दस अस्पतालों में भटकते रहे, लेकिन कोरोना संक्रमण का हवाला देकर उन्हें कहीं भर्ती नहीं किया गया। दादरी के जर्राह ने महिला और एक निजी अस्पताल में उनके पति का प्राथमिक उपचार हुआ। दंपती अगले दिन तड़के घर लौटे।
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घायल दंपती
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ग्रेटर नोएडा के रिठौरी गांव निवासी महिला अपनी बहन की मृत्यु का समाचार सुनकर पति के साथ भंगेल जाने के दौरान सड़क हादसे का शिकार हो गई। यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर कार की टक्कर से महिला और उनके पति की टांग टूट गई। दोनों के तीन-तीन फ्रैक्चर हुए।
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उपचार कराने के लिए दंपती, बेटों के साथ रातभर ग्रेटर नोएडा, दादरी और गाजियाबाद के करीब दस अस्पतालों में भटकते रहे, लेकिन कोरोना संक्रमण का हवाला देकर उन्हें कहीं भर्ती नहीं किया गया। दादरी के जर्राह ने महिला और एक निजी अस्पताल में उनके पति का प्राथमिक उपचार हुआ। दंपती अगले दिन तड़के घर लौटे। दोनों को अब भी उपयुक्त उपचार की दरकार है।
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रिठौरी गांव निवासी सौरभ ने बताया कि उनके पिता जयकिशन अजायबपुर रेलवे स्टेशन के पास फर्नीचर की दुकान चलाते हैं। 27 अप्रैल को सौरभ की मौसी यानि उसकी मां जगमती की बहन की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इस बात की खबर मिलने पर जयकिशन और जगमति बाइक पर सवार होकर भंगेल जा रहे थे।
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इसी दौरान यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर एक कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। परिजनों का कहना है कि दोनों की टांग में तीन-तीन फैक्चर हैं और उनका ऑपरेशन होना चाहिए। हादसे के बाद कार चालक को पुलिस ने पकड़ लिया था और परिजनों ने उसके खिलाफ नॉलेज पार्क थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।
दर्द के इंजेक्शन देकर लौटाया
सौरभ और उसका भाई, घायल माता-पिता को ग्रेनो के नामी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्हें भर्ती कर उपचार देने की बजाय दर्द के इंजेक्शन देकर टरका दिया गया। अस्पताल कर्मियों ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण घायलों को भर्ती नहीं कर सकते, किसी अन्य अस्पताल में ले जाओ। इसके बाद परिजन दादरी और गाजियाबाद के अन्य अस्पतालों में लेकर पहुंचे। करीब 10 अस्पतालों ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके चलते दादरी के एक निजी अस्पताल और एक जर्राह से प्राथमिक उपचार लेने के बाद दंपती घर में रहकर हालात सामान्य होने का इंतजार करने पर विवश हैं।