फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Gautambudh nagar's Fifth rank in state for stoping crime

अपराध पर अंकुश लगाने में जिले का प्रदेश में पांचवां स्थान

Sun, 13 Oct 2019 12:57 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 13 Oct 2019 12:57 AM IST
विज्ञापन
Gautambudh nagar's Fifth rank in state for stoping crime
अपराध पर अंकुश लगाने में जिले का प्रदेश में पांचवां स्थान
विज्ञापन

नोएडा। लखनऊ में शीर्ष अधिकारियों द्वारा की गई रैंकिंग में गौतमबुद्धनगर के पुलिस कप्तान को पांचवां स्थान मिला है। एसएसपी ने नोएडा में हर तरह के अपराध पर रोकथाम के लिए पुलिस की अलग-अलग 17 टीमें तैयार की हैं। जैसा अपराध वैसी टीम उनकी गिरफ्तारी और वारदात के खुलासे में लगाई गई। इससे कई वारदात का आसानी से खुलासा कर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। जिले के अधिकारियों का कहना है कि अब टीमों की संख्या बढ़ाकर 25 की जाएगी। सूची में पहले स्थान पर मुरादाबाद और दूसरे गोरखपुर रहा।
दरअसल, कानून हो या फिर अन्य कोई भी मामला गौतमबुद्धनगर की तुलना दिल्ली से की जाती है। दिल्ली में कमिश्नरी सिस्टम लागू है। वहीं, गौतमबुद्धनगर के एक थाने का क्षेत्र और गांव आते हैं। उसी के बराबर दिल्ली में कई थाने बने हैं और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल है। जबकि गौतमबुद्धनगर में सीमित संसाधन हैं। ऐसे में अपराध पर पूरी तरह से अंकुश लगा पाना संभव नहीं है। इसे देखते हुए जिले के पुलिस कप्तान वैभव कृष्ण ने हर तरह के अपराध के लिए अलग-अलग टीमें बनाई हैं। एक टीम एटीएम गैंग को देखती है तो दूसरी टीम साइबर अपराधियों पर कार्रवाई करती है और इसी तरह हत्या, लूट, स्नैचिंग और अन्य तरह के अपराधियों पर कार्रवाई करने के लिए कुल 17 टीमें बनी हैं। इस तरह की कार्रवाई से अपराधियों पर लगाम लगाने में काफी मदद मिली है। जितनी भी घटनाएं हुई हैं, उनका खुलासा करने में भी काफी सहायता मिली है। महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों में भी कमी आई है। इस बार जिला पुलिस ने 512 बदमाशों पर गुंडा एक्ट और 69 पर गैंगेस्टर एक्ट, 4 पर रासुका की कार्रवाई की है। 91.8 फीसदी अपराधियों पर कार्रवाई हुई है। वहीं, मुठभेड़ के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक 40 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने लूट आदि में 2,48,58,676 रुपये की संपत्ति भी जब्त की है।
विज्ञापन

इसलिए नहीं आया पहले स्थान पर
गौतमबुद्धनगर में साइबर क्राइम, एटीएम हैक समेत इतने मामले आते हैं कि इनसे जिले में क्राइम ग्राफ बढ़ जाता है। इसके अलावा दिल्ली से सटे होने के कारण बदमाश आपराधिक घटनाएं करके फरार हो जाते हैं। इसलिए भी घटनाओं को शीघ्र खुलासा नहीं हो पाता है। जबकि संसाधन दूसरे जिलों के बराबर ही है। वहीं, दूसरे जिलों में हत्या, लूट समेत दूसरी तरह के अपराध है और वहां पर साइबर क्राइम कम है। जबकि गौतमबुद्धनगर में इस तरह के अलग-अलग अपराधों में भी अधिक संख्या में पुलिसकर्मी लगाने पड़ते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन अधिकारियों ने की रैंकिंग
अपर प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी, डीजीपी ओपी सिंह और डीजी इंटेलीजेंस भावेश कुमार सिंह ने मार्किंग के माध्यम से पुलिस कप्तानों की रैंकिंग तैयार की है। रैंकिंग में पहला नंबर मुरादाबाद को तो दूसरा नंबर गोरखपुर को मिला। वहीं, तीसरा नंबर इटावा और चौथे नंबर औरैया है। जबकि गौतमबुद्धनगर पांचवें स्थान पर रहा है। वहीं, ललितपुर, कानपुर देहात, गोंडा, चंदौली और मुजफ्फरनगर टॉप-10 में शामिल हैं।
गौतमबुद्धनगर में अपराधियों पर कार्रवाई करने के लिए लगातार पुलिस ने कार्रवाई की है। इनमें काफी बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है और 40 पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। अब इसे और सुधारा जाएगा और 17 टीमों के बजाय इन्हें 25 टीम बनाया जाएगा। जिससे अपराधियों पर नकेल कसी जा सके।

वैभव कृष्ण, एसएसपी, गौतमबुद्धनगर
प्रदेश में जिले को पुलिस रैंकिंग में पांचवां स्थान मिलने से यह साबित हो गया है कि पुलिस लगातार बेहतर कार्य कर रही है। इसे और सुधारने के लिए प्रशासन भी पुलिस के साथ मिलकर पहले स्थान की ओर बढ़ने का प्रयास किया जाएगा।
बीएन सिंह, जिलाधिकारी, गौतमबुद्धनगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed