{"_id":"6a63c824c3964c11ca01e765","slug":"formulas-on-t-shirts-experiments-in-the-lab-math-is-becoming-easier-thanks-to-the-math-club-noida-news-c-1-noi1095-4536472-2026-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: टी-शर्ट पर सूत्र, लैब में प्रयोग... मैथ्स क्लब से आसान हो रहा गणित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: टी-शर्ट पर सूत्र, लैब में प्रयोग... मैथ्स क्लब से आसान हो रहा गणित
विज्ञापन
- जिले के पहले राजकीय इंटर कॉलेज में शुरू हुआ मैथ्स क्लब, प्रयोग आधारित पढ़ाई से बढ़ी छात्रों की रुचि
नेहा शर्मा
नोएडा। गणित अब सिर्फ किताबों और ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं रहा। सेक्टर-12 स्थित जिले के पहले राजकीय इंटर कॉलेज में शुरू हुए मैथ्स क्लब ने इस विषय को छात्रों के लिए रोचक और व्यावहारिक बना दिया है। यहां विद्यार्थी प्रयोगों, मॉडल, गतिविधियों और विशेष रूप से तैयार की गई टी-शर्ट के जरिए गणित को नए अंदाज में सीख रहे हैं। कभी कठिन लगने वाला विषय अब छात्रों का पसंदीदा बनता जा रहा है।
मैथ्स क्लब से जुड़े छात्रों ने स्वयं टी-शर्ट तैयार की हैं, जिन पर त्रिभुज, वृत्त, विभिन्न ज्यामितीय आकृतियां और गणितीय सूत्र अंकित हैं। इनका उद्देश्य गणित को कक्षा से बाहर लाकर रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ना और विद्यार्थियों में विषय के प्रति रुचि विकसित करना है।
विद्यालय को सरकार की ओर से गणित शिक्षण के लिए विभिन्न उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन ने सीएसआर के माध्यम से भी अतिरिक्त संसाधन जुटाए हैं। इनकी मदद से संचालित मैथ्स लैब में छात्र कठिन अवधारणाओं को प्रयोगों के जरिए समझ रहे हैं, जिससे विषय को लेकर उनकी समझ और आत्मविश्वास दोनों बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
75 से अधिक छात्र शामिल-
मैथ्स क्लब में कक्षा 9 से 12 तक के 75 से अधिक छात्र शामिल हैं। क्लब के लिए दो अलग-अलग समूह बनाए गए हैं। इनमें कई ऐसे विद्यार्थी भी हैं, जिन्हें पहले गणित कठिन लगता था। अब गतिविधि आधारित शिक्षण और प्रयोगों की मदद से वे न केवल सवाल आसानी से हल कर रहे हैं, बल्कि गणित में विशेष रुचि भी लेने लगे हैं।
प्रयोग आधारित शिक्षण पद्धति अपनाएं-
मैथ्स क्लब के शिक्षकों को आईआईटी की ओर से विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि वे आधुनिक और प्रयोग आधारित शिक्षण पद्धति अपनाकर छात्रों को पढ़ा सकें। शिक्षकों का कहना है कि क्लब का उद्देश्य केवल परीक्षा की तैयारी कराना नहीं, बल्कि छात्रों को यह समझाना है कि गणित जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी है।
कोट-
क्लब शुरू होने के बाद छात्रों के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। जो विद्यार्थी पहले गणित से दूरी बनाते थे, वे अब स्वयं प्रश्न हल करने और नई गतिविधियों में भाग लेने के लिए उत्साहित रहते हैं। -डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा, गणित शिक्षक
प्रयोग आधारित शिक्षण और नई तकनीकों के उपयोग से छात्रों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। अब गणित उनके लिए कठिन विषय नहीं, बल्कि समझने, सीखने और रचनात्मकता विकसित करने का माध्यम बन गया है। -मोहित वशिष्ठ, प्रधानाचार्य
विज्ञापन
नेहा शर्मा
नोएडा। गणित अब सिर्फ किताबों और ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं रहा। सेक्टर-12 स्थित जिले के पहले राजकीय इंटर कॉलेज में शुरू हुए मैथ्स क्लब ने इस विषय को छात्रों के लिए रोचक और व्यावहारिक बना दिया है। यहां विद्यार्थी प्रयोगों, मॉडल, गतिविधियों और विशेष रूप से तैयार की गई टी-शर्ट के जरिए गणित को नए अंदाज में सीख रहे हैं। कभी कठिन लगने वाला विषय अब छात्रों का पसंदीदा बनता जा रहा है।
मैथ्स क्लब से जुड़े छात्रों ने स्वयं टी-शर्ट तैयार की हैं, जिन पर त्रिभुज, वृत्त, विभिन्न ज्यामितीय आकृतियां और गणितीय सूत्र अंकित हैं। इनका उद्देश्य गणित को कक्षा से बाहर लाकर रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ना और विद्यार्थियों में विषय के प्रति रुचि विकसित करना है।
विज्ञापन
विद्यालय को सरकार की ओर से गणित शिक्षण के लिए विभिन्न उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन ने सीएसआर के माध्यम से भी अतिरिक्त संसाधन जुटाए हैं। इनकी मदद से संचालित मैथ्स लैब में छात्र कठिन अवधारणाओं को प्रयोगों के जरिए समझ रहे हैं, जिससे विषय को लेकर उनकी समझ और आत्मविश्वास दोनों बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
75 से अधिक छात्र शामिल-
मैथ्स क्लब में कक्षा 9 से 12 तक के 75 से अधिक छात्र शामिल हैं। क्लब के लिए दो अलग-अलग समूह बनाए गए हैं। इनमें कई ऐसे विद्यार्थी भी हैं, जिन्हें पहले गणित कठिन लगता था। अब गतिविधि आधारित शिक्षण और प्रयोगों की मदद से वे न केवल सवाल आसानी से हल कर रहे हैं, बल्कि गणित में विशेष रुचि भी लेने लगे हैं।
प्रयोग आधारित शिक्षण पद्धति अपनाएं-
मैथ्स क्लब के शिक्षकों को आईआईटी की ओर से विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि वे आधुनिक और प्रयोग आधारित शिक्षण पद्धति अपनाकर छात्रों को पढ़ा सकें। शिक्षकों का कहना है कि क्लब का उद्देश्य केवल परीक्षा की तैयारी कराना नहीं, बल्कि छात्रों को यह समझाना है कि गणित जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी है।
कोट-
क्लब शुरू होने के बाद छात्रों के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। जो विद्यार्थी पहले गणित से दूरी बनाते थे, वे अब स्वयं प्रश्न हल करने और नई गतिविधियों में भाग लेने के लिए उत्साहित रहते हैं। -डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा, गणित शिक्षक
प्रयोग आधारित शिक्षण और नई तकनीकों के उपयोग से छात्रों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। अब गणित उनके लिए कठिन विषय नहीं, बल्कि समझने, सीखने और रचनात्मकता विकसित करने का माध्यम बन गया है। -मोहित वशिष्ठ, प्रधानाचार्य