{"_id":"69e3b12b164882adee00b5d1","slug":"gds-grnoida-news-c-1-noi1095-4182725-2026-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: भय, चिंता को दूर कर ध्यान में मग्न हुए भक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: भय, चिंता को दूर कर ध्यान में मग्न हुए भक्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा (संवाद)। सेक्टर-62 स्थित योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया (वाईएसएस) का आश्रम शनिवार की शाम आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। इस दाैरान हजारों लोगों ने भक्ति, कीर्तन और ध्यान के माध्यम से आंतरिक शांति का अनुभव किया। परमहंस योगानंद की ओर से 1926 में न्यूयॉर्क के कार्नेगी हॉल में आयोजित भक्ति-कीर्तन को आज 100 साल पूरे हो गए है। इसको लेकर आश्रम में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसने आध्यात्मिक स्मृति को पुनर्जीवित कर दिया। इस दौरान तनाव में रहने वालों के लिए भी विशेष बातें बताई गई।
हृदय को परमात्मा से जोड़ा:
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी स्मरणानंद और स्वामी अद्यानंद के प्रेरणादायक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने बताया कि भक्तिमय कीर्तन केवल संगीत नहीं बल्कि एक वैज्ञानिक आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जो मन को एकाग्र कर भीतर की चेतना को जाग्रत करती है। योगानंद की शिक्षाओं के अनुसार, कीर्तन भय, चिंता और बेचैनी को दूर कर व्यक्ति को गहरे ध्यान की अवस्था तक ले जाता है।
ओ गाॅड ब्यूटीफुल से भक्ति के रस में डूबे : कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ब्रह्मचारी भास्करानंद के नेतृत्व में हुआ भक्तिमय कीर्तन सत्र रहा, जिसकी शुरुआत ओ गाॅड ब्यूटीफुल से हुई। इसके बाद अंग्रेजी और हिंदी में कॉस्मिक चैंट्स की श्रृंखला ने पूरे वातावरण को भक्ति रस में डुबो दिया। बीच-बीच में ध्यान के छोटे विरामों ने प्रतिभागियों को गहन आत्मिक अनुभव प्रदान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
हृदय को परमात्मा से जोड़ा:
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी स्मरणानंद और स्वामी अद्यानंद के प्रेरणादायक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने बताया कि भक्तिमय कीर्तन केवल संगीत नहीं बल्कि एक वैज्ञानिक आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जो मन को एकाग्र कर भीतर की चेतना को जाग्रत करती है। योगानंद की शिक्षाओं के अनुसार, कीर्तन भय, चिंता और बेचैनी को दूर कर व्यक्ति को गहरे ध्यान की अवस्था तक ले जाता है।
विज्ञापन
ओ गाॅड ब्यूटीफुल से भक्ति के रस में डूबे : कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ब्रह्मचारी भास्करानंद के नेतृत्व में हुआ भक्तिमय कीर्तन सत्र रहा, जिसकी शुरुआत ओ गाॅड ब्यूटीफुल से हुई। इसके बाद अंग्रेजी और हिंदी में कॉस्मिक चैंट्स की श्रृंखला ने पूरे वातावरण को भक्ति रस में डुबो दिया। बीच-बीच में ध्यान के छोटे विरामों ने प्रतिभागियों को गहन आत्मिक अनुभव प्रदान किया।
विज्ञापन