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एक्सक्लूसिव: आरटीई के नाम पर फर्जीवाड़ा, गलत आय प्रमाण पत्र से तीन साल तक मुफ्त पढ़ाई; दो दाखिले होंगे निरस्त

Tue, 06 Oct 2026 10:44 AM IST
Vijay Singh Pundir अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: Vijay Singh Pundir Updated Tue, 06 Oct 2026 10:44 AM IST
सार

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को दोनों दाखिले खत्म कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गलत आय प्रमाण पत्र जारी करने वाले संबंधित लेखपाल के खिलाफ भी कार्रवाई करने को कहा गया है।

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Fraud under the guise of RTE: Three years of free education obtained using a fake income certificate
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : AI

विस्तार

शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत दाखिले में गड़बड़ी का पहला मामला सामने आया है, जिसमें दो छात्रों के दाखिले निरस्त किए जाएंगे। सेक्टर-50 स्थित जीडी गोयंका ग्लोबल स्कूल और कोठारी इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ रहे दोनों छात्रों ने गलत आय प्रमाण पत्र के आधार पर आरटीई के तहत दाखिला लिया था। दोनों छात्र करीब तीन साल से निजी स्कूलों में निशुल्क पढ़ाई कर रहे थे। मामला सामने आने के बाद अब प्रशासन ने दोनों दाखिलों पर कार्रवाई की है। 

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मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को दोनों दाखिले खत्म कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गलत आय प्रमाण पत्र जारी करने वाले संबंधित लेखपाल के खिलाफ भी कार्रवाई करने को कहा गया है। आरोप है कि पात्रता की समुचित जांच किए बिना लेखपाल ने आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया।
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दरअसल, आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर निशुल्क प्रवेश दिया जाता है। इसके लिए अभिभावकों को आय समेत पात्रता से जुड़े विभिन्न दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। दोनों छात्रों ने इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आरटीई में प्रवेश लिया था। प्रवेश मिलने के बाद वे करीब तीन साल तक संबंधित निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा हासिल कर रहे हैं। अब आय प्रमाण पत्र गलत पाए जाने के बाद उनके दाखिले पर कार्रवाई की जा रही है।
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लेखपाल की भूमिका भी जांच के घेरे में
मामले में प्रशासन ने सिर्फ दाखिले तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। गलत आय प्रमाण पत्र जारी करने वाले लेखपाल की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। जिलाधिकारी ने संबंधित लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश एसडीएम दादरी को दिए हैं। इससे साफ है कि प्रशासन अब आरटीई के तहत पात्रता तय करने में इस्तेमाल होने वाले प्रमाण पत्रों की जांच को लेकर गंभीर है। यदि दस्तावेजों की जांच में लापरवाही साबित होती है तो संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

पहली बार निरस्त होंगे आरटीई के दाखिले
जिले में आरटीई के तहत गलत दस्तावेजों के आधार पर दाखिला लेने का मामला सामने आने के बावजूद अब तक दाखिला निरस्त करने जैसी कार्रवाई देखने को नहीं मिली थी। यह पहली बार है जब गलत आय प्रमाण पत्र के आधार पर बीच सत्र में दो आरटीई दाखिलों को निरस्त किया जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद आरटीई के तहत दाखिले के लिए लगाए जाने वाले आय प्रमाण पत्रों की जांच और सख्त होने की संभावना है। कई बार स्कूलों की ओर से गलत आय प्रमाण पत्र बनवाने का मामला उठाया भी गया था। हालांकि बच्चों के अभिभावकों ने कोर्ट का दरवाजा खटकाया है।


गलत आय प्रमाण पत्र के आधार पर दाखिला मिल गया था। अब स्कूल को आरटीई के तहत दाखिला रद्द कराने को निर्देशित किया गया है। पात्र को दाखिला मिलता रहेगा। अपात्र के दाखिले आगे भी रद्द कराएं जाएंगे। - राहुल पंवार,बीएसए

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