फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Gang busted for selling fake branded mobile phones

अलीगढ़ समेत अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ : तस्करी कर लाए गए मोबाइल के पार्ट्स बदल कर सस्ते में बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश

Sat, 25 Feb 2023 09:06 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 25 Feb 2023 09:06 PM IST
विज्ञापन
Gang busted for selling fake branded mobile phones
संशोधित
विज्ञापन

फोटो -
तस्करी कर लाए गए मोबाइल के पार्ट्स बदल कर सस्ते में बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश

- एक गिरफ्तार, दो करोड़ कीमत के 350 मोबाइल फोन बरामद , सेक्टर-8 में कंपनी खोलकर कर रहे थे वारदात
- दोनों कंपनी मालिक फरार, कंपनी में काम करने वाले एक अन्य को हिरासत में लेकर की जा रही है पूछताछ
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने तस्करी कर लाए गए मोबाइल फोन के पार्ट्स बदलकर ब्रांडेड फोन के नाम पर सस्ते में बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपी सेक्टर-8 में कंपनी खोलकर वारदात को अंजाम दे रहे थे। मामले में कंपनी के मुख्य सेल्स मैनेजर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 350 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।बरामद मोबाइल की कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोपी की पहचान मूल रूप से अलीगढ़ और गौड़ सिटी सेवन एवेन्यु निवासी दिवाकर शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके साथी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं कंपनी के दोनों मालिक दिल्ली निवासी सौमित्र और ग्रेटर नोएडा निवासी अरुण दास फरार हो गए हैं। पुलिस अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
डीसीपी हरीश चंदर के मुताबिक सेक्टर-20 में कोतवाली पुलिस ने सेक्टर-आठ की कंपनी से दिवाकर शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी यहां पर मोबाइल एंड एसेसरीज बदल कर मोबाइल फोन का आईएमईआई को बदलकर सस्ते दामों पर बेचते थे। उन्होंने बताया कि इंफोर्सल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी सेक्टर-आठ के बी-ब्लॉक में स्थित है। सौमित्र और अरुण दास कंपनी के मालिक हैं। कंपनी में पुराने मोबाइल और लैपटॉप के रिपेयरिंग सेंटर का संचालन किया जाता था। साथ ही पुराने मोबाइल फोन के पार्ट्स बदल कर नया मोबाइल फोन तैयार किया जाता था। आरोपी ब्रांडेड कंपनी मसलन आईफोन, वन प्लस, ओप्पो और एमआई समेत अन्य नाम पर सस्ते दामों में फोन बेचते थे। आरोपी 75 हजार से एक लाख रुपये तक कीमत वाले हैंडसेट को 20 से 25 हजार रुपये में बेचते थे।
विज्ञापन


पांच करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी
जांच में पता चला है कि आरोपी कंपनी का ब्रांड नाम और मूल्य अंकित किए बिना ही बाजार में हैंडसेट बेच रहे थे। खरीदारों को बिल नहीं दिया जाता था। फोन की कोई गारंटी नहीं होती थी। आमतौर पर घूम-घूम कर एनसीआर के शहरों में मोबाइल फोन बेचे जाते थे। फोन खराब होने पर कंपनी आकर ग्राहक ठीक भी कराते थे। कंपनी का कोई दूसरा सर्विस सेंटर नहीं था। पुलिस ने दिवाकर को गिरफ्तार करने के बाद मामले की सूचना जीएसटी विभाग को दी। प्राथमिक छानबीन में पता चला है कि आरोपियों ने करीब पांच करोड़ से अधिक की जीएसटी की चोरी की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


खरीदारों के रजिस्टर से खुलेंगे राज
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि आरोपी के पास से लाल रंग की रजिस्टर बरामद हुई है। जिसमें थोक में पुराने और नए मोबाइल फोन खरीदने और बेचने वालों के नाम और फोन नंबर दर्ज है। पुलिस थोक में मोबाइल बेचने वालों के बारे में भी छानबीन कर रही है। आशंका जताई जा रही है इनमें से कुछ फोन चोरी या लूट के भी हो सकते हैं।


एक माह में बदल देते थे कर्मचारी
पुलिस की आंख में धूल झोंकने के लिए आरोपी अपने यहां कर्मचारियों को एक माह से भी कम समय के लिए नौकरी पर रखते थे। गिरफ्तार आरोपी दिवाकर ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि 20 से 25 दिन में अपने यहां काम करने वाले कर्मचारियों को नौकरी से निकाल देते थे, ताकि उसकी पोल नहीं खुल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed