सुरक्षा के मद्देनजर सीमा की जांच जरूरी: चाचा-भाई अब भी पाकिस्तानी सेना में, रबूपुरा को इस वजह से तो नहीं चुना?
रबूपुरा देश की राजधानी के पास ही नहीं, बल्कि निर्माणाधीन नोएडा एयरपोर्ट, कई पैरामिलिट्री शिविर और एयरफोर्स स्टेशन के करीब है और ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से जांच पूरी होने तक उसकी निगरानी जरूरी है।
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पबजी पार्टनर सचिन के प्यार में नेपाल के रास्ते पाकिस्तान से रबूपुरा आई सीमा हैदर पर जासूसी का शक जाहिर किया जा रहा है। एटीएस ने भी इसी आशंका से सीमा हैदर, सचिन और उसके पिता नेत्रपाल से हिरासत में लेकर नोएडा के एक गुप्त स्थान पर पूछताछ की। एटीएस टीम सोमवार शाम रबूपुरा पहुंची और दरवाजा खुलवाने के बाद सचिन मीणा के घर में तीन-चार सदस्य प्रवेश कर गए। दो सदस्य गली की दोनों ओर गए। मगर गली में मौजूद लोगों व मीडियाकर्मियों को उन्होंने अपना परिचय देते हुए बाहर भेज दिया। इसके बाद सभी सदस्य सचिन मीणा के घर पर चले गए। टीम पहले सीमा हैदर, सचिन और नेत्रपाल को घर की छत पर ले गई। यहां कुछ देर वार्तालाप के बाद एटीएस टीम छत से ही तीनों को दूसरे घर की छत पर पहुंची। इसके बाद दूसरे घर के जीने से उतरकर बराबर की पतली गली से निकलते हुए पीछे की ओर से तीनों को लेकर गाड़ी से रवाना हो गई।
पूर्व सैन्य अफसरों जासूसी की आशंका जताई
इस मामले को लेकर देश के पूर्व सैन्य अफसरों से बात की गई तो उनका कहना है कि हनीट्रैप में फंसाकर जासूसी के कई बार मामले सामने आ चुके हैं। सीमा हैदर की जांच पूरी होने तक जासूसी की आशंका को नकारा नहीं जा सकता। रबूपुरा देश की राजधानी के पास ही नहीं, बल्कि निर्माणाधीन नोएडा एयरपोर्ट, कई पैरामिलिट्री शिविर और एयरफोर्स स्टेशन के करीब है और ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से जांच पूरी होने तक उसकी निगरानी जरूरी है।
पूर्व सैन्य का कहना है कि जेवर में एशिया का सबसे बड़ा और आधुनिक एयरपोर्ट निर्माणाधीन है। अगले साल यहां से पहली उड़ान शुरू होनी है। इस एयरपोर्ट से केवल यात्री ही सफर नहीं करेंगे बल्कि यहां माल आयात निर्यात की भी सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा विमानों की रिपेयरिंग का काम भी आने वाले समय में यहां होगा। ऐसे में पूरे विश्व की नजर नोएडा एयरपोर्ट पर है।
रबूपुरा नोएडा एयरपोर्ट के करीब है। इसके रबूपुरा यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे पर है। यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते में देश के कई ऐतिहासिक स्थल हैं। ऐसे में अगर गलती से कोई जासूस आदि यहां आ जाता है तो देश की महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कर सकता है। इनकी लोकेशन, फोटो आदि भी भेज सकता है। ऐसे में जब तक सीमा हैदर को देश की सुरक्षा एजेंसियां क्लीन चिट नहीं देतीं। उसकी निगरानी भी जरूरी है।
सीमा का भाई ही नहीं चाचा भी है सेना में
सूत्रों का कहना है कि सीमा हैदर मामले का खुलासा होने के बाद एटीएस के रडार पर है। उससे बरामद पहचान पत्र आदि हाई कमीशन को भेजे गए हैं। सीमा से पूछताछ के लिए एटीएस ने सवालों की सूची तैयार की है। सीमा कहीं जासूस तो नहीं, उसके संबंध आईएसआई से तो नहीं या वह देश विरोधी गतिविधियों में तो लिप्त नहीं है। कुछ ऐसे सवाल के जवाब एटीएस हासिल करने का प्रयास कर रही है। हाल ही में दिल्ली से आईबी की टीम जिले में पहुंची थी और टीम ने सीमा हैदर के बारे में जांच पड़ताल की। ये भी जानकारी मिल रही है कि आईबी के इनपुट के बाद ही एटीएस ने सीमा हैदर से पूछताछ शुरू की है। सीमा एजेंसियों को न केवल सीमा हैदर के भाई के पाकिस्तान आर्मी में होने बल्कि उसके चाचा के भी आर्मी में सूबेदार होने की जानकारी मिली है। इसके अलावा एक अधिकारी ने यह भी बताया कि एटीएस डिलिट किए गए चैट रिकवर करने पर संदिग्ध बातचीत, सेटेलाइट फोन इस्तेमाल की आशंका पर भी पूछताछ कर सकती है।
वेस्ट यूपी संवदेनशील, सौहार्द बिगाड़ना भी हो सकती है साजिश
सीमा हैदर की बोलचाल गतिविधियां संशय पैदा करती हैं। रबूपुरा देश की राजधानी व कई अन्य महत्वपूर्ण स्थल के करीब है। वेस्ट यूपी पहले से संवेदनशील है। यहां अन्य आईएसआई एजेंट के सक्रिय होने की भी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जो एक दूसरे की मदद कर यहां से महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कर सकते हैं। यहां द्वेष फैलाकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की भी साजिश हो सकती है। सुरक्षा की दृष्टि से सीमा की गहन जांच और जांच पूरी होने तक निगरानी जरूरी है। -शशि वैद्य, सेवानिवृत कर्नल, नोएडा
नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ाना जरूरी
देश की एजेंसियों पर भरोसा है। वह इस मामले की तह जाएंगी। देश की राजधानी व अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के करीब रहने के कारण सीमा हैदर की जांच पूरी होने तक निगरानी जरूरी है। इसके साथ ही जिस तरीके से वह नेपाल से देश की सीमा में प्रवेश कर आई है, उस तरह से कोई और न आए। इस पर रोक लगाना और सुरक्षा बढ़ाना बेहद जरूरी है। -सुशील वोहरा, सेवानिवृत कर्नल, नोएडा