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सूरत-ए-हाल : ग्रेटर नोएडा फिर देश में सबसे प्रदूषित, ग्रैप लागू होने से पहले बिगड़ी स्थिति, कल 298 था एक्यूआई
Sun, 01 Oct 2023 05:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 01 Oct 2023 05:53 AM IST
सार
शनिवार को ग्रेटर नोएडा एक बार फिर देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 298 दर्ज किया गया। एक्यूआई के लिहाज से शहर रेड जोन में पहुंच गया है।
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एनसीआर में प्रदूषण
- फोटो : ANI
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विस्तार
एनसीआर में रविवार से लागू होने वाले ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) से एक दिन पहले ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण की स्थिति खराब हो गई है। शनिवार को ग्रेटर नोएडा एक बार फिर देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 298 दर्ज किया गया। एक्यूआई के लिहाज से शहर रेड जोन में पहुंच गया है। अहम है कि बीते दस दिनों में दो से ज्यादा बार ग्रेनो देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा है।
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रविवार से लागू होने वाली ग्रैप की शर्तें दिल्ली के वायु प्रदूषण के आधार पर लागू होंगी। हालांकि जिले के तीनों प्राधिकरणों, प्रशासन और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने इससे जुड़ी कोई तैयारी नहीं की है। पाबंदिया लागू होने से एक दिन पहले तक सभी विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। यूपीपीसीबी के अधिकारियों का कहना है कि शहरी क्षेत्र में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ग्रैप के नियमों का पालन कराएगी।
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प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक सड़कों की धूल और निर्माणाधीन साइटों पर नियमों का उल्लंघन ही प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है। टूटी सड़कों को बनाने और धूल को साफ करने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में प्राधिकरण को पत्र भेजा जा चुका है। वहीं लोगों का कहना है कि अगर यहीं हाल रहा तो जल्द ही एक्यूआई रेड जोन और फिर डार्क रेड जोन में पहुंच जाएगा।
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347 रहा ग्रेनो वेस्ट का एक्यूआई
यूपीपीसीबी ने प्रदूषण के स्तर का पता लगाने के लिए ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट में मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए हैं। जिनके हिसाब से ग्रेनो वेस्ट वायु प्रदूषित की स्थिति ज्यादा खराब है। शनिवार को यहां का एक्यूआई 374 दर्ज किया गया है। विभाग के मुताबिक निर्माणाधीन साइटों की संख्या अधिक होने के कारण यहां प्रदूषण ज्यादा है।