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रंजीत का बागेश्वर धाम कनेक्शन: अर्जी लगाने गया था भाई, लेकिन उससे पहले पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
Tue, 07 Feb 2023 10:05 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 07 Feb 2023 10:05 AM IST
सार
प्रेमिका पर शादी का दवाब बनाना युवक को भारी पड़ गया। प्रेमिका ने परिजनों के साथ मिलकर युवक की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने तालाब से नरमुंड और हड्डियां बरामद की हैं। ग्रेटर नोएडा के रहने वाले रंजीत की हत्या में उसकी प्रेमिका समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई।
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बागेश्वर धाम पहुंचा भाई, अर्जी से पहले हुआ खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आठ महीने पहले गाजियाबाद के बम्हेटा स्थित घर बुलाकर ग्रेटर नोएडा के रहने वाले रंजीत की हत्या में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। रंजीत की हत्या प्रेमिका और उसके परिजनों ने मिलकर की थी। उसे प्रेमिका ने ही फोन कर परिजनों से शादी की बात करने के लिए अपने घर बुलाया था। परिजनों ने रंजीत की हत्या कर शव को चिपियाना गांव के तालाब में फेंक दिया था। पुलिस ने तालाब से नरमुंड, हड्डियां और कपड़े बरामद कर प्रेमिका, उसके भाई शुभम, मां बीना, पिता रामबाबू और मामा मनीष को गिरफ्तार किया है। वहीं, रंजीत हत्या में बागेश्वर धाम का कनेक्शन भी सामने आया है।
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा विशाल पांडे ने बताया मूलरूप से हरदोई निवासी रंजीत हैबतपुर गांव में रहता था। वह ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटी में लोगों के कपड़े प्रेस करता था। 13 जून 2022 को वह लापता हो गया। परिजन उसकी तलाश में जुट गए लेकिन पुलिस को शिकायत देकर रंजीत की बरामदगी की मांग की।
शुरुआत में पुलिस ने ढुलमुल रवैया अपनाया मगर 26 जनवरी को पुलिस ने लोगों की सूचना पर चिपियाना गांव के तालाब से नरमुंड, शरीर के अन्य अंगों की हड्डियां, कपड़े, बेल्ट, चाबी आदि बरामद की। इनसे युवक की पहचान रंजीत के रूप में की गई। पुलिस ने फोन कॉल के आधार पर इस मामले में गाजियाबाद के बम्हेटा गांव निवासी रंजीत की प्रेमिका और उसके चार परिजन से पूछताछ की और अपराध स्वीकार करने पर उनको गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपियों ने पुलिस को बताया कि रंजीत ने उनकी बेटी का वीडियो बनाने व वायरल करने की धमकी देने पर उन्होंने हत्या की। वारदात से एक माह पहले उन्होंने रंजीत की पिटाई भी की थी। पुलिस ने रंजीत के लापता होने के बाद आरोपियों से कई बार पूछताछ की थी लेकिन वह हर बार गुमराह करते रहे।
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एडीसीपी सेंट्रल नोएडा विशाल पांडे ने बताया मूलरूप से हरदोई निवासी रंजीत हैबतपुर गांव में रहता था। वह ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटी में लोगों के कपड़े प्रेस करता था। 13 जून 2022 को वह लापता हो गया। परिजन उसकी तलाश में जुट गए लेकिन पुलिस को शिकायत देकर रंजीत की बरामदगी की मांग की।
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शुरुआत में पुलिस ने ढुलमुल रवैया अपनाया मगर 26 जनवरी को पुलिस ने लोगों की सूचना पर चिपियाना गांव के तालाब से नरमुंड, शरीर के अन्य अंगों की हड्डियां, कपड़े, बेल्ट, चाबी आदि बरामद की। इनसे युवक की पहचान रंजीत के रूप में की गई। पुलिस ने फोन कॉल के आधार पर इस मामले में गाजियाबाद के बम्हेटा गांव निवासी रंजीत की प्रेमिका और उसके चार परिजन से पूछताछ की और अपराध स्वीकार करने पर उनको गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपियों ने पुलिस को बताया कि रंजीत ने उनकी बेटी का वीडियो बनाने व वायरल करने की धमकी देने पर उन्होंने हत्या की। वारदात से एक माह पहले उन्होंने रंजीत की पिटाई भी की थी। पुलिस ने रंजीत के लापता होने के बाद आरोपियों से कई बार पूछताछ की थी लेकिन वह हर बार गुमराह करते रहे।
गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए पांच माह भटके परिजन
रंजीत के भाई गुड्डू ने बताया कि भाई के लापता होने के बाद उन्हें थाने से लेकर चौकी के चक्कर लगाने पड़े। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने के लिए पांच माह तक टरकाया गया। बिसरख कोतवाली पुलिस रंजीत की गुमशुदगी 24 नवंबर को दर्ज की। इसके बाद भी रंजीत का कोई अता-पता नहीं चल पा रहा था। कंकाल बरामद होने के बाद पुलिस ने पांच फरवरी को सभी आरोपियों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज की और सोमवार को पांचों को गिरफ्तार कर लिया।
रंजीत के भाई गुड्डू ने बताया कि भाई के लापता होने के बाद उन्हें थाने से लेकर चौकी के चक्कर लगाने पड़े। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने के लिए पांच माह तक टरकाया गया। बिसरख कोतवाली पुलिस रंजीत की गुमशुदगी 24 नवंबर को दर्ज की। इसके बाद भी रंजीत का कोई अता-पता नहीं चल पा रहा था। कंकाल बरामद होने के बाद पुलिस ने पांच फरवरी को सभी आरोपियों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज की और सोमवार को पांचों को गिरफ्तार कर लिया।
बागेश्वर धाम पहुंचा भाई, अर्जी से पहले हुआ खुलासा
रंजीत के भाई गुड्डू ने बताया कि वह पांच भाई थे और तीन बहन हैं। रंजीत तीसरे नंबर था। आठ माह बीतने के बाद भी जब पुलिस रंजीत का पता नहीं लगा पाई तो उनका एक भाई सुशील बागेश्वर धाम पर अर्जी लगाने गया था। हालांकि अर्जी लगाने से पहले ही पुलिस ने घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर दिया।
रंजीत के भाई गुड्डू ने बताया कि वह पांच भाई थे और तीन बहन हैं। रंजीत तीसरे नंबर था। आठ माह बीतने के बाद भी जब पुलिस रंजीत का पता नहीं लगा पाई तो उनका एक भाई सुशील बागेश्वर धाम पर अर्जी लगाने गया था। हालांकि अर्जी लगाने से पहले ही पुलिस ने घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर दिया।