{"_id":"69249968455870c5cc08c963","slug":"fourth-death-due-to-fever-in-rabupura-2025-11-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"रबूपुरा में बुखार का कहर: बुखार से हुई चौथी मौत, लोगों ने कहा- इतनी मौत के बाद भी विभाग बरत रहा लापरवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रबूपुरा में बुखार का कहर: बुखार से हुई चौथी मौत, लोगों ने कहा- इतनी मौत के बाद भी विभाग बरत रहा लापरवाही
Mon, 24 Nov 2025 11:14 PM IST
आकाश दुबे
संवाद न्यूज एजेंसी, रबूपुरा (ग्रेटर नोएडा)
संवाद न्यूज एजेंसी, रबूपुरा (ग्रेटर नोएडा)
Published by: आकाश दुबे
Updated Mon, 24 Nov 2025 11:14 PM IST
सार
चालीस दिनों में बुखार से रबूपुरा में यह चौथी मौत है। इससे पहले सात साल के लड्डू, पंद्रह वर्षीय सुमायरा और विशेष की मौत हो चुकी है। अब कल्पना ने भी बुखार में अपनी जान गंवा दी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद।
विस्तार
कस्बे में बुखार से एक और मौत हो गई। रविवार को मीणा ठाकुरान की रहने वाली कल्पना (46) ने बुखार की चपेट में आकर दम तोड़ दिया। उनका दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार चल रहा था। लगातार बुखार से हो रही मौत की गुत्थी को स्वास्थ्य विभाग भी समझने में असफल दिख रहा है।
विज्ञापन
चालीस दिनों में बुखार से रबूपुरा में यह चौथी मौत है। इससे पहले सात साल के लड्डू, पंद्रह वर्षीय सुमायरा और विशेष की मौत हो चुकी है। अब कल्पना ने भी बुखार में अपनी जान गंवा दी। परिवार के सदस्य चिंटू ने बताया कि कल्पना दिव्यांग थीं। पति कालू भी दिव्यांग हैं और टेलर का काम करते हैं। इसके अलावा परिवार में दो बेटे हैं। कल्पना को जब 18 को बुखार आया तो कस्बे के एक चिकित्सक से दवा ले ली। जब सुधार नहीं हुआ तो बुलंदशहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां गलत उपचार देने पर शुगर बढ़ने पर स्थिति और बिगड़ गई। चिकित्सकों ने हालत बिगड़ते देख दिल्ली रेफर किया। दिल्ली में भी उपचार के दौरान सुधार नहीं हुआ। रविवार की शाम खून की उल्टी होने के संग कप्लना की मौत हो गई। लोगों ने कहा कि चार मौत के बाद भी विभाग की आंखें नहीं खूल रहीं हैं।
विज्ञापन
झोलाछाप या आरएमपी से उपचार लेना पड़ा भारी
बीते कुछ दिनों में बुखार से कस्बे के जिन लोगों ने जान गंवाई है उन्होंने शुरुआती दिनों में क्षेत्र के झोलाछाप या आरएमपी डॉक्टरों से उपचार लिया था। कुछ दिन उपचार लेने के बाद जब सुधार नहीं हुआ तो बुलंदशहर में भी चारों ने उपचार भी कराया।
विज्ञापन