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बाइक बोट फर्जीवाड़े में संजय भाटी समेत 15 पर लगा गैंगस्टर एक्ट
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बाइक बोट घोटाले का आरोपी संजय भाटी।
- फोटो : Grnoida
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बाइक बोट फर्जीवाड़े में संजय भाटी समेत 15 पर लगा गैंगस्टर एक्ट
ग्रेटर नोएडा। देश के लाखों लोगों से अरबों रुपयों ठगने वाले बाइक बोट फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी संजय भाटी समेत 15 आरोपियों पर गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की है। इस संबंध में दादरी थाने में मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल, मामले की जांच लखनऊ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) मेरठ कर रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी और रुपये वापस दिलाने की मांग को लेकर मुन्ना बालियान समेत कई निवेशक लगभग 18 माह से कोट गांव स्थित मुख्य दफ्तर पर धरना दे रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, शासन से बड़े अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने और उनकी संपत्ति जब्त करने के सख्त निर्देश है। इसी कारण देश के बड़े फर्जीवाड़े में शुमार मामले के आरोपियों पर यह एक्ट लगाया गया है। अब जिला पुलिस आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई करेगी। पुलिस ने संजय भाटी, राजेश भारद्वाज, विजयपाल कसाना, हरीश कुमार, विनोद कुमार, संजय गोयल, विशाल कुमार, राजेश सिंह यादव, पुष्पेंद्र सिंह, विनोद कुमार, आदेश भाटी, सचिन भाटी, करण पाल, सुनील कुमार, पवन भाटी पर गैंगस्टर एक्ट लगाया है।
दरअसल, 20 माह पूर्व जयपुर निवासी सुनील मीणा ने दादरी थाने में बाइक बोट फर्जीवाड़े में पहला केस दर्ज कराया था। आरोपियों ने तभी सुनील मीणा का चेक से पूरा भुगतान कर दिया और केस वापस लेने का दबाव बनाया, लेकिन सुनील ने यह कहकर केस वापस लेने से मना कर दिया कि देश के लाखों निवेशकों के रुपये लौटाने के बाद ही वह केस वापस लेंगे। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ एक के बाद निवेशकों ने दादरी थाने में कुल 57 केस दर्ज दर्ज करा दिए। निवेशकों के दबाव के कारण पुलिस ने मेरठ से पहली गिरफ्तारी फ्रेंचाइजी हेड विजय कसाना के रूप में की थी। इसके बाद संजय भाटी ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था।
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अब तक 16 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
गौतमबुद्ध नगर पुलिस, मेरठ ईओडब्ल्यू व नोएडा एसटीएफ ने मामले में अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी जिले की लुकसर जेल में बंद हैं। मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने शासन से की थी। शासन ने सीबीआई जांच की मंजूरी देकर गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी थी, लेकिन अब तक सीबीआई जांच शुरू नहीं की गई है। दादरी थाने के अलावा दूसरे जिले और राज्यों में भी आरोपियों के खिलाफ फर्जीवाड़े के अलावा चेक बाउंस होने के भी केस दर्ज कराए हुए हैं।
संजय भाटी की पत्नी, मास्टर माइंड समेत 22 आरोपी फरार
पुलिस की केस डायरी के मुताबिक, फर्जीवाड़े में कुल 38 आरोपियों जिनमें 22 फरार हैं। फरार आरोपियों में संजय भाटी की पत्नी दीप्ति बहल और बीएन तिवारी भी शामिल हैं। निवेशक मुन्ना बालियान का कहना है कि बीएन तिवारी फर्जीवाड़े में पर्दे के पीछे का मास्टरमाइंड है। उसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। जनवरी 2019 में आरोपियों ने दिल्ली में ई-बाइक लांच की थी, इस दौरान फर्जीवाड़े की मोटी रकम आरोपी के खाते में डाली गई थी। ई-बाइक का चेयरमैन बीएन तिवारी था।
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ग्रेटर नोएडा। देश के लाखों लोगों से अरबों रुपयों ठगने वाले बाइक बोट फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी संजय भाटी समेत 15 आरोपियों पर गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की है। इस संबंध में दादरी थाने में मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल, मामले की जांच लखनऊ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) मेरठ कर रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी और रुपये वापस दिलाने की मांग को लेकर मुन्ना बालियान समेत कई निवेशक लगभग 18 माह से कोट गांव स्थित मुख्य दफ्तर पर धरना दे रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, शासन से बड़े अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने और उनकी संपत्ति जब्त करने के सख्त निर्देश है। इसी कारण देश के बड़े फर्जीवाड़े में शुमार मामले के आरोपियों पर यह एक्ट लगाया गया है। अब जिला पुलिस आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई करेगी। पुलिस ने संजय भाटी, राजेश भारद्वाज, विजयपाल कसाना, हरीश कुमार, विनोद कुमार, संजय गोयल, विशाल कुमार, राजेश सिंह यादव, पुष्पेंद्र सिंह, विनोद कुमार, आदेश भाटी, सचिन भाटी, करण पाल, सुनील कुमार, पवन भाटी पर गैंगस्टर एक्ट लगाया है।
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दरअसल, 20 माह पूर्व जयपुर निवासी सुनील मीणा ने दादरी थाने में बाइक बोट फर्जीवाड़े में पहला केस दर्ज कराया था। आरोपियों ने तभी सुनील मीणा का चेक से पूरा भुगतान कर दिया और केस वापस लेने का दबाव बनाया, लेकिन सुनील ने यह कहकर केस वापस लेने से मना कर दिया कि देश के लाखों निवेशकों के रुपये लौटाने के बाद ही वह केस वापस लेंगे। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ एक के बाद निवेशकों ने दादरी थाने में कुल 57 केस दर्ज दर्ज करा दिए। निवेशकों के दबाव के कारण पुलिस ने मेरठ से पहली गिरफ्तारी फ्रेंचाइजी हेड विजय कसाना के रूप में की थी। इसके बाद संजय भाटी ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था।
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अब तक 16 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
गौतमबुद्ध नगर पुलिस, मेरठ ईओडब्ल्यू व नोएडा एसटीएफ ने मामले में अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी जिले की लुकसर जेल में बंद हैं। मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने शासन से की थी। शासन ने सीबीआई जांच की मंजूरी देकर गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी थी, लेकिन अब तक सीबीआई जांच शुरू नहीं की गई है। दादरी थाने के अलावा दूसरे जिले और राज्यों में भी आरोपियों के खिलाफ फर्जीवाड़े के अलावा चेक बाउंस होने के भी केस दर्ज कराए हुए हैं।
संजय भाटी की पत्नी, मास्टर माइंड समेत 22 आरोपी फरार
पुलिस की केस डायरी के मुताबिक, फर्जीवाड़े में कुल 38 आरोपियों जिनमें 22 फरार हैं। फरार आरोपियों में संजय भाटी की पत्नी दीप्ति बहल और बीएन तिवारी भी शामिल हैं। निवेशक मुन्ना बालियान का कहना है कि बीएन तिवारी फर्जीवाड़े में पर्दे के पीछे का मास्टरमाइंड है। उसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। जनवरी 2019 में आरोपियों ने दिल्ली में ई-बाइक लांच की थी, इस दौरान फर्जीवाड़े की मोटी रकम आरोपी के खाते में डाली गई थी। ई-बाइक का चेयरमैन बीएन तिवारी था।