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हरदोई समेत अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ : घर बुलाकर प्रेमी को मौत के घाट उतारा, शव की जगह मिला नरमुंड और हड्डियां

Mon, 06 Feb 2023 09:11 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 06 Feb 2023 09:11 PM IST
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Girl called boyfriend home , relatives killed him
फोटो -
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प्रेमिका ने शादी की बात करने के लिए घर बुलाकर प्रेमी की कर दी हत्या
- परिजनों संग मिलकर की वारदात, आठ माह बाद तालाब से नरमुंड और हड्डियां बरामद, प्रेमिका व उसके माता-पिता समेत पांच गिरफ्तार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। आठ माह पहले गाजियाबाद के बम्हेटा स्थित घर बुलाकर ग्रेनो वेस्ट निवासी रंजीत (26) की हत्या का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रंजीत की प्रेमिका ने फोन कर परिजनों से शादी की बात करने के लिए घर बुलाया था। जहां परिजनों ने उसकी हत्या कर शव को चिपियाना गांव के तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने तालाब से नरमुंड, हड्डियां और कपड़े बरामद कर प्रेमिका, उसके भाई शुभम दूबे, मां बीना दूबे, पिता रामबाबू दूबे और मामा मनीष को गिरफ्तार किया है। रंजीत ने अपनी प्रेमिका का वीडियो बनाकर उसके भाई के मोबाइल पर भेजा था। जिसे वायरल करने की धमकी देकर शादी का दबाव बनाया था। इससे क्षुब्ध होकर आरोपियों ने रंजीत की हत्या की थी। पुलिस ने इस मामले में हत्या, एससी एसटी एक्ट व शव छुपाने की धारा में केस दर्ज किया है। पुलिस हड्डियों और नरमुंड की डीएनए जांच कराएगी।
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा विशाल पांडे ने बताया मूलरूप से हरदोई निवासी रंजीत हैबतपुर गांव में रहता था। वह ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटी में लोगों के कपड़े प्रेस करता था। 13 जून 2022 को वह लापता हो गया। परिजन उसकी तलाश में जुट गए लेकिन पुलिस को शिकायत देकर रंजीत की बरामदगी की मांग की। शुरुआत में पुलिस ने ढुलमुल रवैया अपनाया मगर 26 जनवरी को पुलिस ने लोगों की सूचना पर चिपियाना गांव के तालाब से नरमुंड, शरीर के अन्य अंगों की हड्डियां, कपड़े, बेल्ट, चाबी आदि बरामद की। इनसे युवक की पहचान रंजीत के रूप में की गई। पुलिस ने फोन कॉल के आधार पर इस मामले में गाजियाबाद के बम्हेटा गांव निवासी रंजीत की प्रेमिका और उसके चार परिजन से पूछताछ की और अपराध स्वीकार करने पर उनको गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि रंजीत ने उनकी बेटी का वीडियो बनाने व वायरल करने की धमकी देने पर उन्होंने हत्या की।
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वारदात से एक माह पहले उन्होंने रंजीत की पिटाई भी की थी। पुलिस ने रंजीत के लापता होने के बाद आरोपियों से कई बार पूछताछ की थी लेकिन वह हर बार गुमराह करते रहे। उन्होंने यहां तक कहा कि रंजीत के गांव में किसी की मौत हो गई थी और वह अपने गांव चला गया था। मगर आरोपियों की कॉल डिटेल से हत्या का राज खुल गया।
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बाइक पर शव बीच में रखकर ले गए भाई और मामा
पुलिस के मुताबिक 13 जून को रंजीत शादी की बात करने के लिए बम्हेटा स्थित युवती के घर पहुुंचा। यहां रामबाबू ने रंजीत के हाथ, मनीष ने पैर पकड़े, शुभम उर्फ शिवम दूबे ने गला दबाकर हत्या की। प्रेमिका व उसकी मां बीना मौके पर मौजूद रही। इसके बाद शुभम और मनीष बाइक के बीच में रंजीत का शव बैठाने की अवस्था में रखकर चिपियाना में लेकर गए। जहां उन्हांने तालाब में शव फेंक दिया।

गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए पांच माह भटके परिजन
रंजीत के भाई गुड्डू ने बताया कि भाई के लापता होने के बाद उन्हें थाने से लेकर चौकी के चक्कर लगाने पड़े। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने के लिए पांच माह तक टरकाया गया। बिसरख कोतवाली पुलिस रंजीत की गुमशुदगी 24 नवंबर को दर्ज की। इसके बाद भी रंजीत का कोई अता-पता नहीं चल पा रहा था। कंकाल बरामद होने के बाद पुलिस ने पांच फरवरी को सभी आरोपियों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज की और सोमवार को पांचों को गिरफ्तार कर लिया।

आठ साल चला मिस्ड कॉल का प्यार

बिसरख कोतवाली में पहुंचे रंजीत के परिजनों ने आरोप लगाया कि युवती के परिजन जाति की वजह से रंजीत से विवाह करने के खिलाफ थे। दोनों का लगभग आठ साल से प्रेम संबंध था और एक दूसरे के घर आना जाना था। दर्ज एफआईआर में उन्होंने शिकायत की है कि युवती ने शादी का झांसा देकर रंजीत से आभूषण भी बनवा लिए थे। पुलिस ने बताया कि आठ साल पहले मिस्ड कॉल के जरिये रंजीत और उसकी प्रेमिका की पहचान हुई थी। इसके बाद दोनों में दोस्ती हुई और फिर निकटता बढ़ गई थी। हालांकि पुलिस हत्या की मुख्य वजह वीडियो वायरल करने की धमकी ही बता रही है।




बागेश्वर धाम पहुंचा भाई, अर्जी से पहले हुआ खुलासा

रंजीत के भाई गुड्डू ने बताया कि वह पांच भाई थे और तीन बहन हैं। रंजीत तीसरे नंबर था। आठ माह बीतने के बाद भी जब पुलिस रंजीत का पता नहीं लगा पाई तो उनका एक भाई सुशील बागेश्वर धाम पर अर्जी लगाने गया था। हालांकि अर्जी लगाने से पहले ही पुलिस ने घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर दिया।
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