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गौरव चंदेल हत्याकांड
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गाजियाबाद समेत अन्य संस्करणों के ध्यानार्थ
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गौरव चंदेल हत्याकांड
गौरव चंदेल से लूटी गई कार गाजियाबाद में मिली
- मसूरी थाना क्षेत्र के आकाश नगर से हुई बरामद, हत्या कर बदमाशों ने नोएडा से लूटी थी कार
- फॉरेंसिक टीम और डॉग स्कावयड ने की जांच
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। गुरुग्राम की बहुराष्ट्रीय कंपनी में सेल्स मैनेजर गौरव चंदेल से लूटी गई सेल्टॉस कार मंगलवार देर रात को गाजियाबाद में मिली। एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी ने सड़क पर कार खड़ी होने की सूचना दी थी। मौके पर पहुंची गाजियाबाद पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया और नोएडा पुलिस को बुलाकर सौंप दिया। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की टीम ने कार की जांच की। अहम है कि हत्याकांड के आठ दिन बाद भी बदमाश पुलिस पकड़ से दूर हैं।
मंगलवार रात 10:15 बजे सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी जगवीर सिंह नेहरा ने मसूरी थाना क्षेत्र के आकाशनगर कॉलोनी में सेल्टॉस कार खड़ी देखी। आसपास के लोगों से पता करने के बाद उन्होंने 10:49 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर गाजियाबाद के एसएसपी कलानिधि नैथानी सहित अन्य पुलिस अधिकारी पहुंचे। कार लॉक थी और आगे पीछे लगे हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट टूटी हुई थी। कार पर गौड़ सिटी की सोसायटी का स्टीकर लगा था। इसके बाद कार को गौरव चंदेल के होने की तस्दीक हुई। फिर नोएडा पुलिस को जानकारी दी गई। नोएडा पुलिस मौके पर पहुंची और कार को कब्जे में ले लिया। कार की जांच फॉरेंसिक व डॉग स्क्वॉयड की टीम ने की। कार के अंदर कुछ खरीदारी की पर्चियां मिली, जो संभवत: गौरव चंदेल द्वारा खरीदे गए सामान की पर्ची है।
यह था मामला
ग्रेनो वेस्ट के गौड़ सिटी सोसायटी में रहने वाले गौरव चंदेल कंपनी में सेल्स मैनेजर थे। 6 जनवरी की रात करीब 10:30 बजे वह गुरुग्राम से घर लौट रहे थे। तभी पर्थला गोलचक्कर के आगे बदमाशों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। शव को सड़क के किनारे फेंक दिया था और कार, फोन व अन्य सामान लूट कर ले गए थे। वारदात के बाद शहर में आम लोग लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आठ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। हालांकि अब गाजियाबाद से कार बरामद होने पर पुलिस की जांच में तेजी आ सकती है। इस मामले में नोएडा पुलिस की आधे दर्जन से अधिक टीमें व एसटीएफ की टीम जांच कर रही है।
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सीसीटीवी में दिखी एक और कार
कार की बरामदगी के बाद पुलिस ने आसपास के इलाके की सीसीटीवी फुटेज की जांच की। एक सीसीटीवी में सेल्टॉस के साथ दूसरी कार जाती हुई दिख रही है। पुलिस आशंका जता रही है कि बदमाश दोनों कार से आए थे और सेल्टॉस खड़ी कर दूसरी कार में सवार होकर बदमाश भाग गए हैं। सीसीटीवी फुटेज को की जांच एक्सपर्ट कर रहे है। अगर इस कार में बैठे बदमाशों की तस्वीर साफ दिखाई देगी तो बदमाशों की पहचान करने में आसानी होगी।
चार रास्तों पर लगे सीसीटीवी पर फोकस
मसूरी में कार बरामद होने के बाद पुलिस चार रास्तों पर फोकस कर रही है। इन रास्तों पर लगे सीसीटीवी की जांच की जा रही है। इन रास्तों में एनएच-24, नोएडा से गौड़ सिटी होते हुए क्रॉसिंग से डासना मसूरी, बुलंदशहर से डासना और मेरठ-हापुड़ रोड शामिल हैं। पुलिस आशंका जता रही है कि इन रास्तों से गुजरकर ही बदमाश आकाश नगर में कार खड़ी कर सकते हैं। एनएच-24 पर छिजारसी टोल पर भी लगे सीसीटीवी की जांच की जा रही है।
गुमराह भी कर सकते हैं बदमाश
हत्याकांड में पुलिस की जांच कई राज्यों व शहरों में की जा रही है। दिल्ली, गुरुग्राम , फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ से लेकर बागपत के बदमाशों पर पुलिस की नजर है। इसके लिए 351 सक्रिय बदमाशों की सूची भी बनाई गई है। पुलिस आशंका जता रही है कि कहीं दूसरे जगह के बदमाशों ने तो मसूरी में लाकर कार खड़ी तो नहीं कर दी है। ताकि पुलिस का फोकस डासना मसूरी के बदमाशों पर हो जाए और असली बदमाश पुलिस के रडार से दूर हो जाएं। इस कारण पुलिस की जांच सभी एंगल पर चल रही है।
पुलिस दबाव के बीच क्यों कार दूसरी जगह ले जाएंगे
मसूरी के आकाश नगर में कार मिलने पर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। इस हाईप्रोफाइल मर्डर के बाद नोएडा के अलावा आसपास के जिलों की पुलिस सक्रिय है। आधे दर्जन से अधिक टीम इस मामले की जांच में लगी है। एसटीएफ की टीमें भी काम कर रही हैं। ऐसे में यह सवाल उठाया जा रहा है कि बदमाश किसी एक स्थान से दूसरे स्थान तक कार ले जाने का जोखिम क्यों उठाएंगे। बदमाशों ने कार जहां खड़ी की थी, वहीं रहने दी जा सकती थी।
पहले कहीं पार्किंग में तो नहीं खड़ी थी कार
आशंका जताई जा रही है कि लूट की सेल्टॉस को बदमाशों कहीं पार्किंग में तो नहीं खड़ी कर दी थी। पुलिस पिछले दो दिनों में कई शहरों की पार्किंग की जांच की थी। हो सकता है कि पुलिस के दबाव में बदमाश पार्किंग से निकाल कर सुनसान जगह पर ले जाकर खड़ी कर दी हो। जहां पर कार मिली है। वहां के सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट है कि सेल्टॉस को मंगलवार रात को ही आकाश नगर लाया गया।
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गौरव चंदेल हत्याकांड
गौरव चंदेल से लूटी गई कार गाजियाबाद में मिली
- मसूरी थाना क्षेत्र के आकाश नगर से हुई बरामद, हत्या कर बदमाशों ने नोएडा से लूटी थी कार
- फॉरेंसिक टीम और डॉग स्कावयड ने की जांच
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। गुरुग्राम की बहुराष्ट्रीय कंपनी में सेल्स मैनेजर गौरव चंदेल से लूटी गई सेल्टॉस कार मंगलवार देर रात को गाजियाबाद में मिली। एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी ने सड़क पर कार खड़ी होने की सूचना दी थी। मौके पर पहुंची गाजियाबाद पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया और नोएडा पुलिस को बुलाकर सौंप दिया। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की टीम ने कार की जांच की। अहम है कि हत्याकांड के आठ दिन बाद भी बदमाश पुलिस पकड़ से दूर हैं।
मंगलवार रात 10:15 बजे सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी जगवीर सिंह नेहरा ने मसूरी थाना क्षेत्र के आकाशनगर कॉलोनी में सेल्टॉस कार खड़ी देखी। आसपास के लोगों से पता करने के बाद उन्होंने 10:49 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर गाजियाबाद के एसएसपी कलानिधि नैथानी सहित अन्य पुलिस अधिकारी पहुंचे। कार लॉक थी और आगे पीछे लगे हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट टूटी हुई थी। कार पर गौड़ सिटी की सोसायटी का स्टीकर लगा था। इसके बाद कार को गौरव चंदेल के होने की तस्दीक हुई। फिर नोएडा पुलिस को जानकारी दी गई। नोएडा पुलिस मौके पर पहुंची और कार को कब्जे में ले लिया। कार की जांच फॉरेंसिक व डॉग स्क्वॉयड की टीम ने की। कार के अंदर कुछ खरीदारी की पर्चियां मिली, जो संभवत: गौरव चंदेल द्वारा खरीदे गए सामान की पर्ची है।
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यह था मामला
ग्रेनो वेस्ट के गौड़ सिटी सोसायटी में रहने वाले गौरव चंदेल कंपनी में सेल्स मैनेजर थे। 6 जनवरी की रात करीब 10:30 बजे वह गुरुग्राम से घर लौट रहे थे। तभी पर्थला गोलचक्कर के आगे बदमाशों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। शव को सड़क के किनारे फेंक दिया था और कार, फोन व अन्य सामान लूट कर ले गए थे। वारदात के बाद शहर में आम लोग लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आठ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। हालांकि अब गाजियाबाद से कार बरामद होने पर पुलिस की जांच में तेजी आ सकती है। इस मामले में नोएडा पुलिस की आधे दर्जन से अधिक टीमें व एसटीएफ की टीम जांच कर रही है।
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सीसीटीवी में दिखी एक और कार
कार की बरामदगी के बाद पुलिस ने आसपास के इलाके की सीसीटीवी फुटेज की जांच की। एक सीसीटीवी में सेल्टॉस के साथ दूसरी कार जाती हुई दिख रही है। पुलिस आशंका जता रही है कि बदमाश दोनों कार से आए थे और सेल्टॉस खड़ी कर दूसरी कार में सवार होकर बदमाश भाग गए हैं। सीसीटीवी फुटेज को की जांच एक्सपर्ट कर रहे है। अगर इस कार में बैठे बदमाशों की तस्वीर साफ दिखाई देगी तो बदमाशों की पहचान करने में आसानी होगी।
चार रास्तों पर लगे सीसीटीवी पर फोकस
मसूरी में कार बरामद होने के बाद पुलिस चार रास्तों पर फोकस कर रही है। इन रास्तों पर लगे सीसीटीवी की जांच की जा रही है। इन रास्तों में एनएच-24, नोएडा से गौड़ सिटी होते हुए क्रॉसिंग से डासना मसूरी, बुलंदशहर से डासना और मेरठ-हापुड़ रोड शामिल हैं। पुलिस आशंका जता रही है कि इन रास्तों से गुजरकर ही बदमाश आकाश नगर में कार खड़ी कर सकते हैं। एनएच-24 पर छिजारसी टोल पर भी लगे सीसीटीवी की जांच की जा रही है।
गुमराह भी कर सकते हैं बदमाश
हत्याकांड में पुलिस की जांच कई राज्यों व शहरों में की जा रही है। दिल्ली, गुरुग्राम , फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ से लेकर बागपत के बदमाशों पर पुलिस की नजर है। इसके लिए 351 सक्रिय बदमाशों की सूची भी बनाई गई है। पुलिस आशंका जता रही है कि कहीं दूसरे जगह के बदमाशों ने तो मसूरी में लाकर कार खड़ी तो नहीं कर दी है। ताकि पुलिस का फोकस डासना मसूरी के बदमाशों पर हो जाए और असली बदमाश पुलिस के रडार से दूर हो जाएं। इस कारण पुलिस की जांच सभी एंगल पर चल रही है।
पुलिस दबाव के बीच क्यों कार दूसरी जगह ले जाएंगे
मसूरी के आकाश नगर में कार मिलने पर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। इस हाईप्रोफाइल मर्डर के बाद नोएडा के अलावा आसपास के जिलों की पुलिस सक्रिय है। आधे दर्जन से अधिक टीम इस मामले की जांच में लगी है। एसटीएफ की टीमें भी काम कर रही हैं। ऐसे में यह सवाल उठाया जा रहा है कि बदमाश किसी एक स्थान से दूसरे स्थान तक कार ले जाने का जोखिम क्यों उठाएंगे। बदमाशों ने कार जहां खड़ी की थी, वहीं रहने दी जा सकती थी।
पहले कहीं पार्किंग में तो नहीं खड़ी थी कार
आशंका जताई जा रही है कि लूट की सेल्टॉस को बदमाशों कहीं पार्किंग में तो नहीं खड़ी कर दी थी। पुलिस पिछले दो दिनों में कई शहरों की पार्किंग की जांच की थी। हो सकता है कि पुलिस के दबाव में बदमाश पार्किंग से निकाल कर सुनसान जगह पर ले जाकर खड़ी कर दी हो। जहां पर कार मिली है। वहां के सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट है कि सेल्टॉस को मंगलवार रात को ही आकाश नगर लाया गया।